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Nagaur District GK in Hindi नागौर जिला Rajasthan GK in Hindi

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Nagaur District GK in Hindi नागौर जिला Rajasthan GK in Hindi

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 Rajasthan Districts wise General Knowledge

1. अजमेर  6. भरतपुर  11. चित्तौड़गढ़  16. हनुमानगढ़  21. झुंझुनूं  26. पाली  31. सिरोही 
2. अलवर  7. भीलवाड़ा 12. दौसा  17. जयपुर  22. जोधपुर  27. प्रतापगढ़  32. टोंक
3. बांसवाड़ा  8. बीकानेर  13. धौलपुर  18. जैसलमेर  23. करौली  28. राजसमंद  33. उदयपुर 
4. बारां  9. बूंदी  14. डूंगरपुर  19. जालोर  24. कोटा  29. सवाई माधोपुर 
5. बाड़मेर  10. चुरू  15. गंगानगर  20. झालावाड़  25. नागौर  30. सीकर 

नागौर जिले का सामान्य ज्ञान

Rajasthan Gk In Hindi Series 62

Rajasthan Gk In Hindi Series 61

  • नागौर – पंचायती राज की शुरुआत [2 अक्टूबर 1959]
  • v मकराना – संगमरमर के लिए प्रसिद्ध
  • v मेड़ता सिटी – देश की पहली रेल बस [मेड़ता शहर से मेड़ता रोड (15 किमी) सन् 1994 में प्रारम्भ प्रतिदिन यह रेल बस छ: चक्कर लगाती है.
  • v लाडनू – जैन विश्व भारती संस्था
  • v परबतसर – राज्य का सबसे बड़ा पशु मेला
  • v राजस्थान में अनुसूचित जनजाति की सबसे कम आबादी.
  • v राज्य के सर्वाधिक पशु मेले नागौर में आयोजित किए जाते है.
  • v राज्य में सर्वाधिक दलहन का उत्पादक जिला.
  • v सर्वाधिक क्षेत्रफल में मुंग बोई और उत्पादन सर्वाधिक होता है.
  • v पशु सम्पदा नागौर जिला का चौथा स्थान है.
  • v भौगोलिक परिदृश्य à
  • v स्थिति à 25025” से 27040” उत्तरी अक्षांश और 73018 से 75015’ पूर्वी देशांतर के मध्य
  • v वर्षा à17 से.मी.,
  • v क्षेत्रफल à 17,718 वर्ग किमी.
  • v प्रमुख नदी à लूनी
  • v बांध à भाकरी भोलास, हरसोट, मुंडवा का लाखोलाव तालाब, डेगाना का प्रताप सागर, परबतसर का पीर जी का नाका और डेगाना का हरसौर बांध प्रसिद्ध है.
  • v वन à93 वर्ग किलोमीटर. न्यूनतम वन क्षेत्र में नागौर का दूसरा स्थान
  • v इतिहास à राजस्थान के निर्माण से पूर्व नागौर जोधपुर रियासत का भाग था.
  • v प्राचीन नाम à अहिच्छत्रपुर था.
  • v जिला प्रमुख à बिंदु चौधरी
  • v सांसद – ज्योति मिर्धा
  • v जिलाधीश à नागौर जिला कलेक्टर –>अशोक भंडारी
  • Rajasthan Gk In Hindi Series 100

    Rajasthan Gk In Hindi Series 99

  • v लोक देवता à
    • o पीपासर – जांभोजी का जन्मस्थल
    • o खरनाल – तेजाजी का जन्मस्थल
    • o भुंडेल – हडबुजी का स्थान
    • o मेड़ता – कल्लाजी का स्थान
    • o पांचौरा – तल्लीनाथ जी की मूर्ति स्थापित
  • v राजस्थान की धातु नगरी
  • v शिकार प्रतिबंधित क्षेत्र – जरोदा और रोतू
  • v नागौर जिले की बरुण गाँव की बकरियां देश में प्रसिद्ध
  • v नागौरी नस्ल की गाय और बैलो के लिए नागौर में प्रजनन केन्द्र स्थापित
  • v स्थानीय प्रशासन à उपखंड – 9, तहसील -10 , उप तहसीले -7 , कुल राजस्व ग्राम -1577 , ग्राम पंचायत -461 , पुलिस थाने -30 , चौकियां -21 , कारागृह -5 , निकाय -10 , विधानसभा क्षेत्र -10 , पंचायत समिति -11, नवीनतम घोषित ग्राम – 77, पटवार सर्किल -432.
  • v नागौर जिला राजस्थान का सबसे बड़ा जिला है. जिला कलेक्टर जिला प्रशासन का सिर है. जिला प्रशासन में दो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (नागौर एंड डीडवाना) उसे प्रशासनिक कर्तव्यों केनिर्वहन में मदद.
  • v उप डिवीजन कार्यालय — उप विभाजन के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सहायता प्रदान में दस उप मंडल अधिकारी (SDOs) काम करते हैं. नागौर जिले के दस उप डिवीजनों है जो कर रहे हैं:

नागौर, खींवसर, जायल, मेड़ता, डेगाना, डीडवाना, लाडनू, परबतसर, मकराना, नावां

  • v तहसील इस जिले में दस तहसील मुख्यालय हैं. हर एक प्रशासनिक अधिकारी, जो भूमि – रिकॉर्ड करने के लिए ग्रामीण किसानों और जमीन धारकों की सेवा प्रणाली के साथ अनुसार काम करता है के रूप मेंएक तहसीलदार है. जिले की तहसीलें हैं: नागौर, खींवसर, जायल, मेड़ता, डेगाना, डीडवाना, लाडनू, परबतसर, मकराना, नावां

तहसील “पटवार – मंडलों की एक संख्या है, जिनमें से प्रत्येक एक ‘पटवारी landholders औरकिसानों के लिए गांव स्तर पर सेवा में शामिल है. कुचामन, देह, मौलासर, संजू, रियान, भेरुंडा और पीलवा – सात अपर / उप तहसील अर्थात् हैं.

  • v ब्लॉक (पंचायत समितियों) नागौर जिले के 11 पंचायत समितियों ब्लॉक जो विकास इकाइयों में विभाजित है. प्रत्येक ब्लॉक(खंड विकास अधिकारी) बीडीओ ग्रामीण क्षेत्रों में जिला प्रशासन के representives के रूप में सेवा कीहै. नागौर, मुंडवा, जायल, मेड़ता, रिया बड़ी, डेगाना, डीडवाना, लाडनू, परबतसर, मकराना, कुचामन
  • v विभिन्न विकास और ग्रामीण स्तर (ग्राम पंचायत स्तर) पर काम करता है परियोजनाओं ब्लॉककार्यालयों के माध्यम से चलाए जा रहे हैं. एक ग्राम सेवक प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियुक्त किया जाता है विकास कार्यों का रिकार्ड रखने के लिए और आवश्यक विकास कार्य परियोजना. “ग्राम सभा(विलेज बैठक) निश्चित अंतराल पर आयोजित कर रहे हैं गांवों के विकास के बारे में चर्चा. जिले में 461 ग्राम पंचायतों हैं.

डीडवाना को लोग आभा-नगरी उपकाशी के नाम से भी जानते है !

  • v जिले के विधायक à
  • o लाडनू – हरजीराम बुरडक (निर्दलीय)
  • o डीडवाना – रूपराम डूडी (कांग्रेस)
  • o जायल – मंजू मेघवाल (कांग्रेस)
  • o नागौर – हबीबुर्रहमान (भाजपा)
  • o खींवसर – हनुमान बेनीवाल (भाजपा)
  • o मेड़ता – सुखराम मेघवाल (भाजपा)
  • o डेगाना – अजय किलक (भाजपा)
  • o मकराना – जाकिर हुसैन (कांग्रेस)
  • o नावां – महेंद्र चौधरी (कांग्रेस)
  • o परबतसर – मानसिंह (भाजपा)
  • v प्रथम अशोक चक्र विजेता – हवलदार शम्भूदयाल सिंह

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  • v बनवारी लाल जोशी – दिल्ली, मेघालय के उपराज्यपाल और उत्तराखंड के राज्यपाल रहे जोशी को हल में उत्तर प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. (छोटी खाटू गाँव – नागौर)
  • v राजस्थान राज्य टंग्स्टन विकास निगम लि. – डेगाना (22 नवम्बर 1988)
  • v कुचामन – लोकनाट्य कुचामन ख्याल के लिए प्रसिद्ध है. लच्छीराम इसके प्रसिद्ध कलाकार है.
  • v डीडवाना – यहाँ पर खारे पानी की झील स्थित है जिसका विस्तार १० वर्ग किलोमीटर है क्षेत्र है. यहाँ प्रमुख उद्योग राजस्थान स्टेट केमिकल्स वर्क्स स्थित है जो सोडियम सल्फाइड व सोडियम सल्फेट का निर्माण करता है.
  • v गोटन – सन् 1984 में सफेद सीमेंट का बनाने का राज्य का पहला कारखाना स्थित है.
  • v मेड़ता सिटी – भक्त शिरोमणी मीरा बाई का विशाल मंदिर . [ चारभुजा नाथ मंदिर इसका का निर्माण मीरा बाई के पितामह ने करवाया था ] श्रावणी एकादशी से पूर्णिमा तक प्रतिवर्ष झूलोत्सव मेला लगता है. मेड़ता के राजा मालदेव ने भी मालकोट किला बनाया.
  • v जायल – गोठ मांगलोद गाँव में दधिमाता का प्राचीन मंदिर है.
  • v नागौर दुर्ग – अमरसिंह राठौर की नगरी नागौर परकोटे के मध्य बसाई गई थी. नागौर दुर्ग धान्वन दुर्ग का उदाहरण है. राव अमरसिंह राठौर की छतरी – नागौर में झडा तालाब में.
  • v भवाल माता का मंदिर – मेड़ता सिटी से 32 किलोमीटर की पर जसनगर क पास भवाल माता का मंदिर.
  • v जिप्सम – देश में कुल उत्पादित जिप्सम का 93 प्रतिशत राजस्थान में होता है राजस्थान के जिप्सम के दो-तिहाई भण्डार नागौर जिले में है.
  • v डेगाना भाखरी-सामरिक महत्त्व के खनिज टंगस्टन की एकमात्र खान
  • v कुडकी (मेड़ता) कृष्ण भक्त मीराबाई का जन्म स्थान
  • v अबुल फजल , फैजी का जन्म स्थान
  • v डेगाना – देश की सबसे बड़ी टंगस्टन खनन परियोजना
  • v परबतसर – राज्य का सबसे बड़ा पशु मेला वीर तेजाजी

