Most Important Descriptive Essay topics for SSC CGL ibps po

1. Demonetization – Gains and the loses
2. Triple Talaq
3. Farmer’s-suicide-issue
4. Should India accept Rohingya Refugees
5. Improvements in our Education System?
6. Impact of Consolidation and merger in Banking Sector-
7. Merger of SBI Associate and Bharatiya Mahila Bank with SBI
8. Future of Banking Industry
9. What is the impact of Reliance Jio to other telecom operators?
10. What is Bharat QR Code?
11. Demonetization and its impact on Indian Economy
12. Reason behind increasing NPA in PSU Banks while private sector banks making profit
13. What is Cyber Swachhta Kendra?
14. What is Mobile Wallet/e-wallet- like PayTM, Jio Money, Airtel Money PayUMoney & its impact on society?
15. GST and its impact on Indian Economy
16. Sanitation and Cleanliness in India
17. Pros and cons of allowing 10 year old children to open bank accounts
18. Demonetization of old 500 & 1000 rupees notes – Is it a good move?
19. Sexual harassment in workplace causes and remedies.
20. China’s One Belt One Road (OBOR) Project
21. Present Education System in India
22. Women Empowerment in India
23. SBI merger with associate banks – Good or Bad?
24. Loan waiver for farmers – Good or Bad?
25. Impact of Demonetization on Indian Economy
26. Union Budget 2017-18 – Is it beneficial for the common man?
27. Is India ready to be a Cashless Economy?
28. Is it really worth to become a cashless economy?
29. How can we deal with increasing Cyber Crimes?
30. India’s fight against ‘Black Money’
31. Alcohol Ban in India – Pros and Cons
32. Evolution of Bitcoin : The Virtual Currency
33. 7 Challenges faced by E-Commerce in India

The Most Popular Argumentative Essay Topics of 2017

70 Argumentative Essay Topics That Will Put Up a Good Fight

Essay on various topics, Current Topics and General Issues for

100 Cause and Effect Essay Topics,

400 Topics for Essays and Speeches,

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यूनेस्को की विश्व विरासत में शामिल भारतीय धरोहर स्थल

यूनेस्को की विश्व विरासत में शामिल भारतीय धरोहर स्थल

1. ताजमहल – उत्तर प्रदेश [1983]
2. आगरा का किला – उत्तर प्रदेश [1983]
3. अजंता की गुफाएं – महाराष्ट्र [1983]
4. एलोरा की गुफाएं – महाराष्ट्र [1983]
5. कोणार्क का सूर्य मंदिर – ओडिशा [1984]
6. महाबलिपुरम् का स्मारक समूह -तमिलनाडू [1984]
7. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान – असोम [1985]
8. मानस वन्य जीव अभयारण्य – असोम [1985]
9. केवला देव राष्ट्रीय उद्यान – राजस्थान [1985]
10. पुराने गोवा के चर्च व मठ – गोवा [1986]
11. मुगल सिटी, फतेहपुर सिकरी – उत्तर प्रदेश [1986]
12. हम्पी स्मारक समूह – कर्नाटक [1986]
13. खजुराहो मंदिर – मध्यप्रदेश [1986]
14. एलीफेंटा की गुफाएं – महाराष्ट्र [1987]
15. पट्टदकल स्मारक समूह – कर्नाटक [1987]
16. सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान – प. बंगाल [1987]
17. वृहदेश्वर मंदिर तंजावुर – तमिलनाडू [1987]
18. नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान – उत्तराखंड [1988]
19. सांची का बौद्ध स्मारक – मध्यप्रदेश [1989]
21. हुमायूँ का मकबरा – दिल्ली [1993]
22. दार्जिलिंग हिमालयन रेल – पश्चिम बंगाल [1999]
23. महाबोधी मंदिर, गया – बिहार [2002]
24. भीमबेटका की गुफाएँ – मध्य प्रदेश [2003]
25. गंगई कोड़ा चोलपुरम् मन्दिर – तमिलनाडु [2004]
26. एरावतेश्वर मन्दिर – तमिलनाडु [2004]
27. छत्रपति शिवाजी टर्मिनल – महाराष्ट्र [2004]
28. नीलगिरि माउंटेन रेलवे – तमिलनाडु [2005]
29. फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान – उत्तराखंड [2005]
30. दिल्ली का लाल किला – दिल्ली [2007]
31. कालका शिमला रेलवे -हिमाचल प्रदेश [2008]
32. सिमलीपाल अभ्यारण्य – ओडिशा [2009]
33. नोकरेक अभ्यारण्य – मेघालय [2009]
34. भितरकनिका उद्यान – ओडिशा [2010]
35. जयपुर का जंतर-मन्तर –

List of World Heritage Sites in India

36 World Heritage Sites in India By UNESCO

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क्या है #Smog ?? इसको रोकने के क्या उपाय है ? यह हमारी दिनचर्या से किस प्रकार बढ़ रही है ?

क्या है #Smog ?? इसको रोकने के क्या उपाय है ? यह हमारी दिनचर्या से किस प्रकार बढ़ रही है ?

 

‘स्मॉग’ शब्द का इस्तेमाल 20वीं सदी के शुरूआत से हो रहा है. यह शब्द अंग्रेजी के दो शब्दों ‘स्मोक’ और ‘फॉग’ से मिलकर बना है. आम तौर पर जब ठंडी हवा किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर पहुंचती है तब स्मॉग बनता है. चूंकि ठंडी हवा भारी होती है इसलिए वह रिहायशी इलाके की गर्म हवा के नीचे एक परत बना लेती है. तब ऐसा लगता है जैसे ठंडी हवा ने पूरे शहर को एक कंबल की तरह लपेट लिया है.

