हिंदी व्याकरण Archives | Hindigk50k

muhavare-idioms-मुहावरे Muhavare (Idioms) ( मुहावरे) मुहावरे Muhaware और उनका प्रयोग

muhavare-idioms-मुहावरे Muhavare (Idioms) ( मुहावरे) मुहावरे Muhaware और उनका प्रयोग

muhavare-idioms-मुहावरे Muhavare (Idioms) ( मुहावरे) मुहावरे Muhaware और उनका प्रयोग with example

मुहावरा :- विशेष अर्थ को प्रकट करने वाले वाक्यांश को मुहावरा कहते है। मुहावरा पूर्ण वाक्य नहीं होता, इसीलिए इसका स्वतंत्र रूप से प्रयोग नहीं किया जा सकता । मुहावरा का प्रयोग करना और ठीक -ठीक अर्थ समझना बड़ा ही  कठिन है ,यह अभ्यास से ही सीखा जा सकता है । इसीलिए इसका नाम मुहावरा पड़ गया ।

यहाँ पर कुछ प्रसिद्ध मुहावरे और उनके अर्थ वाक्य में प्रयोग सहित दिए जा रहे है।

१.अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना – (स्वयं अपनी प्रशंसा करना ) – अच्छे आदमियों को अपने मुहँ मियाँ मिट्ठू बनना शोभा नहीं देता ।
२.अक्ल का चरने जाना – (समझ का अभाव होना) – इतना भी समझ नहीं सके ,क्या अक्ल चरने गए है ?
३.अपने पैरों पर खड़ा होना – (स्वालंबी होना) – युवकों को अपने पैरों पर खड़े होने पर ही विवाह करना चाहिए ।
४.अक्ल का दुश्मन – (मूर्ख) – राम तुम मेरी बात क्यों नहीं मानते ,लगता है आजकल तुम अक्ल के दुश्मन हो गए हो ।
५.अपना उल्लू सीधा करना – (मतलब निकालना) – आजकल के नेता अपना अपना उल्लू सीधा करने के लिए ही लोगों को भड़काते है ।

६.आँखे खुलना – (सचेत होना) – ठोकर खाने के बाद ही बहुत से लोगों की आँखे खुलती है ।
७.आँख का तारा – (बहुत प्यारा) – आज्ञाकारी बच्चा माँ -बाप की आँखों का तारा होता है ।
८.आँखे दिखाना – (बहुत क्रोध करना) – राम से मैंने सच बातें कह दी , तो वह मुझे आँख दिखाने लगा ।
९.आसमान से बातें करना – (बहुत ऊँचा होना) – आजकल ऐसी ऐसी इमारते बनने लगी है ,जो आसमान से बातें करती है ।
१० .ईंट से ईंट बजाना – (पूरी तरह से नष्ट करना) – राम चाहता था कि वह अपने शत्रु के घर की ईंट से ईंट बजा दे।
११.ईंट का जबाब पत्थर से देना – (जबरदस्त बदला लेना) – भारत अपने दुश्मनों को ईंट का जबाब पत्थर से देगा ।
१२.ईद का चाँद होना – (बहुत दिनों बाद दिखाई देना) – राम ,तुम तो कभी दिखाई ही नहीं देते ,ऐसा लगता है कि तुम ईद के चाँद हो गए हो ।
१३.उड़ती चिड़िया पहचानना – (रहस्य की बात दूर से जान लेना) – वह इतना अनुभवी है कि उसे उड़ती चिड़िया पहचानने में देर नहीं लगती ।
१४.उन्नीस बीस का अंतर होना – (बहुत कम अंतर होना) – राम और श्याम की पहचान कर पाना बहुत कठिन है ,क्योंकि दोनों में उन्नीस बीस का ही अंतर है ।
१५.उलटी गंगा बहाना – (अनहोनी हो जाना) – राम किसी से प्रेम से बात कर ले ,तो उलटी गंगा बह जाए ।