Rajasthan Gk In Hindi Series 62

Rajasthan Gk In Hindi Series 61

डाबड़ा कांड —  ग्राम डाबड़ा में 13 मार्च 1947  को किसानों एवं जमींदारों के बीच घमासान युद्ध लड़ा गया था। इसमें पांच किसान नेताओं को अपनी जान गंवानी पड़ी व कई घायल हुए।

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District Statistics

                                 CENSUS DATA 2011 (Provisional)

     Category Numbers
Total Population 3309234
Male 1698760
Female 1610474
% Decadal Growth (2001-11) 19.25
Sex Ratio 948
Density 187
Child Population (0-6) 498585
Literacy Rate (Total) 64.08
Literacy Rate (Male) 78.90
Literacy Rate (Female) 48.63

Panchayati Raj

S.N. Name of Panchayat Samiti (P.S.) P.S. Members Gram Panchayats Total Wards in P.S. Total Zila Parishad Members
1 Nagaur 27 47 565 47
2 Mundwa 23 39 449
3 जायल 27 45 527
4 Merta 21 34 422
5 Riyan 21 38 438
6 डेगाना 25 43 497
7 Didwana 33 57 677
8 Ladnu 19 32 376
9 परबतसर 21 35 427
10 Makrana 25 36 466
11 Kuchaman 31 55 633
12 Total 273 461 5477

          Religion wise Percentage                  

     Religion As per 1991 Census As per 2001 Census
Numbers Percentage (%) Numbers Percentage (%)
Hindu 1867744 87.08 2399173 86.45
Muslim 259632 12.11 356405 12.84
Sikh 197 0.01 998 0.04
Jain 16743 0.77 17478 0.63
Critstian 312 0.02 570 0.02
Other 182 0.01 434 0.02
Total 2144810 100% 2775058 100%

                       Police Network

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     Rank Numbers (Strength)
Superintendent of Police  (S.P.) 1
Addl. Superintendent of Police  (Addl.S.P.) 2
Deputy Superintendent of Police  (Dy.S.P.) 7
Inspector 12
Sub Inspector  (S.I.) 63
Assistant Sub Inspector  (A.S.I.) 103
Head Constable 147
Constable 1374
Police Thana 31
Police Chowkies 30

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                          Education

Descriptions Numbers
Sr. Secondary Schools 270
Secondary Schools 471
Middle Schools 2407
Primary Schools 3043
School Lecturers (strength) 767
Second Grade Teachers (strength) 3193
Third Grade Teachers (strength) 11021


Health

Description Nos.
Hospitals / Dispensaries 11
Primary Health Centres 968
Sub Health Centres 679
Beds 1458
Community Health Centres 17
Block Primary Health Centres 11
Medical Relief Society 105
Ayurvedic Hospitals / Dispensaries 154
Homeopathic Hospitals 3
Yunani Hospitals 4
Allopethic Hospitals 2

                    
Banking facilities

S.No. Name of Bank/Institution No. of Branches
1 United Commercial Bank (UCO Bank) 20
2 State Bank of Bikaner & Jaipur 32
3 State Bank of India 6
4 Centra Bank of India 10
5 Panjab National Bank 4
6 Oriental Bank of Commerce 4
7 Bank of Baroda 3
8 Canara Bank 3
9 Bank of Rajasthan / ICICI 8
10 IndusInd Bank 2
11 Union Bank of India 1
12 Axis Bank 1
13 Corporation Bank 1
14 Jaipur Nagaur Anchlik Gramin Bank 57
15 Nagaur Central Cooperative Bank 15
16 Nagaur Bhumi Vikas Bank 4
17 Nagaur Unban Cooperative Bank 2
18 Rajathan Finance Corporation (R.F.C.) 2
19 Khadi Gramodyog Board (K.V.I.B.) 1

Communication Network 

S.No. Category Numbers
1 Post Office 542
2 Telegraph Offices 2
3 Telephone Exchanges 168
4 Public Call Offices 1158

                Energy  

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S.No. Description Numbers
1 Consumers 343241
2 Electricity Comsumed (MKV) 1378.46 LU
3 Electrified Wells 43318
4 400 KVA GSS 1
5 220 KVA GSS 5
6 132 KVA GSS 22 (1 in progress)
7 33 KVA Sub Station 246
8 33 KV Line 2612.816
9 11 KV Line 15939.531
10 LT Line 18790.649

Road Network 

S.No. Category of Road Length in Kms.
1 National Highway  (N.H. No. 65, 89) 330.00
2 B.T. Road 7069.70
3 Metal Road 1.50
4 Gravel Road 321.85
5 Kuchcha Road 28.85
Total 7750.90

नागौर की बेटी ने एवरेस्ट पर फहराया हिन्दुस्तान का झंडा —  दीपिका राठौड़ [मई 2012, मौलासर(डीडवाना)]

नए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक – डॉ. लक्ष्मण सिंह राठौड़ [2012]

नागौर जिले में पर्यटक स्थल

 

नागौर किले – सैंडी किला, केन्द्र स्थित है, 2 सदी पुराने, देखा कई लड़ाइयों, उदात्त दीवारों और विशाल परिसर, कई महलों और मंदिरों के अंदर रही है.

Tarkeen दरगाह – अजमेर दरगाह के बाद हाल प्रसिद्ध पवित्र जगह है, मुसलमानों और सूफियों के लिए.

ग्लास में जैन मंदिर – कांच की बुलंद संरचना, जैन समुदाय के लिए पवित्र जगह.

Saiji का टंका – एक प्रसिद्ध संत की समाधि, सादगी और सच्चाई के साथ आत्मा की मुक्ति प्रेरित करती है, सांप्रदायिक सौहार्द के एक प्रतीक है.

अन्य स्थानों अमर सिंह राठौड़ की कब्र, बंसीवाला मंदिर, नाथ जी की छतरी, बरली

खींवसर — खींवसर फोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग जोधपुर की ओर नंबर 65 पर नागौर से 42 किमी दूर स्थित है, थार रेगिस्तान के बीच में 500 साल पुराना किला, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होटल में बदल गयाहै. मुगल सम्राट औरंगजेब यहाँ रहने खींवसर शहर के 25 छोटे मंदिरों, काला हिरण झुंड में घूम केएक बहुत लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण हैं.

पशु मेले

रामदेव पशु मेला à नागौर (राजस्थान का तीसरा सबसे बड़ा पशु मेला) [माघ]

वीर तेजाजी मेला à परबतसर (राजस्थान का दूसरा बड़ा मेला) [श्रावण]

Other important Fairs of Nagaur District

S.No. Name of fair Place   Date
1 Sheetla Asthami mela Nagaur Chaitra Krishna Asthami
2 Hariram baba ka mela Jhorda Bhadwa Shukla Chaturthi-Panchami
3 Hanumanji ka mela Shribalaji Chaitra Shukla Purnima, Ashvin Shukla Purnima
4 Meerabai Charbhuja mela Merta City Baishakh Shukla Ekadasi-Purnima
5 Parsawanathji ka mela Merta Road Bhadra Shukla Dashami
6 Sufi Tarkeen Salana Urs Nagaur Zamadi-Ul-Awwal
7 Mataji ka mela Goth Maglod Ashwin & Chaitra Navratra
8 Mataji ka mela Bhanwal Ashwin & Chaitra Navratra
9 Gusaiji ka mela Junjala Ashwin Shukla
10 Jhulotsawa Molasar Shrawan Shukla Ekadasi-Purnima
11 Jhulotsawa Jaswantgarh Shrawan Shukla Ekadasi-Purnima
12 Shivratri mela Nagaur Falgun Krishna Trayodashi
13 Narsingh Chaturdarshi mela Nagaur Vaishakh Sukla Chaturdashi
14 Varah Avtar Mahotsava Nagaur Vaishakh Sukla Purnima
15 Krishna Janamotsava mela Nagaur Bhadra Krishna Ashthami
16 Pitra Shrad mela Chenar, Nagaur Bhadwa Krishna Amawasya
17 Urs mela Rol Muslim date
18 Didwana  mela Didwana Maghsheersh Krishna

अन्यस्थानों

मारोठ – नागौर जिले के नावां तहसील में स्थित। 11 नावां एंड कुचामन सड़क रेलवे स्टेशन से दूर 11 किमी से दूर किलोमीटर दूर।