गर्म हवा हमेशा ऊपर की ओर उठने की कोशिश करती है और थोड़ी ही देर में वह किसी मर्तबान के ढक्क्न की तरह व्यवहार करने लगती है. कुछ ही समय में हवा की इन दोनों गर्म और ठंडी परतों के बीच हरकतें रुक जाती हैं. इसी खास ‘उलट पुलट’ के कारण स्मॉग बनता है. और यही कारण है कि गर्मियों के मुकाबले जाड़ों के मौसम में स्मॉग ज्यादा आसानी से बनता है.

स्मॉग बनने का दूसरा बड़ा कारण है प्रदूषण. आजकल हर बड़ा शहर वायु प्रदूषण से जूझ ही रहा है. कहीं उद्योग, धंधों और गाड़ियों से निकलने वाला धुंआ तो कहीं चिमनियां, सब मिलकर हवा में बहुत सारा धुंआ छोड़ रहे हैं.

स्मॉग एक तरह का वायु प्रदूषण ही है। यह स्मोक और फॉग से मिलकर बना है जिसका मतलब है स्मोकी फॉग, यानी कि धुआं युक्त कोहरा। इस तरह के वायु प्रदूषण में हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड्स, सल्फर ऑक्साइड्स, ओजोन, स्मोक और पार्टिकुलेट्स घुले होते हैं। हमारे द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों से निकलने वाला धुआं, फैक्ट्रियों और कोयले, पराली आदि के जलने से निकलने वाला धुआं इस तरह के वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण होता है।

क्या है स्मॉग का कारण

एनसीआर-दिल्ली की सीमाएं पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लगती हैं जहां बहुतायत मात्रा में कृषि की जाती है। यहां के लोग फसल कटने के बाद उसके अवशेषों को जला देते हैं जिससे स्मॉग की समस्या उत्पन्न होती है। इसके अलावा इस बार सुप्रीम कोर्ट से बैन होने के बावजूद राजधानी के बहुत से इलाकों में भारी मात्रा में पटाखे आदि फोड़े गए। स्मॉग के बनने में इनका भी योगदान कम नहीं है। राजधानी की सड़कों पर उतरने वाली कारें, ट्रक्स, बस तो बहुत सालों से स्वच्छ पर्यावरण की राह में रोड़ा हैं। इसके अलावा औद्योगिक प्रदूषण भी स्मॉग का मुख्य जिम्मेदार कारक है। सर्दी के मौसम में हवाएं थोड़ी सुस्त होती हैं। ऐसे में डस्ट पार्टिकल्स और प्रदूषण वातावरण में स्थिर हो जाता है जिससे स्मॉग जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

#कैसे कम हो स्मॉग या #वायु #प्रदूषण?

आज राजधानी दिल्ली में ही नहीं बल्कि पूरे देश में वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। (खासकर उत्तर भारत मे) हम वायु प्रदूषण के विभिन्न कारणों पर तो बात करते हैं लेकिन इसे खत्म करने या रोके जाने के उपायों पर कम ही चर्चा करते हैं। हवा की गुणवत्ता अभी भी निहायत खराब है। अगर हम कोई ठोस उपाय नहीं करते हैं तो हालात ऐसे ही बने रहेंगे।

इस स्तर को कम करने के लिये क्या किया जाना चाहिये?

👉यह चिंताजनक है कि अस्वच्छ ईंधन पर करों में रियायत दी जा रही है, जबकि स्वच्छ ईंधन के मामले में यह रियायत नहीं दी जा रही। स्वच्छ ईंधन के लिए भी रियायत दी जाए ।

👉वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था के अधीन ‘फर्नेस ऑयल’ जैसे ज़हरीले ईंधन को इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को ईंधन पर रीफंड दिया जा रहा है, जबकि प्राकृतिक गैस को जीएसटी से बाहर रखा गया है। इस व्यवस्था में सुधार हो ।

👉यानी उद्योगपति चाहकर भी स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल नहीं कर सकते। हमें स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना होगा।

👉हम दुनिया का सबसे प्रदूषक ईंधन यानी ‘पेट कोक’, अमेरिका से आयात करते हैं। अमेरिका प्रदूषण के चलते खुद इस पर प्रतिबंध लगा चुका है।चीन ने इसका आयात बंद कर दिया है लेकिन हमारे यहाँ ‘ओपेन जनरल लाइसेंस’ के अधीन इसे अनुमति दी जा रही है। इसे कम करके ग्रीन एनर्जी अपनानी होगी सौर ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना होगा.

👉उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इस गंदे ईंधन का इस्तेमाल बंद करने के लिये दखल दी है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को चाहिये कि वह उच्च सल्फर ईंधन से उत्पन्न प्रदूषकों को देखते हुए उत्सर्जन मानक तय करे।

👉अरावली पर हो रहे अनियंत्रित खनन पर पूरी तरह रोक लगे.. निर्माण कार्यो को नियंत्रित तरीके से किया जाए ताकि वातावरण में धूल कर्ण न के बराबर रहे इसके लिए उच्चस्तरी मानक अपनाये जाए..वही अरावली के पारिस्थितिक तंत्र को फिर से बहाल किया जाए

👉तात्कालिक उपयो में मल्टी-फंक्शन डस्ट सेप्रेशन ट्रक का इस्तेमाल किया गया. इसके ऊपर एक विशाल वॉटर कैनन लगा होता है जिससे 200 फीट ऊपर से पानी का छिड़काव होता है.पानी का छिड़काव इसलिए किया गया ताकि धूल नीचे बैठ जाए.

👉वेंटिलेटर कॉरिडोर बनाने से लेकर एंटी स्मॉग पुलिस तक बनाने का फैसला किया जाए.. ये पुलिस जगह-जगह जाकर प्रदूषण फैलाने वाले कारणों जैसे सड़क पर कचरा फेंकने और जलाने पर नज़र रखे और जुर्माना लगाए..

