Short Essay on ‘Babu Gulabrai’ in Hindi | ‘Babu Gulabrai’ par Nibandh (165 Words)

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बाबू गुलाबराय

बाबू गुलाबराय का जन्म सन 17 जनवरी 1888 ई0 में इटावा के छ्पैटी मोहल्ले में हुआ था। इनके पिता का नाम बाबू भवानी प्रसाद था जो न्यायालय में मुन्सरिफ थे। इनकी माता श्रीमती गोमती देवी एक धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। बाबू गुलाबराय ने एम0ए0 एवं एल0एल0बी0 की शिक्षा आगरा विश्वविद्यालय से पूर्ण की। इनके जीवन-क्रम एवं चिंतन पर वेदांती और धार्मिक घरेलू वातावरण का भरपूर प्रभाव पड़ा था।

बाबू गुलाबराय को साहित्य के अध्ययन-अध्यापन का मुख्य शौक रहा है। बाबू गुलाबराय की विभिन्न पक्षों पर ढेरों रचनाएँ हैं- दर्शन, साहित्य, आलोचना, साहित्य का इतिहास, निबंध, बाल साहित्य इत्यादि। सभी क्षेत्रों में इनकी कलम योग्यता के साथ चली है। गद्यकारों में बाबू गुलाबराय का विशिष्ट स्थान और मान है। बाबू गुलाबराय का भाषा पर अद्भुत अधिकार रहा है। उनके लिए जैसा विषय रहा, वैसी ही भाषा पर सदा सरल और रोचक उनकी पकड़ रही।

उनकी मृत्यु 13 अप्रैल सन उन्नीस सौ तिरसठ में हुई।

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