हरसोर – नागौर जिले के डेगाना तहसील में स्थित। डेगाना से 30 किलोमीटर

Phalvardhika (Phalodi) – Merta सड़क रेलवे स्टेशन के पास नागौर जिले के Merta tehsil में स्थित। एक पुराने मंदिर के Brahamani विदेशी Phalvardhika करने के लिए गढ़ता रहा सदी से संबंधित माता के रूप में जाना जाता है या पहले भी। कुछ विश्वास मंदिर Pratihara अवधि के दौरान का निर्माण किया गया था और Merta शहर से 11 किलोमीटर दूर स्थित है।

Khatu – Khatu के पुराने नाम था Shatkup (छह कुओं #। जब Shak शासकों भारत आए तो वे दो नए वेल्स जो Shakandhu कहा जाता था उनके साथ लाया # Stepwell # & Kalandh # Rahat #। Accoring Prathivraj Raso Khatu के पुराने नाम के लिए Khatwan था। पुराने Khatu लगभग नष्ट कर दिया है। अब दो गांवों वहाँ रहे हैं, एक बारी Khatu और अन्य छोटी छोटी Khatu कहा जाता है। छोटी छोटी Khatu के पहाड़ी पर एक छोटा सा फोर्ट खड़ा है। फोर्ट Prathviraj चौहान द्वारा बनाया गया था। एक पुरानी stepwell पेशकश छोटी Khatu, फूल Bawadi रूप में जाना जाता है में स्थित है, यह माना जाता है कि इस stepwell Gurjara Pratihara की अवधि में निर्माण किया गया था। इस stepwell वास्तुकला की अपनी शैली में कलात्मक है।

Harsolav – यह माना जाता है कि इस गांव कई सदियों पुरानी है। यह एक पुराने किले है एक गणेश मंदिर, जैन मंदिर एवं रामचंद्र Gurjar जो एक यात्रा के लायक है की एक cenotaph. एक इमारत में देखा सुंदर पत्थर नक्काशियों कर सकते हैं। गांव नागौर जिले के Merta tehsil में Gothan-जोधपुर रोड पर स्थित है।

Mundiyad – यह स्थित है के बारे में 25 किलोमीटर दूर नागौर से जिला मुख्यालय. नागौर tehsil में। गांव सदियों पुरानी है, है यह मानना है कि गांव मुंद्रा माहेश्वरी द्वारा स्थापित किया गया था, इसलिए यह Mundiyad कहा जाता है है। यहाँ एक पुरानी Mataji मंदिर एवं समाधियों जागीरदारों एंड medival काल के Charans की है। वहाँ भी है एक छोटा सा गणेश मंदिर के पास लोगों द्वारा के बीच बहुत प्रसिद्ध।

Manjhwas – गांव “Pashupati नाथ मंदिर” & “Phulabai मंदिर” के लिए प्रसिद्ध है। यह 20 किमी नागौर जिला मुख्यालय. देह मार्ग पर से दूर है। Pashupati नाथ मंदिर भारत में अद्वितीय है और काठमांडू, नेपाल के रूप में archelogically का निर्माण किया। Phulabai सेंट साल 1938 में किसी जाट परिवार में पैदा हुआ था। वह अत्यधिक बचपन से सही भगवान राम को समर्पित किया गया और उसे खर्च “भक्ति” और “Kirtana” श्रीराम का में समय की सबसे।

Ren – इस गांव नागौर जिले के Merta Tehsil में स्थित है। 15 किलोमीटर दूर। Merta शहर से दूर। यहाँ एक प्रसिद्ध Peeth राम Sanehi समुदाय का है। यह माना जाता है कि आदि Acharaya Daryavji राम Sanehi समुदाय के “tapsaya” यहाँ प्रदर्शन किया। हर साल चैत्र के महीने में पूरी दोपहर पर एक बड़ा मेला आयोजित की जाती है।

Kurki – Kurki नागौर जिले के Merta Tehsil में एक छोटा सा गांव है। यह प्रसिद्ध राजकुमारी और कवयित्री, Meera बाई, के बारे में 30 किलोमीटर का जन्म स्थान है। Merta से।

Kharnal – यह नागौर से लगभग 15 किलोमीटर के पास नागौर जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। इसे लोकसभा गोलू देवता वीर Tejaji के जन्म स्थान है। यह माना जाता है कि Kharnal Dhawal Khichi जो Choudhan शासक Gundal राव Khichi Jayal राज्य की 5 वीं पीढ़ी में थे द्वारा स्थापित किया गया था। यह माना जाता है कि वीर Tejaji Dhawal Khichi का बेटा था।

Jhorda – यह स्थित है नागौर के उत्तर पर के बारे में 30 किलोमीटर दूर। यह महान संत बाबा Hariram और कवि Kandan Kalpit के जन्म स्थान है। हर वर्ष Bhadrapad Chaturthy एंड Panchmi एक बड़ी वार्षिक निष्पक्ष यहाँ आयोजित किया है के महीने में जहां के बारे में 1-2 लाख लोगों को भाग लेने के जो राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब से आए।