👉पेरिस की तरह हफ्ते के अंत में कार चलाने पर पाबंदी लगा दी जाए. शहरो में ऑड-ईवन तरीका अपनाया जाए. ऐसे दिनों में जब प्रदूषण बढ़ने की संभावना हो तो सार्वजनिक वाहनों को मुफ्त किया जाए और वाहन साझा करने के लिए कार्यक्रम चलाए जाए.

👉सार्वजनिक परिवहन बेहतर करने पर ज़ोर दिया जाए प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने पर ज़ोर दिया जाए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्राम नेटवर्क को बढ़ाया दिया जाए.

👉 बस ट्रक्स और गाड़ियों आदि के प्रदूषण मानको की गहन जांच की जाए इसके लिए एक विशेष जांच टीम गठित की जाए..क्योंकि ज्यादातर वायु प्रदूषण इन्ही के द्वारा होता है..

👉उद्योगों पर चिमनी फिल्टर्स को अनिवार्य किया जाए जिससे चिमनियों से प्रदूषक तत्व की मात्रा अत्यंत सीमित हो जाए..

👉 अंधाधुंध निर्माण कार्यो पर रोक लगाई जाए ताकि धूल कण वातावरण में न फैले

👉 स्कूल स्तर पर बच्चो को पर्यावरण प्रदूषण के बारे में पढ़ाया जाए प्रेक्टिकल के साथ यह शिक्षा दी जाए साथ ही पेरेंट्स मीटिंग में पेरन्ट्स को बुलाकर प्रदूषण के प्रति समय समय पर शिक्षित किया जाए..

👉प्रदूषण के प्रति लोगों को सजग करने के लिए टीवी, इश्तेहार , शोशल मीडिया, सिनेमा हॉल शॉपिंग मॉल, रेलवे स्टेशन आंगनवाड़ी केंद्रों ,संगोष्ठियां आदि के माध्यम से जागरूक किया जाए

👉 वनावरण को बढ़ाया जाए वृक्षारोपण कार्यक्रम द्वारा लोगो को वृक्षावरण के प्रति जागरूक किया जाए साथ ही सरकार द्वारा इसके लिए साधन उपलब्ध कराने के साथ लोगो प्रोत्साहित भी किया जाना चाहिए..

#प्रदूषण के कुछ #मुख्य #कारण..

👉प्रदूषण के लिए जीवनचर्या भी जिम्मेदार

पर्यावरण को बिगाड़ने और आबोहवा को इस हद तक जहरीली बनाने के लिए आज के दौर की जीवनचर्या कम जिम्मेदार नहीं है। इसे दिखावे की संस्कृति का खेल कहिए या आरामतलबी का जुनून। अब जरूरतों पर इच्छाएं भारी पड़ रही हैं। बिना जरूरत के वाहन खरीदने और कदम भर भी पैदल न चलने की जीवनशैली हमारे भविष्य पर ही प्रश्नचिन्ह लगा रही है।

हर तरह की सुख-सुविधा के आदी हो चले हम पहले इन चीजों के बिना भी सहज जीवन जीया करते थे। आज घरों और दफ्तरों में दिन-रात चलने वाले अनगिनत उपकरण ऐसे हैं जो प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि हवा में जहर घोलने में आमजन की भी बड़ी भूमिका है।

बीते कुछ सालों में लोगों की जीवनशैली और आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। लोगों में निजी वाहन की चाहत बढ़ी है। हालांकि इसका बड़ा कारण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का कमजोर होना भी है, पर इस बदलती भोगवादी जीवनशैली में दिखावा संस्कृति की सोच ने इस चाहत को और बल दिया है।

एक अनुमान के मुताबिक 2007 से 2011 तक दिल्ली में वाहनों की संख्या 37 फीसद तक बढ़ी है। राजधानी दिल्ली में ही पिछले तीस सालों में वाहनों की संख्या तकरीबन डेढ़ लाख से बढ़ कर 30 लाख से भी अधिक हो गई है। हर रोज दिल्ली की सड़कों पर चौदह सौ नई कारें आ रही हैं। भारत में हर साल कार कंपनियों द्वारा कार के नए-नए मॉडल बाजार में उतारे जाते हैं, जिन्हें ग्राहक भी खूब मिलते हैं। जिसने प्रदूषण बढ़ोतरी में मुख्य भूमिका निभाई है..

👉 #बाजार का #प्रदूषण से सीधा #संबंध

त्योहारी मौसम में तो कई सारी रियायतें देकर उपभोक्ताओं को ललचाया जाता है। निजी वाहनों के विज्ञापन को लेकर कंपनियां जो आक्रामक रणनीति अपनाती हैं उसकी चपेट में मध्यवर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक सभी शामिल हैं। हमारे यहां कारें ही नहीं दोपहिया वाहनों का बाजार भी खूब बड़ा है।

माना जा रहा है कि आर्थिक असमानता और गरीबी का दंश ङोल रहे हमारे देश में 2020 तक लग्जरी कारों का बाजार तीन गुना हो जाएगा। प्रतिदिन सड़क पर उतर रहे नए वाहनों के कारण प्रदूषण का स्तर तेजी बढ़ रहा है। समस्या यह भी है कि हमारे यहां वाहनों की जांच की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। बरसों पुरानी गाड़ियां भी धुआं उड़ाते हुए सड़कों पर दौड़ती नजर आती हैं।

इतना ही नहीं वर्तमान में वाहनों के लिए मिलने वाले पेट्रोल-डीजल में भी मिलावट होती है। जिसकी वजह से गाड़ी के धुएं से निकलने वाले जहरीले रसायन त्वचा, आंख, फेफड़े के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इतना ही नहीं सर्दी के मौसम में हीटर और गर्मी के मौसम में एसी का इस्तेमाल भी अब हर घर में आम है। ऐसे में आबादी के लिहाज से देखा जाए तो हवा में बढ़ते जहर के लिए सुविधासंपन्न जीवनशैली भी कम जिम्मेदार नहीं।