१६.कलेजा टूक टूक होना (शोक में दुखी होना ) – पुत्र की मृत्यु का स्मरण होते ही कलेजा टूक टूक हो जाता है .
१७.कागजी घोड़े दौड़ाना ( बेहद लिखी पढ़ी करना ) कुछ काम धाम क्यों नहीं करते ,केवल कागजी घोड़े दौड़ाने से क्या लाभ ?
१८.कमर कसना (तैयार होना ) शत्रुओं से लड़ने के लिए भारतीयों को कमर कसकर तैयार हो जाना चाहिए .
१९.कलेजा मुँह का आना (भयभीत होना ) गुंडे को देख कर उसका कलेजा मुँह को आ गया .
२०. कलेजे पर सांप लोटना (ईर्ष्या करना ) राम के प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर मोहन की माँ के कलेजे पर सांप लोट गया .
२१. कमर टूट जाना -(बहुत बड़ी हानि होना) डाकुओं ने जब से उसके घर को लूटा है ,उसकी कमर ही टूट गयी है .
२२. किताब का कीड़ा होना (पढाई के अलावा कुछ न करना ) विद्यार्थी को केवल किताब का कीड़ा नहो होना चाहिए .
२३.ख़ाक छानना (दुःख उठाना ) मैंने आपके लिए सारे जगत की छान डाली .

२४.खून पसीना एक करना ( अधिक परिश्रम करना ) खून पसीना एक करके विद्यार्थी परीक्षा में सफल होते है .
२५.खून खौलना (क्रोधित होना ) झूठ बातें सुनते ही मेरा खून खौलने लगता है .
२६.खून का प्यासा (जानी दुश्मन होना )उसकी क्या बात कर रहे हो ,वह तो मेरे खून का प्यासा हो गया है .
२७.गले का हार होना (बहुत प्रिय होना )छोटू अपने घर में गले का हार बन गया है .
२८.गला छूटना (पिंड छोड़ना)बुरी तरह फँस गया था किन्तु अब गला छूट गया .
२९.गर्दन पर छुरी चलाना (नुकसान पहुचाना) मुझे पता चल गया कि विरोधियों से मिलकर किस तरह मेरे गले पर छुरी चला रहे थे .
३०.गड़े मुर्दे उखाड़ना (पुरानी बातों का याद दिलाना )आप समय देख कर चलें . गड़े मुर्दें उखाड़ना ठीक नहीं है .
३१.गागर में सागर भरना (थोड़े शब्दों में अधिक बातें कहना )बिहारी ने अपने दोहों में ऐसा भाव भरा है,लगता है कवि ने गागर में सागर भर दिया है .
३२.गुल खिलना (नयी बात का भेद खुलना ,विचित्र बातें होना) सुनते रहिये ,देखिये अभी क्या गुल खिलेगा .
३३.गिरगिट की तरह रंग बदलना (बातें बदलना) गिरगिट की तरह रंग बदलने से तुम्हारी कोई इज्जत नहीं करेगा .
३४.घर का न घाट का (कहीं का नहीं )तुम्हारी आदत ने तुम्हे न घर का न घाट का बना रखा है .
३५.घाव पर नमक छिड़कना (दुःख में दुःख देना )राम वैसे ही दुखी है ,तुम उसे परेशान करके घाव पर नमक छिड़क रहे हो .

३६. चल बसना (मर जाना ) उसकी माँ अचानक ही चल बसी .
३७.चार चाँद लगाना (चौगुनी शोभा देना ) निबन्धों में मुहावरों का प्रयोग करने से चार चाँद लग जाता है .
३८.चिकना घड़ा होना (बेशर्म होना ) तुम ऐसा चिकना घड़ा हो तुम्हारे ऊपर कहने सुनने का कोई असर नहीं पड़ता .
३९.चिराग तले अँधेरा (भलाई में बुराई) छात्र की मूर्खता पर शिक्षक ने कहा बेटा चिराग तले अँधेरा होता है .
४०.चैन की बंशी बजाना(मौज करना ) आजकल राम चैन की बंशी बजा रहा है .
४१.छक्के छुड़ाना ( परेशान करना ) झाँसी की रानी ने थोड़ी सी सेना के बल पर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिया था .
४२.छप्पर फाडकर देना (बिना मेहनत का अधिक धन पाना) ईश्वर जिसे देता है ,छप्पर फाड़कर देता है .