बेटा
नगर – यह जिले के उत्तर-पश्चिम सीमा पर स्थित है और विदेशी पर्यटकों जो रेगिस्तान जीवन शैली यहाँ का आनंद लें कर सकते हैं के लिए एक पसंदीदा जगह है। गांव में एक छोटा संग्रहालय जहां राजस्थानी जीवन शैली वस्तुओं प्रदर्शित & हैं एकत्र की है। # इस गांव भी अपनी कलात्मक “Kathi” के लिए प्रसिद्ध है-ऊंटों और घोड़ों के लिए काठी. #

Gogelav – इस गांव लोक गोलू देवता Gogaji के नाम में स्थापित किया गया था और यह माना जाता है कि Gogaji के Barat-शादी पार्टी यहाँ रहे थे। 150 के बारे में प्रवेश द्वार के निकट गांव में, वहाँ रहे हैं और उनमें से कुछ पत्थर नक्काशियों के साथ बहुत सुंदर हैं। मुख्य रूप से एंपोरियम Mahajans गांव के निवासी हैं और सुंदर और बड़े havelies उन से संबंधित हैं। प्रमुख एंपोरियम महाजन परिवारों के अधिकांश शतक, चेन्नई और भारत के अन्य बड़े शहरों के लिए यहाँ से चले गए हैं और काफी इन परिवारों के कुछ संयुक्त राज्य अमेरिका, दुबई, जर्मनी और ईरान में प्रयोजनों के व्यापार के लिए तय कर रहे हैं।

Peepasar – Peepasar नागौर जिले के नागौर Tehsil में एक छोटा सा गांव है। यह महान सेंट Jambhoji, Vishnoi समुदाय के संस्थापक के जन्म स्थान है।

Panchla Sidha – Panchla Sidha, नागौर से 60 किमी पश्चिम नागौर जिले के Khinvsar Tehsil में एक छोटा सा गांव है। यह Jasnath समुदाय के लिए प्रसिद्ध है। यह एक होली 1575 में की स्थापना की सिद्ध पद्धति Peeth नामक तीर्थ है विक्रम Samwat, Siddh सेंट Boyatji द्वारा। वहाँ एक Citedal श्री जगत सिंह, उदयपुर के महाराजा द्वारा बनाया गया है। जोधपुर के महाराजा जसवंत सिंह conservations वन्य जीवन के लिए Peeth के लिए भूमि प्रस्तुत किया। इस Peeth आध्यात्मिक शिक्षण, tantras और योग के माध्यम से जनता के कल्याण के लिए समर्पित है। सांस्कृतिक और धार्मिक मेलों फरवरी, अप्रैल और हर साल सितंबर के महीने में इस होली द्वारा आयोजित कर रहे हैं peeth. मुख्य त्योहार falls एक वर्ष में दो बार एक बड़ी “जागरण” और “अग्रि Nriyta (आग नृत्य)” है। आग नृत्य अनुयायियों के में peeth आग पर नंगे पांव नृत्य। वर्तमान में peeth अपने peethadheesh Siddh श्री सूरज नाथ जी द्वारा की अध्यक्षता है जो खुद को योग का एक अच्छा शिक्षक (गुरु) है और करता है योग शिविरों में भारत और विदेशों में विभिन्न स्थानों पर।

Khundiyas – Khundiyas (Parbatsar) “बाबा RamdeoJi” Parbatsar Tehsil में नागौर जिले के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

Kinsariya – Kinsariya नागौर जिले के Parbatsar Tehsil में “Keway माता” के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

Butati – Butati सेंट श्री Chaturdasji नागौर जिले के एक जन्म स्थान है। Butati यह है देवत्व के लिए प्रसिद्ध है। पक्षाघात रोगियों से सब कुछ खत्म भारत हर दिन Butat मंदिर पर जाएँ और अपने वसूली के लिए प्रार्थना करने के लिए इस्तेमाल किया।इस गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 89, लगभग 31 से किलोमीटर Merta सिटी, चारों ओर 49 से किमी नागौर सिटी, लगभग 110 किमी अजमेर से स्थित है। श्री Chaturdasji महाराज के मंदिर बहुत अच्छी तरह से जाना जाता है और निकट राजस्थान में भारत में अमेरिका द्वारा। कई मरीज पक्षाघात का इलाज करने के लिए राज्य भर में आया था। पक्षाघात के रोगियों के लिए स्वर्ग।

Nagaur District GK in Hindi नागौर जिला Rajasthan GK in Hindi

Nagaur: History, Geography, Places

Location, Area & Administration of Nagaur:

Nagaur districtis located in the heart of the Rajasthan state between 260.25” & 270.40” North Latitude & 730.10” & 750.15” East Longitude. The district boundary is shared by seven districts of Rajasthan viz.-Jaipur, Ajmer, Pali, Jodhpur, Bikaner, Churu and Sikar.