👉 #कानून के #क्रियान्वयन की #जरूरत

यकीनन इस जहरीली हवा से उपजा यह सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बेहद गंभीर है। ऐसे में वाहनों की खरीद और बिक्री के लिए सख्त नियम बनाए जाने चाहिए। संभावित खतरों को देखते हुए ईंधन की गुणवत्ता, उत्सर्जन के मानक और प्रदूषण नियंत्रक कानूनों को भी कठोरता से लागू किया जाना चाहिए।

आमजन भी आने वाले कल की बेहतरी के लिए इन नियमों का पालन करें। साथ ही कार पूलिंग जैसे साझा परिवहन को बढ़ावा देना चाहिए। निजी वाहनों के प्रयोग में कमी लाने के लिए जन जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए।

सरकार सार्वजनिक यातायात सुविधाओं का दुरुस्त करने की भी सोचे। जाहिर है प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए और भविष्य की बेहतरी के लिए न केवल सरकार को सचेत होना होगा, बल्कि आमजन को भी अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना होगा। इसके लिए केवल आरामतलबी और दिखावे के लिए वाहन खरीदने या सवारी करने की सोच भी बदलनी होगी।

👉 #पराली #समस्या का #समाधान हो

धान की पराली एक गंभीर समस्या है, जिसे किसान जलाकर खेत खाली करने की जल्दी में रहते हैं। हरियाणा, पंजाब और पश्चिम उत्तर प्रदेश में धान की फसल सबसे पहले तैयार हो जाती है। आगामी गेहूं की बुवाई के लिए खेत खाली करने चक्कर में धान की फसलें कंबाइनर हार्वेस्टर से कटाई जाती है। इस मशीन से कटाई में धान की पराली खेतों में ही खड़ी रह जाती है, जिसे खेत में ही जला दिया जाता है।

पराली जलाने के लिए कानूनी प्रावधान के साथ लोगों के बीच जागरुकता लाना जरूरी है। इसके लिए उठाये जाने वाले कदमों की जानकारी भी हर सप्ताह देना जरूरी किया गया है। एनजीटी के निर्देशों से सभी ग्राम पंचायतों को अवगत कराना है। पराली न जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहित भी किया जाए। खेत को जल्दी खाली करने के वैकल्पिक उपायों और मशीनरी मुहैया कराने का बंदोबस्त भी राज्य सरकारें करें।

#निष्कर्ष

इन प्रयासों से तात्कालिक तौर पर राहत तो मिल जाएगी, लेकिन प्रदूषण कम करने हेतु दीर्घावधि सुधार के लिये सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाना चाहिये। साथ ही पैदल या साइकिल से चलने वालों के लिये नया मार्ग भी बनाना होगा।

कचरा निपटान की कोई ठोस व्यवस्था करनी होगी। दिल्ली जैसे शहरों में जहाँ कचरा निस्तारण के ठिकाने बनाए गए हैं वहाँ भी जब तब आग लगती ही रहती है।

यदि कचरा फेंकने की उपयुक्त व्यवस्था नहीं है तो लोगों को सबसे आसान यही लगता है कि उसे एक जगह एकत्रित कर जला दिया जाए। हमें कचरे के पूर्ण निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी। इसमें कचरे को अलग-अलग करना भी शामिल है।

दिल्ली के आसपास पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फसल जलाने से होने वाले प्रदूषण का ऐसा हल निकालना होगा जो किसानों को उनके फसल अवशेष के वैकल्पिक उपयोग का तरीका सिखा सके।

 

भारतीय सविंधान के सभी 378 अनुच्छेदों का विवरण— Indian Constitution Articles:-

भारतीय सविंधान के सभी 378 अनुच्छेदों का विवरण--- Indian Constitution Articles:-

सारे अनुच्छेद एक साथ Indian Constitution Articles:-

*अनुच्छेद 1* :- संघ कानाम और राज्य क्षेत्र

*अनुच्छेद 2* :- नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना

*अनुच्छेद 3* :- राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे परिवर्तन
*अनुच्छेद 4* :- पहली अनुसूचित व चौथी अनुसूची के संशोधन तथा दो और तीन के अधीन बनाई गई विधियां

*अच्नुछेद 5* :- संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता

*अनुच्छेद 6* :- भारत आने वाले व्यक्तियों को नागरिकता

*अनुच्छेद 7* :-पाकिस्तान जाने वालों को नागरिकता

*अनुच्छेद 8* :- भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों का नागरिकता

*अनुच्छेद 9* :- विदेशी राज्य की नागरिकता लेने पर नागरिकता का ना होना

*अनुच्छेद 10* :- नागरिकता के अधिकारों का बना रहना

*अनुच्छेद 11* :- संसद द्वारा नागरिकता के लिए कानून का विनियमन

*अनुच्छेद 12* :- राज्य की परिभाषा

*अनुच्छेद 13* :- मूल अधिकारों को असंगत या अल्पीकरण करने वाली विधियां

*अनुच्छेद 14* :- विधि के समक्ष समानता

*अनुच्छेद 15* :- धर्म जाति लिंग पर भेद का प्रतिशेध

*अनुच्छेद 16* :- लोक नियोजन में अवसर की समानता

*अनुच्छेद 17* :- अस्पृश्यता का अंत

*अनुच्छेद 18* :- उपाधीयों का अंत

*अनुच्छेद 19* :- वाक् की स्वतंत्रता

*अनुच्छेद 20* :- अपराधों के दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण

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*अनुच्छेद 21* :-प्राण और दैहिक स्वतंत्रता

*अनुच्छेद 21 क* :- 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार

*अनुच्छेद 22* :- कुछ दशाओं में गिरफ्तारी से सरंक्षण

*अनुच्छेद 23* :- मानव के दुर्व्यापार और बाल आश्रम

*अनुच्छेद 24* :- कारखानों में बालक का नियोजन का प्रतिशत

*अनुच्छेद 25* :- धर्म का आचरण और प्रचार की स्वतंत्रता

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*अनुच्छेद 26* :-धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता

*अनुच्छेद 29* :- अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण

*अनुच्छेद 30* :- शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार

*अनुच्छेद 32* :- अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार

*अनुच्छेद 36* :- परिभाषा
*अनुच्छेद 40* :- ग्राम पंचायतों का संगठन

*अनुच्छेद 48* :- कृषि और पशुपालन संगठन

*अनुच्छेद 48क* :- पर्यावरण वन तथा वन्य जीवों की रक्षा

*अनुच्छेद 49:-* राष्ट्रीय स्मारक स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण

*अनुछेद. 50* :- कार्यपालिका से न्यायपालिका का प्रथक्करण

*अनुच्छेद 51* :- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा

*अनुच्छेद 51क* :- मूल कर्तव्य

*अनुच्छेद 52* :- भारत का राष्ट्रपति

*अनुच्छेद 53* :- संघ की कार्यपालिका शक्ति

*अनुच्छेद 54* :- राष्ट्रपति का निर्वाचन

*अनुच्छेद 55* :- राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीती

*अनुच्छेद 56* :- राष्ट्रपति की पदावधि

*अनुच्छेद 57* :- पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता

*अनुच्छेद 58* :- राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए आहर्ताए

*अनुच्छेद 59* :- राष्ट्रपति पद के लिए शर्ते

*अनुच्छेद 60* :- राष्ट्रपति की शपथ

*अनुच्छेद 61* :- राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया

*अनुच्छेद 62* :- राष्ट्रपति पद पर व्यक्ति को भरने के लिए निर्वाचन का समय और रीतियां

*अनुच्छेद 63* :- भारत का उपराष्ट्रपति

*अनुच्छेद 64* :- उपराष्ट्रपति का राज्यसभा का पदेन सभापति होना

*अनुच्छेद 65* :- राष्ट्रपति के पद की रिक्त पर उप राष्ट्रपति के कार्य

*अनुच्छेद 66* :- उप-राष्ट्रपति का निर्वाचन

*अनुच्छेद 67* :- उपराष्ट्रपति की पदावधि

*अनुच्छेद 68* :- उप राष्ट्रपति के पद की रिक्त पद भरने के लिए निर्वाचन

*अनुच्छेद69* :- उप राष्ट्रपति द्वारा शपथ

**
*अनुच्छेद 70* :- अन्य आकस्मिकता में राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन

*अनुच्छेद 71*. :- राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित विषय
*अनुच्छेद 72* :-क्षमादान की शक्ति

*अनुच्छेद 73* :- संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार

*अनुच्छेद 74* :- राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद

*अनुच्छेद 75* :- मंत्रियों के बारे में उपबंध

*अनुच्छेद 76* :- भारत का महान्यायवादी

*अनुच्छेद 77* :- भारत सरकार के कार्य का संचालन

*अनुच्छेद 78* :- राष्ट्रपति को जानकारी देने के प्रधानमंत्री के कर्तव्य
*अनुच्छेद 79* :- संसद का गठन
*अनुच्छेद 80* :- राज्य सभा की सरंचना

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*अनुच्छेद 81* :- लोकसभा की संरचना

*अनुच्छेद 83* :- संसद के सदनो की अवधि

*अनुच्छेद 84* :-संसद के सदस्यों के लिए अहर्ता

*अनुच्छेद 85* :- संसद का सत्र सत्रावसान और विघटन

*अनुच्छेद 87* :- राष्ट्रपति का विशेष अभी भाषण

*अनुच्छेद 88* :- सदनों के बारे में मंत्रियों और महानयायवादी अधिकार
*अनुच्छेद 89* :-राज्यसभा का सभापति और उपसभापति

*अनुच्छेद 90* :- उपसभापति का पद रिक्त होना या पद हटाया जाना
*अनुच्छेद 91* :-सभापति के कर्तव्यों का पालन और शक्ति

*अनुच्छेद 92* :- सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का

संकल्प विचाराधीन हो तब उसका पीठासीन ना होना

*अनुच्छेद 93* :- लोकसभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष

*अनुचित 94* :- अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना

*अनुच्छेद 95* :- अध्यक्ष में कर्तव्य एवं शक्तियां

*अनुच्छेद 96* :- अध्यक्ष उपाध्यक्ष को पद से हटाने का संकल्प हो तब उसका पीठासीन ना होना

*अनुच्छेद 97* :- सभापति उपसभापति तथा अध्यक्ष,उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते
*अनुच्छेद  98* :- संसद का सविचालय

*अनुच्छेद 99* :- सदस्य द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

*अनुच्छेद 100* – संसाधनों में मतदान रिक्तियां के होते हुए भी

सदनों के कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति

*अनुच्छेद 108* :- कुछ दशाओं में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक

*अनुत्छेद 109* :- धन विधेयक के संबंध में विशेष प्रक्रिया

*अनुच्छेद 110* :- धन विधायक की परिभाषा

*अनुच्छेद 111* :- विधेयकों पर अनुमति

*अनुच्छेद 112* :- वार्षिक वित्तीय विवरण

*अनुच्छेद 118* :- प्रक्रिया के नियम

*अनुच्छेद 120* :- संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा

*अनुच्छेद 123* :- संसद विश्रांति काल में राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति

*अनुच्छेद 124* :- उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन

*अनुच्छेद 125* :- न्यायाधीशों का वेतन

*अनुच्छेद 126* :- कार्य कार्य मुख्य न्याय मूर्ति की नियुक्ति

*अनुच्छेद 127* :- तदर्थ न्यायमूर्तियों की नियुक्ति

*अनुच्छेद 128* :- सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति

*अनुच्छेद 129* :- उच्चतम न्यायालय का अभिलेख नयायालय होना

*अनुच्छेद 130* :- उच्चतम न्यायालय का स्थान

**
*अनुच्छेद 131* :- उच्चतम न्यायालय की आरंभिक अधिकारिता

*अनुच्छेद 137* :- निर्णय एवं आदेशों का पुनर्विलोकन

*अनुच्छेद 143* :- उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति

*अनुच्छेद144* :-सिविल एवं न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा उच्चतम न्यायालय की सहायता