४३.छाती पर पत्थर रखना (कठोर ह्रदय) उसने छाती पर पत्थर रखकर अपने पुत्र को विदेश भेजा था .
४४.छाती पर सवार होना (आ जाना) अभी वह बात कर रही थी कि बच्चे उसके छाती पर सवार हो गए .
४५.जहर उगलना (द्वेषपूर्ण बात करना )पडोसी देश चीन और पाकिस्तान हमारे देश के प्रति हमेशा जहर उगलते रहते है .
४६.जलती आग में घी डालना (क्रोध बढ़ाना)बहन ने भाई की शिकायत करके जलती आग में भी डाल दिया .
४७.जमीन आसमान एक करना (बहुत प्रयन्त करना)मै शहर में अच्छा मकान लेने के लिए जमीन आसमान एक कर दे रहा हूँ परन्तु सफलता नहीं मिल रही है .
४८.जान पर खेलना (प्राण की परवाह न करना) भगत सिंह देशभक्ति के लिए अपनी जान पर खेल गए .
४९.जूते चाटना(जी में जी करना) वह नेताओं की जूते चाटते चाटते थक गया .
५०.झक मारना (विवश होना)दूसरा कोई साधन नहीं है . झक मारकर तुम्हे साइकिल से जाना पड़ेगा .

५१ . टका सा जबाब देना ( साफ़ इनकार करना ) – मै नौकरी के लिए मैनेज़र से मिला लेकिन उन्होंने टका सा जबाब दे दिया .
५२.टस से मस न होना ( कुछ भी प्रभाव न पड़ना ) – दवा लाने के लिए मै घंटों से कह रहा हूँ , परन्तु आप आप टस से मस नहीं हो रहे हैं .
५३.टोपी उछालना (अपमान करना ) – अपने घर को देखो ,दूसरों की टोपी उछालने से क्या लाभ ?
५४. डकार जाना ( हड़प जाना ) – सियाराम अपने भाई की सारी संपत्ति डकार गया .
५५. तिल का ताड़ बनाना (छोटी बातों को बढ़ा देना ) – मै समझ रहा हूँ कि तुम तिल को ताड़ बनाकर झगड़ा कर रहे हो .
५६.तूती बोलना (प्रभावशाली होना ) – सत्ता में सोनिया गांधी की तूती बोल रही थी .
५७.थूक कर चाटना (बात देकर फिरना ) – मै राम की तरह थूक कर चाटना वाला नहीं हूँ.
५८.दम टूटना (मर जाना ) – शेर ने एक ही गोली में दम तोड़ दिया .
५९.दाल में काला होना (संदेह होना ) – हम लोगों की ओट में ये जिस तरह धीरे -धीरे बातें कर रहें है, उससे मुझे दाल में काला लग रहा है .
६०.बाजी मारना (जीत पाना ) – आज आपने खेल में बाजी मार लिया .
६१.बात बनाना (बहाना बनाना ) – तुम हर काम में बात बनाना जानते हो .
६२.भीगी बिल्ली होना (बिलकुल डर जाना) – वह अपने पापा के सामने भीगी बिल्ली हो जाता है .
६३.मिट्टी के मोल (बहुत सस्ता ) – यह मकान मिट्टी के मोल बिक गया .
६४.मुट्ठी गरम करना (घूस लेना ) – चलो मुट्ठी गरम कराओ, आज ही काम करवा देता हूँ.
६५.मुँह बंद कर देना (शांत कराना) – तुम धमकी देकर मेरा मुँह बंद कर देना चाहते हो .
६६. मीठी छुरी (छली मनुष्य )- वह तो मीठी छुरी है ,मैं उसके बातों में नहीं आता हूँ।
६७. मुँह काला होना – अपमानित होना – उसका मुँह काला हो गया है ,अब वह कैसे किसी के सामने आएगा।
६८. मुँह की खाना ( पराजित होना ) – पाकिस्तान ,भारत के आगे हमेशा मुँह की खाता रहता है।
६९. मख्खन लगाना ( चापलूसी करना ) – साहब को मख्खन लगाने के बाद भी मेरा काम नहीं बना।
७०. मगरमच्छ के आँसू ( दिखावटी सहानुभूति ) मेरे घर में चोरी हो जाने पर रहीम चाचा मगरमच्छ के आँसू बहाने लगे।
७१. न रहेगा बॉस न बजेगी बाँसुरी – (कारण का ही नाश कर देना) – अपने मोहल्ले को मच्छरों के प्रकोप से बचाने के लिए लोग गन्दी नालियों की सफाई में जुट गए। इस तरह न रहेगा बॉस न बजेगी बाँसुरी।
७२. राम मिलायी जोड़ी ,एक अँधा एक कोढ़ी – (दो मनुष्यों का एक सामान होना) – राम और श्याम की अच्छी जोड़ी मिली। दोनों चोर हैं। इस तरह ठीक ही कहा है राम मिलायी जोड़ी ,एक अँधा एक कोढ़ी।
७३. लकीर के फ़क़ीर – (पुरानी परम्परों का पालन करने वाला) – कबीरदास लकीर के फ़क़ीर नहीं थे तभी तो उन्होंने भक्ति मार्ग द्वारा उन्नति की राह निकाली।
७४. लाठी टूटे न साँप मरे – (किसी की हानि हुए बिना स्वार्थ सिद्ध हो जाना)- राम किसी को हानि पहुँचाए बिना काम करना चाहते है। जैसे – लाठी टूटे न साँप मरे।
७५. लालच बुरी बला – (लालच से बहुत हानि होती है) – सभी जानते है कि लालच बुरी बला है ,फिर भी लालच में पड़ जाते हैं।

बेफिक्र कौन | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #45

बेफिक्र कौन | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #45

अकबर बीरबल के किस्से हिंदी मै, बीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाब, किस्से कहानियां, अकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से, bachon ki kahani in hindi,  panchtantra ki kahaniya, baccho ki, dadi maa ki kahaniyan,  bal kahaniyan,, short bal kahani in hindi,  cinderella ki kahani, baccho ki kahaniya aur cartoon, story in hindi, kahani baccho ki,

एक दिन बादशाह ने दरबार में पूछा कि संसार में कोई ऐसा भी आदमी है , जिसे किसी प्रकार की चिंता कभी न होती हो ? इस प्रश्न पर सब दरबारी चुप हो गए . तब बीरबल से उत्तर देने को कहा गया. उसने कहा – हुजूर ! पाँच बर्ष का बालक . इस उत्तर से दरबारी और बादशाह सभी खुश हो गए .

आधा बाप आपका आधा मेरा | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #22

आधा बाप आपका आधा मेरा | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #22

अकबर बीरबल के किस्से से हिंदी मैबीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाबकिस्से कहानियांअकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से

बीरबल प्रायः नीचे देखकर चला करते थे । एक दिन बादशाह अकबर ने उन्हें ऐसे चलते देख कर पूछा – बीरबल तुम जमीन की ओर क्या देखा करते हो ?
बीरबल ने कहा – हुजूर ! इसमें मेरा बाप गुम हो गया है । मै उसे ही देखता चलता हूँ।
बादशाह ने कहा – अगर हम तुम्हारा बाप खोज दें , तो तुम क्या दोगे ?
बीरबल ने जबाब दिया – अगर आप मेरे बाप को खोज दें , तो आधा बाप मेरा और आधा आपका । बादशाह यह सुनकर हँसने लगे ।

अकबर-बीरबल की मुलाकात | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #21

अकबर-बीरबल की मुलाकात | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #21

अकबर बीरबल के किस्से से हिंदी मैबीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाबकिस्से कहानियांअकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से

अकबर को शिकार का बहुत शौक था. वे किसी भी तरह शिकार के लिए समय निकल ही लेते थे. बाद में वे अपने समय के बहुत ही अच्छे घुड़सवार और शिकरी भी कहलाये. एक बार राजा अकबर शिकार के लिए निकले, घोडे पर सरपट दौड़ते हुए उन्हें पता ही नहीं चला और केवल कुछ सिपाहियों को छोड़ कर बाकी सेना पीछे रह गई. शाम घिर आई थी, सभी भूखे और प्यासे थे, और समझ गए थे की वो रास्ता भटक गए हैं. राजा को समझ नहीं आ रहा था की वह किस तरफ़ जाएं.

कुछ दूर जाने पर उन्हें एक तिराहा नज़र आया. राजा बहुत खुश हुए चलो अब तो किसी तरह वे अपनी राजधानी पहुँच ही जायेंगे. लेकिन जाएं तो जायें किस तरफ़. राजा उलझन में थे. वे सभी सोच में थे किंतु कोई युक्ति नहीं सूझ रही थी. तभी उन्होंने देखा कि एक लड़का उन्हें सड़क के किनारे खड़ा-खडा घूर रहा है. सैनिकों ने यह देखा तो उसे पकड़ कर राजा के सामने पेश किया. राजा ने कड़कती आवाज़ में पूछा, “ऐ लड़के, आगरा के लिए कौन सी सड़क जाती है”? लड़का मुस्कुराया और कहा, “जनाब, ये सड़क चल नहीं सकती तो ये आगरा कैसे जायेगी”. महाराज जाना तो आपको ही पड़ेगा और यह कहकर वह खिलखिलाकर हंस पड़ा.

सभी सैनिक मौन खड़े थे, वे राजा के गुस्से से वाकिफ थे. लड़का फ़िर बोला,” जनाब, लोग चलते हैं, रास्ते नहीं”. यह सुनकर इस बार राजा मुस्कुराया और कहा,” नहीं, तुम ठीक कह रहे हो. तुम्हारा नाम क्या है, अकबर ने पूछा. मेरा नाम महेश दास है महाराज, लड़के ने उत्तर दिया, और आप कौन हैं? अकबर ने अपनी अंगूठी निकाल कर महेश दास को देते हुए कहा, “तुम महाराजा अकबर – हिंदुस्तान के सम्राट से बात कर रहे हो”. मुझे निडर लोग पसंद हैं. तुम मेरे दरबार में आना और मुझे ये अंगूठी दिखाना. ये अंगूठी देख कर मैं तुम्हें पहचान लूंगा. अब तुम मुझे बताओ कि मैं किस रास्ते पर चलूँ ताकि मैं आगरा पहुँच जाऊं.

महेश दास ने सिर झुका कर आगरा का रास्ता बताया और जाते हुए हिंदुस्तान के सम्राट को देखता रहा|

और इस तरह अकबर भविष्य के बीरबल से मिले ।

आठ आठ बर्ष के राजकुमार | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #20

आठ आठ बर्ष के राजकुमार | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #20

अकबर बीरबल के किस्से से हिंदी मैबीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाबकिस्से कहानियांअकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से

 

जब बादशाह अकबर की शहजादी १२ बर्ष की हो गयी ,तब उन्हें उसके विवाह की चिंता हुई । यह काम बीरबल सबसे अच्छा बना सकते थे। अतः बादशाह ने बीरबल को बुलाया और कहा – बीरबल ! कहीं कोई अच्छा सा १६ बर्ष का राजकुमार तलाश करो । बीरबल बादशाह का मतलब समझ गए और बोले – हुजूर ! अगर आठ आठ बर्ष के दो राजकुमार मिल जावें तो ? यह सुनकर बादशाह बड़े लज्जित हुए।

रमजान का महीना | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #19

रमजान का महीना | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #19

अकबर बीरबल के किस्से से हिंदी मैबीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाबकिस्से कहानियांअकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से

एक दिन बादशाह ने बीरबल से पूछा कि रमजान मास खुशी का होता है या बेखुशी का ? बीरबल ने कहा – हुजुर ! खुशी खुशी होती है । अकबर ने नाराज होकर पूछा – क्यों ? बीरबल ने कहा – हुजुर ! यदि खुशी खुशी न होता तो क्या उसके सिर में दर्द है जो हर साल बार -बार आता है । यह सुनकर बादशाह चुप हो गए ।

बीरबल का चौका | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #18

बीरबल का चौका | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #18

अकबर बीरबल के किस्से से हिंदी मैबीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाबकिस्से कहानियांअकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से

एक दिन अकबर बीरबल दोनों गाँव की सैर को निकले . दोनों अलग अलग बैगाडियों में सवार थे . रास्ते में भूख लगी तो बीरबल समोसा निकालकर खाने लगे . बादशाह ने देख लिया और कहा – बीरबल ! तुम कैसे ब्राह्मण हो जो बिना चौका दिए ही खा रहे हो . इस पर बीरबल ने कहा – हुजूर ! चौका भी तो इसके गोबर का लगता है जो इसमें जुता है . बादशाह निरुत्तर हो गए .

खिजाब लगाने वालों के दिमाग नहीं होता | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #16

खिजाब लगाने वालों के दिमाग नहीं होता | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #16

अकबर बीरबल के किस्से से हिंदी मैबीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाबकिस्से कहानियांअकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से

एक बार बादशाह खिजाब लगा रहे थे . वे मज़ाक में बीरबल को नीचा दिखाने के लिए बोले – बीरबल ! जो लोग खिजाब नहीं लगाते उनका दिमाग बड़ा रद्दी होता है. इस बात को सुनकर बीरबल ने उत्तर दिया – जहाँपनाह ! खिजाब न लगाने वालों का दिमाग तो ख़राब होता है , पर खिजाब लगाने वालों के दिमाग ही नहीं होता . उस दिन से बादशाह अकबर ने खिजाब लगाना छोड़ दिया .

काली ही न्यामत है | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #15

काली ही न्यामत है | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #15

अकबर बीरबल के किस्से से हिंदी मैबीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाबकिस्से कहानियांअकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से

एक बार बादशाह और बीरबल सड़क पर आ रहे थे। उन्होंने क्या देखा कि एक कुत्ता बासी और जली हुई रोटी खा रहा है। बादशाह की माँ का नाम न्यामत और बीरबल की माँ का नाम काली था। बादशाह ने हँसी में कहा – बीरबल ! देखो कुत्ता काली को खा रहा है ।
बीरबल ने तुरंत ही जबाब दिया – हुजूर ! उसके लिए वही न्यामत है । यह सुनते ही बादशाह पानी पानी हो गए और कुछ भी न कहा ।

बादशाह की लाजवाब किताब | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #14

बादशाह की लाजवाब किताब | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #14

अकबर बीरबल के किस्से से हिंदी मैबीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाबकिस्से कहानियांअकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से

अकबर बादशाह ने एक पुस्तक लिखकर छपवाई थी. बादशाह उसे बहुत ही सुन्दर पुस्तक समझते थे. एक दिन बीरबल ने कहा – हुजूर ! आपने बड़ी कमाल की पुस्तक लिखी है . आज मैंने घीसा हलवाई के पास देखी थी. बादशाह ने पूछा – उसने पूरी पढ़ी थी ? क्या कहता था वह ? बीरबल ने कहा – हुजूर ! पढता न था ,वह तो उसमे चमचम बाँधकर बेचता है. इस पर बादशाह को बड़ी खिसियाहट हुई और उन्होंने सब पुस्तक इकट्ठी करवा कर अग्निदेव को भेंट कर दी.