Short Essay on 'Bhagwati Charan Verma' in Hindi | 'Bhagwati Charan Verma' par Nibandh (160 Words) | Hindigk50k

Short Essay on ‘Bhagwati Charan Verma’ in Hindi | ‘Bhagwati Charan Verma’ par Nibandh (160 Words)

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भगवती चरण वर्मा

‘भगवती चरण वर्मा’ का जन्म शफीपुर, जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश, भारत में 30 अगस्त, 1903 में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी०ए०, एल०एल०बी० की परीक्षा उत्तीर्ण की। भगवती चरण वर्मा ने शिक्षा समाप्त करने के बाद वकालत की लेकिन बाद में फ़िल्म, आकाशवाणी और सम्पादन कार्य से जुड़ गए। भगवती चरण वर्मा हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे।

भगवती चरण वर्मा ने अनेक उपन्यास लिखे हैं। ‘चित्रलेख’ उपन्यास पर बनी फ़िल्म से इनको अत्यधिक ख्याति मिली। 1961 ईo में उनको ‘भूले बिसरे चित्र’ महाकाव्य के लिए ‘साहित्य अकादमी’ पुरस्कार मिला। साथ ही, 1971 में भारत का सर्वोच्च सम्मान ‘पद्म-भूषण’ भी उनको मिला और 1978 में वे राज्य सभा के लिए मनोनीत हुए। भगवती चरण वर्मा की प्रमुख रचनाएँ निम्न हैं- मधुकरण, प्रेम-संगीत, मानव, रंगों से मोह, पतन, चित्रलेख, तीन वर्ष, इंस्टालमेंट, दो बाँके, एक दिन, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, हमारी उलझन, भूले-बिसरे चित्र आदि। भगवती चरण वर्मा का निधन 5 अक्टूबर, 1981 को हुआ।

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