*अनुच्छेद 148* :- भारत का नियंत्रक महालेखा परीक्षक

*अनुच्छेद 149* :- नियंत्रक महालेखा परीक्षक के कर्तव्य शक्तिया

*अनुच्छेद 150* :- संघ के राज्यों के लेखन का प्रारूप

*अनुच्छेद 153* :- राज्यों के राज्यपाल

*अनुच्छेद 154* :- राज्य की कार्यपालिका शक्ति

*अनुच्छेद 155* :- राज्यपाल की नियुक्ति

*अनुच्छेद 156* :- राज्यपाल की पदावधि

*अनुच्छेद 157* :- राज्यपाल नियुक्त होने की अर्हताएँ

*अनुच्छेद 158* :- राज्यपाल के पद के लिए शर्तें

*अनुच्छेद 159* :- राज्यपाल द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

*अनुच्छेद 163* :- राज्यपाल को सलाह देने के लिए मंत्री परिषद

*अनुच्छेद 164* :- मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध

*अनुच्छेद 165* :- राज्य का महाधिवक्ता

*अनुच्छेद 166* :- राज्य सरकार का संचालन

*अनुच्छेद 167* :- राज्यपाल को जानकारी देने के संबंध में मुख्यमंत्री के कर्तव्य

*अनुच्छेद 168* :- राज्य के विधान मंडल का गठन

*अनुच्छेद 170* :- विधानसभाओं की संरचना

*अनुच्छेद 171* :- विधान परिषद की संरचना

*अनुच्छेद 172* :- राज्यों के विधानमंडल कि अवधी

*अनुच्छेद 176* :- राज्यपाल का विशेष अभिभाषण

*अनुच्छेद 177* सदनों के बारे में मंत्रियों और महाधिवक्ता के अधिकार

*अनुच्छेद 178* :- विधानसभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष

*अनुच्छेद 179* :- अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना या पद से हटाया जाना
*अनुच्छेद 180* :- अध्यक्ष के पदों के कार्य व शक्ति

**
*अनुच्छेद 181* :- अध्यक्ष उपाध्यक्ष को पद से हटाने का कोई

संकल्प पारित होने पर उसका पिठासिन ना होना

*अनुच्छेद 182* :- विधान परिषद का सभापति और उपसभापति

*अनुच्छेद 183* :- सभापति और उपासभापति का पद रिक्त होना पद त्याग या पद से हटाया जाना

*अनुच्छेद 184* :- सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन व शक्ति

*अनुच्छेद 185* :- संभापति उपसभापति को पद से हटाए जाने का संकल्प विचाराधीन होने पर उसका पीठासीन ना होना

*अनुच्छेद 186* :- अध्यक्ष उपाध्यक्ष सभापति और उपसभापति के वेतन और भत्ते
*अनुच्छेद 187* :- राज्य के विधान मंडल का सविचाल.

*अनुच्छेद 188* :- सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

*अनुच्छेद 189* :- सदनों में मतदान रिक्तियां होते हुए भी साधनों का कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति

*अनुच्छेद 199* :- धन विदेश की परिभाषा

*अनुच्छेद 200* :- विधायकों पर अनुमति

*अनुच्छेद 202* :- वार्षिक वित्तीय विवरण

*अनुच्छेद 213* :- विधानमंडल में अध्यादेश सत्यापित करने के राज्यपाल की शक्ति
*अनुच्छेद 214* :- राज्यों के लिए उच्च न्यायालय

*अनुच्छेद 215* :- उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना

*अनुच्छेद 216* :- उच्च न्यायालय का गठन

*अनुच्छेद 217* :- उच्च न्यायालय न्यायाधीश की नियुक्ति पद्धति शर्तें
*अनुच्छेद 221* :- न्यायाधीशों का वेतन

**
*अनुच्छेद 222* :- एक न्यायालय से दूसरे न्यायालय में न्यायाधीशों का अंतरण

*अनुच्छेद 223* :- कार्यकारी मुख्य न्याय मूर्ति के नियुक्ति

*अनुच्छेद 224* :- अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति

*अनुच्छेद 226* :- कुछ रिट निकालने के लिए उच्च न्यायालय की शक्ति

*अनुच्छेद 231* :- दो या अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना

*अनुच्छेद 233* :- जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति

*अनुच्छेद 241* :- संघ राज्य क्षेत्र के लिए उच्च-न्यायालय

**
*अनुच्छेद 243* :- पंचायत नगर पालिकाएं एवं सहकारी समितियां

*अनुच्छेद 244* :- अनुसूचित क्षेत्रो व जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन

*अनुच्छेद 248* :- अवशिष्ट विधाई शक्तियां

*अनुच्छेद 252* :- दो या अधिक राज्य के लिए सहमति से विधि बनाने की संसद की शक्ति

*अनुच्छेद 254* :- संसद द्वारा बनाई गई विधियों और राज्यों के विधान मंडल द्वारा बनाए गए विधियों में असंगति

*अनुच्छेद 256* :- राज्यों की और संघ की बाध्यता

*अनुच्छेद 257* :- कुछ दशाओं में राज्यों पर संघ का नियंत्रण

*अनुच्छेद 262* :- अंतर्राज्यक नदियों या नदी दूनों के जल संबंधी विवादों का न्याय निर्णय