Nagaur is the fifth largest district in Rajasthan with an area of  17,718 Square Kms. It has been divided into 12 tehsils namely . Nagaur, Merta, Jayal, Ladnun, Didwana, Nawa, Makrana, Degana, Parbatsar, Khimsar, Kuchaman City and Mundwa.

Imagesource: MapsofIndia
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History of Nagaur:

Glorified by the bards, the history of Nagaur finds mention even in the Mahabharata. The kingdom of Ahichhatrapur which Arjuna is said to have conquered and offered to his Guru Dronacharya, was perhaps some of the area of the Nagaur district. It was the capital of Jangladesh.

The foundation of city dates back to 4th century BC. Nagas originally ruled over this place and about 7th century onwards the Chauhans became the overlords of Nagaur and it was included in Sapadalaksha.

After independence, Nagaur had the honour of being selected as the place in the country from where the Democratic Decentralisation (Panchayati Raj) process was launched by the late Shri Jawaharlal Nehru, the first Prime Minister of India on the 2nd October 1959.

Historical Places of Nagaur:

Nagaur Fort:nagaur-fort

It is said that Nagaur fort was initially built by ruler of Nag dynasty in 2nd century and was then rebuilt in the early 12th century. This fort has witnessed several battles and has also been altered multiple times. Being one of the first Mughal strongholds in North-India it is an outstanding example of Rajput-Mughal architecture.

Khimsar Fort:khimsar

It is said that the Nagaur fort was initially built by the ruler of the Nag dynasty in 2nd century, and this 500 year old fort, located on the eastern edge of the Thar Desert was built in about 1523. Mughal Emperor Aurangzeb used to stay at this fort. Black deer roam in herds around this fort.

Makrana:

Nagaur district is well known in the world over owing to the presence of Makrana marble. Marble occurring in the vicinity of Makrana town is so famous that ‘Makrana’ has become the synonymous of marble. Word famous Taj Mahal of Agra: Victoria Memorial, Kolkata: Delwara Jain Temple at Mount Abu and Ranakpur Temple in Pali & other famous monuments of excellent architectural art and beauty are constructed of Makrana marble.

Kuchaman Fort:kuchaman_fort

Kuchaman Fort is the oldest & most inaccessible forts of Rajasthan. Situated on top of a straight hill, it possess unique water harvesting system, a beautiful palace and stunning wall paintings. The rulers of Jodhpur used to mint their gold and silver currency here.

Khatu

Khatu’s old name was Shatkup (six wells). When Shak rulers came to India then they brought two new wells with them which were called Shakandhu (Stepwell) & Kalandh (Rahat). Accoring to Prathivraj Raso, Khatu’s old name was Khatwan. Old Khatu is almost destroyed. Now there are two villages, one is called Bari Khatu & other Chhoti Khatu. On the hillock of Chhoti Khatu a small fort built by Prathviraj Chouhan still stands. An old stepwell is located in Chhoti Khatu, known as Phool Bawadi, is believed to be constructed in Gurjara Pratihara period.

Ladnun:

The town of Ladnu in the district has gained its place on the map of the country being the headquarters of the famous ‘Jain Vishwa Bharti’ which has become a centre of spiritual learning & knowledge under the leadership of Acharya Tulsi, a great Jain saint, who has propagated the philosophy of “ANUVRAT” in order to enlighten people in this area of the country.

Dadhimati Temple:

Also known as Goth-Manglod temple, 40 km away from Nagaur; the oldest temple of the district constructed during the Gupta Dynasty (4th Century), Kul Devi of Dadhich Brahimins.

Gogelav:

This village was established in the name of Lok Devta Gogaji and it is believed that Gogaji’s Barat-marriage party had stayed here.

Fairs & Festivals of Nagaur:

Ramdeo Cattle Fair Ramdev

This is the third largest cattle fair in Rajasthan founded by the great King of the Jodhpur Dynasty, Umed Singh in honour of Shri Ramdeoji 56 years back. The fair continues to be held in the month of Magh (January / February). Although the famous Nagauri bull is the prime attraction of the fair, the indigenous breeds of camel, horses, bullocks, buffalos, goat and sheep are in no way less attractive buys. Traders from all over the country participate actively and vie with each other in purchasing high pedigree animals to upgrade their cattle.

Baldeo Cattle Fair:Baldeo

It is held in the month of Chaitra (March / April) at Merta city every year. Its history dates back 36 years when this fair was initiated in the memory of the great leader of the farmers Baldeo Ram Mirdha. The Nagauri breed of cattle are traded here in abundance and cattle competitions are the biggest attraction of the fair, providing a glimpse of rural Rajasthan.

Veer Tejaji Fair

Veer tejajiThis is the second largest fair held every year in the month of Shrawan (August / September) at Parbatsar. It is primarily cattle fair but routine things are also bought and sold. Its history dates back to pre-Independence.

