Short Essay on 'Kanhaiyalal Mishra Prabhakar' in Hindi | 'Kanhaiyalal Mishra Prabhakar' par Nibandh (100 Words) | Hindigk50k

Short Essay on ‘Kanhaiyalal Mishra Prabhakar’ in Hindi | ‘Kanhaiyalal Mishra Prabhakar’ par Nibandh (100 Words)

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कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’

कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ का जन्म सहारनपुर जिले के देवबंद गॉंव में सन 1906 ई0 को हुआ। इन्हें एक श्रेष्ठ निबंध-लेखक, संस्मरणकार तथा लघु कथाकार के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त है। इनकी शैली दृष्टान्तपरक और मर्म को छूने वाली है। यह अपनी बात और भावनाओं को व्यक्त करने में सिद्धहस्त हैं। जीवन की छोटी सी घटना भी कितनी महत्वपूर्ण और उत्प्रेरक हो सकती है, यह इनके साहित्य में सर्वत्र दृष्टगत होता है।

‘तपती पगडंडियों पर पद यात्रा’, ‘जिंदगी मुस्कुराई’, बाज पायलिया के घुन्घारे’, ‘मोटी हो गई सेना’, क्षणबोले कण मुस्काएं’, ‘दीपजले, शंख बजे’ आदि कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ की उल्लेखनीय कृतियाँ हैं।

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