*अनुच्छेद 263* :- अंतर्राज्यीय विकास परिषद का गठन

*अनुच्छेद 266* :- संचित निधी
*अनुच्छेद 267* :- आकस्मिकता निधि

*अनुच्छेद 269* :- संघ द्वारा उद्ग्रहित और संग्रहित किंतु राज्यों को सौपे जाने वाले कर
*अनुच्छेद 270* :- संघ द्वारा इकट्ठे किए कर संघ और राज्यों के बीच वितरित किए जाने वाले कर

*अनुच्छेद 280* :- वित्त आयोग
*अनुच्छेद 281* :- वित्त आयोग की सिफारिशे

*अनुच्छेद 292* :- भारत सरकार द्वारा उधार लेना

*अनुच्छेद 293* :- राज्य द्वारा उधार लेना

&अनुच्छेद 300 क* :- संपत्ति का अधिकार

*अनुच्छेद 301* :- व्यापार वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता

*अनुच्छेद 309* :- राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तों

*अनुच्छेद 310* :- संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि

*अनुच्छेद 313* :- संक्रमण कालीन उपबंध

*अनुच्छेद 315* :- संघ राज्य के लिए लोक सेवा आयोग

*अनुच्छेद 316* :- सदस्यों की नियुक्ति एवं पदावधि

*अनुच्छेद 317* :- लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाया जाना या निलंबित किया जाना

*अनुच्छेद 320* :- लोकसेवा आयोग के कृत्य

*अनुच्छेद 323 क* :- प्रशासनिक अधिकरण

*अनुच्छेद 323 ख* :- अन्य विषयों के लिए अधिकरण

*अनुच्छेद 324* :- निर्वाचनो के अधिक्षण निर्देशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग में निहित होना

*अनुच्छेद 329* :- निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालय के हस्तक्षेप का वर्णन
*अनुछेद 330* :- लोक सभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिये स्थानो का आरणण

*अनुच्छेद 331* :- लोक सभा में आंग्ल भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व
*अनुच्छेद 332* :- राज्य के विधान सभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण

*अनुच्छेद 333* :- राज्य की विधानसभा में आंग्ल भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व

*अनुच्छेद 343* :- संघ की परिभाषा

*अनुच्छेद 344* :- राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति

*अनुच्छेद 350 क* :- प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएं

*अनुच्छेद 351* :- हिंदी भाषा के विकास के लिए निर्देश

*अनुच्छेद 352* :- आपात की उदघोषणा का प्रभाव

*अनुछेद 356* :- राज्य में संवैधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध
*अनुच्छेद 360* :- वित्तीय आपात के बारे में उपबंध

*अनुच्छेद 368* :- सविधान का संशोधन करने की संसद की शक्ति और उसकी प्रक्रिया

*अनुच्छेद 377* :- भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के बारे में *उपबंध*
*अनुच्छेद 378* :- लोक सेवा आयोग के बारे

 

भारत की पंचवर्षीय योजनाएं–FIVE YEAR PLANS IN INDIA

भारत की पंचवर्षीय योजनाएं--FIVE YEAR PLANS IN INDIA

भारत की पंचवर्षीय योजनाएं–FIVE YEAR PLANS IN INDIA

  • 1st Five Year Plan (1951-56) – Priority of Agriculture
  • 2nd Five Year Plan (1956-61) – Priority of Industries Sector
  • 3rd Five Year Plan (1961-66) – Self Reliance
  • 4th Five Year Plan (1969-74) – Removal of Poverty, Growth with Justice
  • 5th Five Year Plan (1974-79) – Removal of Poverty and Self reliance
  • 6th Five Year Plan (1980-85) – The emphasis same as 5th Plan
  • 7th Five Year Plan (1985-90) – Food Production, Employment, Productivity
  • 8th Five Year Plan (1992-97) – Employment Generation, Control of Population
  • 9th Five Year Plan (1997-02) – Growth Rate of 7 percent
  • 10th Five year Plan (2002-07) – Self employment and resources and development
  • 11th Five Year Plan (2007-12) – Comprehensive and faster growth
  • 12th Five Year plan (2012-17) – Improvement of Health, Education and Sanitation.

पीएम नरेंद्र मोदी कैबिनेट का तीसरा विस्तार-9 नए मंत्री- 03/09/2017

पीएम नरेंद्र मोदी कैबिनेट का रविवार को तीसरा विस्तार किया गया। इस विस्तार में कुल 13 मंत्रियों ने शपथ ली। 9 नए मंत्रियों को शामिल किया गया जबकि 4 मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रमोशन दिया गया। देखिए, विस्तार के बाद किसे मिला कौन सा मंत्रालय

पीएम नरेंद्र मोदी कैबिनेट का रविवार को तीसरा विस्तार किया गया। इस विस्तार में कुल 13 मंत्रियों ने शपथ ली। 9 नए मंत्रियों को शामिल किया गया जबकि 4 मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रमोशन दिया गया। देखिए, विस्तार के बाद किसे मिला कौन सा मंत्रालय

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Padma Awards 2017 India

 List of Padma awardees 2017 , Padma Awards, Padma 2017 - Padma Awards, Padma Awards 2017 announced Padma Awards 2017: Complete list of Padma awardees, 2017 padma awards winners

Padma Awards 2017

This year the President of India has approved conferment of Padma Awards to 89 persons as per the list below. The list comprises of 7 Padma Vibhushan, 7 Padma Bhushan and 75 Padma Shri Awardees. 19 of the awardees are women and the list also includes 5 persons from the category of foreigners, NRIs, PIOs and 6 Posthumous awardees.

Padma Vibhushan 2017

Name Field State
Shri K J Yesudas Art-Music Kerala
Sadhguru Jaggi Vasudev Others-Spiritualism Tamil Nadu
Shri Sharad Pawar Public Affairs Maharashtra
Shri Murli Manohar Joshi Public Affairs Uttar Pradesh
Prof. Udipi Ramachandra Rao Science & Engineering Karnataka
Late Shri Sunder Lal Patwa (Posthumous) Public Affairs Madhya Pradesh
Late Shri PA Sangma(Posthumous) Public Affairs Meghalaya

Padma Bhushan 2017

Name Field State/Country
Shri Vishwa Mohan Bhatt Art-Music Rajasthan
Prof. (Dr.) Devi Prasad Dwivedi Literature & Education Uttar Pradesh
Shri Tehemton Udwadia Medicine Maharashtra
Shri Ratna Sundar Maharaj Others-Spiritualism Gujarat
Swami Niranjana Nanda Saraswati Others-Yoga Bihar
H.R.H. Princess Maha Chakri Sirindhorn (Foreigner) Literature & Education Thailand
Late Shri Cho Ramaswamy (Posthumous) Literature & Education – Journalism Tamil Nadu

Padma Shri 2017

Name Field State/Country
Smt. Basanti Bisht Art-Music Uttarakhand
Shri Chemanchery Kunhiraman Nair Art-Dance Kerala
Smt. Aruna Mohanty Art-Dance Odisha
Smt. Bharathi Vishnuvardhan Art-Cinema Karnataka
Shri Sadhu Meher Art-Cinema Odisha
Shri T K Murthy Art-Music Tamil Nadu
Shri Laishram Birendrakumar Singh Art-Music Manipur
Shri Krishna Ram Chaudhary Art-Music Uttar Pradesh
Smt. Baoa Devi Art-Painting Bihar
Shri Tilak Gitai Art-Painting Rajasthan
Dr. Prof. Aekka Yadagiri Rao Art-Sculpture Telangana
Shri Jitendra Haripal Art-Music Odisha
Shri Kailash Kher Art-Music Maharashtra
Smt. Parassala B Ponnammal Art-Music Kerala
Smt. Sukri Bommagowda Art-Music Karnataka
Shri Mukund Nayak Art-Music Jharkhand
Shri Purushottam Upadhyay Art-Music Gujarat
Smt. Anuradha Paudwal Art-Music Maharashtra
Shri Wareppa Naba Nil Art-Theatre Manipur
Shri Tripuraneni Hanuman Chowdary Civil Service Telangana
Shri T.K. Viswanathan Civil Service Haryana
Shri Kanwal Sibal Civil Service Delhi
Shri Birkha Bahadur Limboo Muringla Literature & Education Sikkim
Smt. Eli Ahmed Literature & Education Assam
Dr. Narendra Kohli Literature & Education Delhi
Prof. G. Venkatasubbiah Literature & Education Karnataka
Shri Akkitham Achyuthan Namboothiri Literature & Education Kerala
Shri Kashi Nath Pandita Literature & Education Jammu & Kashmir
Shri Chamu Krishna Shastry Literature & Education Delhi
Shri Harihar Kripalu Tripathi Literature & Education Uttar Pradesh
Shri Michel Danino Literature & Education Tamil Nadu
Shri Punam Suri Literature & Education Delhi
Shri VG Patel Literature & Education Gujarat
Smt. V Koteswaramma Literature & Education Andhra Pradesh
Shri Balbir Dutt Literature & Education-Journalism Jharkhand
Smt. Bhawana Somaaya Literature & Education-Journalism Maharashtra
Shri Vishnu Pandya Literature & Education-Journalism Gujarat
Dr. Subroto Das Medicine Gujarat
Dr. (Smt.) Bhakti Yadav Medicine Madhya Pradesh
Dr. Mohammed Abdul Waheed Medicine Telangana
Dr. Madan Madhav Godbole Medicine Uttar Pradesh
Dr. Devendra Dayabhai Patel Medicine Gujarat
Prof. Harkishan Singh Medicine Chandigarh
Dr. Mukut Minz Medicine Chandigarh
Shri Arun Kumar Sharma Others-Archaeology Chhattisgarh
Shri Sanjeev Kapoor Others-Culinary Maharashtra
Smt. Meenakshi Amma Others-Martial Art Kerala
Shri Genabhai Dargabhai Patel Others-Agriculture Gujarat
Shri Chandrakant Pithawa Science & Engineering Telangana
Prof. Ajoy Kumar Ray Science & Engineering West Bengal
Shri Chintakindi Mallesham Science & Engineering Andhra Pradesh
Shri Jitendra Nath Goswami Science & Engineering Assam
Shri Daripalli Ramaiah Social Work Telangana
Shri Girish Bhardwaj Social Work Karnataka
Shri Karimul Hak Social Work West Bengal
Shri Bipin Ganatra Social Work West Bengal
Smt. Nivedita Raghunath Bhide Social work Tamil Nadu
Shri Appasaheb Dharmadhikari Social Work Maharashtra
Baba Balbir Singh Seechewal Social Work Punjab
Shri Virat Kohli Sports-Cricket Delhi
Shri Shekar Naik Sports-Cricket Karnataka
Shri Vikasa Gowda Sports-Discus Throw Karnataka
Smt. Deepa Malik Sports-Athletics Haryana
Shri Mariyappan Thangavelu Sports-Athletics Tamil Nadu
Smt. Dipa Karmakar Sports-Gymnastics Tripura
Shri P R Shreejesh Sports-Hockey Kerala
Smt. Sakshi Malik Sports-Wrestling Haryana
Shri Mohan Reddy Venkatrama Bodanapu Trade & Industry Telangana
Shri Imrat Khan (NRI/PIO) Art-Music USA
Shri Anant Agarwal (NRI/PIO) Literature & Education USA
Shri H.R. Shah (NRI/PIO) Literature & Education-Journalism USA
Late (Smt.) Suniti Solomon (Posthumous) Medicine Tamil Nadu
Shri Asoke Kumar Bhattacharyya (Posthumous) Others-Archaeology West Bengal
Dr. Mapuskar (Posthumous) Social Work Maharashtra
Smt. Anuradha Koirala (Foreigner) Social Work Nepal

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