Apart from the above mentioned fairs, a number of other fairs are also held in Nagaur district. These include the Sheetla Asthami mela, Hariram baba ka mela, Hanumanji ka mela, Meerabai Charbhuja mela, Parsawanathji ka mela, Sufi Tarkeen Salana Urs, Mataji ka mela, Gusaiji ka mela, Jhulotsawa and the Narsingh Chaturdarshi mela among others.

Geography of Nagaur:

A big part of the district is covered by blown sand and sand dunes which form part of the great Thar district. Active dunes and sand shifting are main hazards to cultivation. Sand dunes are common in the north and western parts, where they arise over 30 meters and are aligned in a north west and south cast direction. Constant deterioration of soil and mining activity has resulted in soil erosion.

The Aravali range of hills passes in eastern and south eastern part of the district. The average elevation of the hills in district is barely 310 meters.

A big salt lake exists about 3 Km., to the South West of Deedwana. A part of the famous Sambhar lake falls in Nagaur district.

There is no perennial river in the district, River Luni is a non-perennial river which flows through the district. The flow of river-Luni depends upon the volume of rain fall it receives during monsoons. The river rises near Pushkar in Ajmer district and after passing over the Western slopes of the Aravali enters Nagaur district in the south and flows through it towards the west for nearly 37 Kilometers before entering Pali district.

The western part of the district is devoid of natural vegetation cover except for low hurbs and grass which grows on low sand dunes. However, the south-eastern part of the district and part of the northern tehsil of Ladnun & Deedwana have much greater greenery as compared to north-west part of the district Khejri trees are commonly found in the district.

Natural Resources/ Minerals of Nagaur:

It is the Makrana marble which has brought the Nagaur district on mineral map of the world. Other than the marble, limestone of varying grades. i.e. SMS grade, cement grade and chemical grade: tungsten, gypsum, lignite, halite with potash, clay etc. are important mineral resources of district. Mineral wise description is given as below:

LIMESTONE:

Limestone occurring in the district belongs to Bilara Group of Marwar Supergroup. It occurs in three prominent belts.

  • The first major and important belt is passing through Gotan, Bilara, Heera, Keria, Hari Singh, Bhawanda, Tadas, Tankla, Manakpur, Bher, Madpura-Gujron Ki Dhani, Chawandia and Tantwas.
  • The second one is passing through Mundwa, Rol-Quazia, Gangwana, Surjniyawas Somna and Deh.
  • The third belt which is comparatively smaller is located between Jayal and Katothi.

LIGNITE

  • As a result of exploration activities of various agencies in Rajasthan, lignite deposits/ occurrences have been proved at 34 locations in Bikaner, Nagaur and Barmer districts.
  • In Nagaur, Lignite deposits have been confirmed at 9 locations viz. Merta Road and Meera Nagar, Mokala, Indawar, Kasnau-Igear, Kuchera, Matasukh, Kaparion-Ki-Dhani, Nimbri Chandawatan and Lunsare.

MARBLE:

  • Since long Makrana in tehsil Parabatsar is known in the world for the production of quality marble.
  • Makrana marble belt has been divided into 14 blocks. Out of these 14 blocks, marble produced from Chausara block is white in colour and of best quality.

GYPSUM

  • Thick gypseous beds belonging to Nagaur formation are found around Nagaur, Bhadwasi, Khairat, Malgan, Manglot, Pilanwasi and Untiwalia village.

TUNGSTEN

  • Occurrences of tungsten in India are very few, the best known deposit being those of Degana area in Nagaur district. Here tungsten ore occurs in quartz veins along shear zones in the granite and also as stock works in these hills. It also occurs as alluvial deposit around the foot hills.

SANDSTONE

  • The sandstone of Jodhpur group of rocks is exploited from Khatu and Ladnun area. Near Harsolpv and Nagaur, sandstone is extensively quarried for masonary purpose.

CLAYS

  • The clays occurring in the district belong to the category of china clay and highly plastic ball clays which are added to induce plasticity and high bonding quality.
  • Clay occurs at occur at Khajwana, Kuladah, Indawar, Mundwa, Nimbri Chundawatan, Saradhana and Huldah.

FULLER’S EARTH

  • In Nagaur district kuchera – Khajwana Formation (Eocene age) is reported to contain fuller’s earth associated with ferrugineous grits, gritty felspathic sandstone, black shale and lignite.

COMMON SALT

Salt lake of Nagaur district are considered as an important sources of salt production in the country. The salt lakes of district include:

  • The Sambhar lake near Nawa which is partly in Jaipur district,
  • Didwana lake
  • Kuchaman lake
  • Sargot lake

Population:

  • As per the 2011 census, the population of the district is 33,07,743, which is 4.82% of the total population of the State.
  • Decadal Growth of population between 2011 and 2011 was 19.20%.
  • The density of population in the district is 187 persons persq.km, as against 200 of Rajasthan as a whole.
  • Literacy rate is 62.80%. Out of this literate population 77.20% are males and 47.80% are females.

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