Short Essay on ‘Jaishankar Prasad’ in Hindi | ‘Jaishankar Prasad’ par Nibandh (110 Words)

Short Essay on ‘Jaishankar Prasad’ in Hindi | ‘Jaishankar Prasad’ par Nibandh (110 Words) Hindi Essay in 100-200 words, Hindi Essay in 500 words, Hindi Essay in 400 words, list of hindi essay topics, hindi essays for class 4, hindi essays for class 10, hindi essays for class 9, hindi essays for class 7, hindi essay topics for college students, hindi essays for class 6, hindi essays for class 8

Short Essay on ‘Jaishankar Prasad’ in Hindi | ‘Jaishankar Prasad’ par Nibandh (110 Words)

जयशंकर प्रसाद

‘जयशंकर प्रसाद’ का जन्म 30 जनवरी, 1889 ई० में उत्तर प्रदेश, भारत के वाराणसी के एक संभ्रांत वैश्य परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम बाबू देवकी प्रसाद था जो सुंघनी साहू के नाम से प्रसिद्द थे। इनकी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई। इन्होने घर पर ही रहकर संस्कृत, हिंदी, फ़ारसी और उर्दू का अध्ययन किया। प्रसादजी को किशोरावस्था में ही पारिवारिक उत्तरदायित्व भी संभालना पड़ा।

जयशंकर प्रसाद एक प्रसिद्द कवि, नाटककार एवं कथाकार थे। ‘कामायनी’, ‘आँसू’, ‘झरना’ एवं ‘लहर’ आदि इनकी प्रसिद्द काव्य-कृतियां हैं। इनके प्रमुख नाटक ‘अजातशत्रु’, ‘ध्रुवस्वामिनी’ एवं ‘चन्द्रगुप्त’ आदि हैं। प्रसादजी ने अनेक प्रसिद्द कहानियां भी लिखी हैं। 14 जनवरी, 1937 को जयशंकर प्रसाद का निधन हुआ।

Short Essay on ‘Jaishankar Prasad’ in Hindi | ‘Jaishankar Prasad’ par Nibandh (110 Words)

 

Comments

comments

Leave a Comment

error: