Prefix In Hindi-उपसर्ग की परिभाषा, भेद और 50+ उदाहरण

Prefix In Hindi-उपसर्ग की परिभाषा, भेद और उदाहरण

उपसर्ग :

उपसर्ग दो शब्दों से मिलकर बना होता है उप+सर्ग। उप का अर्थ होता है समीप और सर्ग का अर्थ होता है सृष्टि करना। संस्कृत एवं संस्कृत से उत्पन्न भाषाओँ में उस अव्यय या शब्द को उपसर्ग कहते है। अथार्त शब्दांश उसके आरम्भ में लगकर उसके अर्थ को बदल देते हैं या फिर उसमें विशेषता लाते हैं उन शब्दों को उपसर्ग कहते हैं। शब्दांश होने के कारण इनका कोई स्वतंत्र रूप से कोई महत्व नहीं माना जाता है।

उदाहरण :- हार एक शब्द है जिसका अर्थ होता है पराजय। लेकिन इसके आगे आ शब्द लगने से नया शब्द बनेगा जैसे आहार जिसका मतलब होता है भोजन।

उपसर्ग के भेद :-

1. संस्कृत के उपसर्ग

2. हिंदी के उपसर्ग

3. अरबी-फारसी के उपसर्ग

4. अंग्रेजी के उपसर्ग

5. उर्दू के उपसर्ग

6. उपसर्ग की भांति प्रयुक्त होने वाले संस्कृत के अव्यय

1. संस्कृत के उपसर्ग :-

1.अति – ( अधिक ,परे , ऊपर , उस पार ,) –

अत्यधिक , अतिशय , अत्यंत , अतिरिक्त , अत्यल्प , अतिक्रमण , अतिवृष्टि , अतिशीघ्र , अत्याचार , अतीन्द्रिय , अत्युक्ति , अत्युत्तम , अत्यावश्यक , अतीव , अतिकाल , अतिरेक आदि।

2. अप – ( बुरा , अभाव , विपरीत , हीनता , छोटा ) –

अपयश , अपमान , अपशब्द , अपराध , अपकार , अपकीर्ति , अपभ्रश , अपव्यय , अपवाद , अपकर्ष , अपहरण , अपप्रयोग , अपशकुन , अपेक्षा आदि।

3. अ – (अभाव , अन , निषेध , नहीं , विपरीत ) –

अधर , अपलक , अटल , अमर , अचल , अनाथ , अविश्वास , अधर्म, अचेतन , अज्ञान , अलग , अनजान , अनमोल , अनेक , अनिष्ट , अथाह , अनाचार , अलौकिक , अस्वीकार , अन्याय , अशोक , अहिंसा , अवगुण , अर्जित आदि।

4. अनु – (पीछे , समान , क्रम , पश्चात ) –

अनुक्रमांक , अनुकंपा , अनुज , अनुरूप , अनुपात , अनुचर , अनुकरण , अनुसार , अनुशासन , अनुराग , अनुग्रह , अनुवाद , अनुस्वार , अनुशीलन , अनुकूल , अनुक्रम , अनुभव , अनुशंसा , अन्वय , अन्वीक्षण , अन्वेषण , अनुच्छेद , अनूदित आदि।

5. आ – (ओर , सीमा , तक , से , समेत , कमी , विपरीत , उल्टा , अभाव , नहीं ) –

आगमन , आजीवन , आमरण , आचरण ,आलेख , आहार , आकर्षण , आकर , आकार , आभार , आशंका , आवेश , आरक्त , आदान , आक्रमण , आकलन , आकाश , आरम्भ , आमुख , आरोहण , आजन्म , आयात , आतप , आगार , आगम , आमोद , आरक्षण , आकर्षण , आबालवृद्ध , आघात आदि।

6. अधि – (श्रेष्ठ , प्रधान , ऊपर , सामीप्य ) –

अधिकार , अधिसूचना , अधिपति , अधिकरण , अधिनायक , अधिमान , अधिपाठक , अधिग्रहण , अधिवक्ता , आधिक्य , अध्धयन , अध्यापन , अधिराज , अध्यात्म , अध्यक्ष , अधिनियम , अधिमास , अधिकृत , अधिक्षण , अध्यादेश , अधीन , अधीक्षक आदि।

7.अभि – ( सामने , पास , ओर , इच्छा प्रकट करना , चारों ओर ) –

अभ्यास , अभ्युदय , अभिमान , अभिषेक ,अभिनय , अभिनव , अभिवादन , अभिभाषण , अभियोग , अभिभूत , अभिभावक , अभ्यर्थी , अभीष्ट , अभ्यंतर , अभीप्सा , अभिनन्दन , अभिलाप , अभीमुख , अभ्युत्थान ,अभियान , अभिसार , अभ्यागत , अभ्यास , अभिशाप ,अभिज्ञान आदि।

8. उप – ( निकट , छोटा , सहायक , सद्र्श , गौण , हीनता ) –

उपकार , उपग्रह , उपमंत्री , उपहार , उपदेश , उपवन , उपनाम , उपचार , उपसर्ग , उपयोग , उपभोग , उपभेद , उपयुक्त , उपेक्षा , उपाधि , उपाध्यक्ष ,उपकूल , उपनिवेश , उपस्थिति , उपासना , उपदिशा , उपवेद , उपनेत्र , उपरांत , उपसंहार , उपकरण , उपकार आदि।

9. प्र – ( आगे , अधिक , ऊपर , यश ) –

प्रमाण , प्रयोग , प्रताप , प्रबल , प्रस्थान , प्रकृति , प्रमुख ,प्रदान , प्रचार , प्रसार , प्रहार , प्रयत्न , प्रभंजन , प्रपौत्र , प्रारम्भ , प्रोज्जवल , प्रेत , प्राचार्य , प्रयोजक , प्रार्थी , प्रक्रिया , प्रवाह , प्रख्यात , प्रकाश , प्रकट , प्रगति , प्रपंच , प्रलाप , प्रभुता , प्रपिता , प्रकोप , प्रभु , प्रयास आदि।

10. वि – ( विशिष्ट , भिन्न , हीनता ,असमानता , अभाव ) –

विरोध , विपक्ष , विदेश , विकल , वियोग , विनाश , विराम ,विजय , विज्ञान , विलय , विहार , विख्यात , विधान , व्यवहार , व्यर्थ , व्यायाम , व्यंजन , व्याधि , व्यसन , व्यूह , विकास , विधवा , विवाद , विशेष , विस्मरण , विभाग , विकार , विमुख , विनय , विनंती , विफल , विसंगति , विवाह , विभिन्न ,विश्राम आदि।

11. उत – ( श्रेष्ठ , ऊपर , ऊँचा ) –

उल्लास , उज्ज्वल , उत्थान , उन्नति , उदघाटन , उत्तम , उत्पन्न , उत्पत्ति , उत्पीडन , उत्कंडा, उत्तम , उत्कृष्ट , उदय , उद्गम , उत्कर्ष , उत्पल , उल्लेख , उत्साह , उत्पात , उतीर्ण , उभ्दिज्ज आदि।

12. प्रति – ( विरुद्ध , प्रत्येक , सामने , बराबरी , उल्टा , हर एक ) –

प्रत्याशा , प्रतिकूल , प्रतिकार , प्रतिष्ठा , प्रत्येक , प्रतिहिंसा , प्रतिरूप , प्रतिध्वनी , प्रतिनिधि , प्रतीक्षा , प्रत्युत्तर , प्रतीत , प्रतिक्षण , प्रतिदान , प्रत्यक्ष ,प्रतिवर्ष , प्रत्यपर्ण , प्रतिद्वंदी , प्रतिशोध , प्रतिरोधक , प्रतिघात , प्रतिध्वनी आदि।

13. सु – ( अच्छा , सरल , सुखी , सहज ,सुंदर , अधिक ) –

सुशील , स्वागत , स्वल्प , सुगम , सुबोध , सुपुत्र ,सुधार , सुगंध , सुगति , सुगन्ध, सुगति, सुबोध, सुयश, सुमन , सुलभ , सुअवसर, सूक्ति ,सुदूर , सुजन , सुशिक्षित , सुपात्र , सुगठित , सुहाग , सुकर्म , सुकृत , सुभाषित , सुकवि , सुरभि आदि।

14. सम – ( अच्छा , पूर्णता , संयोग , उत्तम , साथ ) –

संताप , संभावना , संयोग , संशोधन , सम्मान , सम्मेलन ,संकल्प, संचय, सन्तोष, संगठन, संचार , संलग्न , संहार, संशय, संरक्षा ,संकल्प, संग्रह, संन्यास, संस्कार, संरक्षण, संहार , सम्मुख, संग्राम , संभव , संतुष्ट , संचालन , संजय आदि।

15. सह – ( साथ ) –

सहोदर , सहपाठी , सहगान , सहचर , सहमती , सहयोग , सहमत आदि।

16. पर – ( अन्य ) –

परदेश , परलोक , पराधीन आदि।

17. कु – ( बुरा ,हीनता ) –

कुपुत्र , कुरूम , कुकर्म , कुमति ,कुयोग , कुकृत्य ,कुख्यात , कुखेत , कुपात्र , कुकाठ , कपूत , कुढंग आदि।

 

18. परि – ( चारों ओर , पास , आसपास ) –

परिवार , परिणाम , पर्यावरण , परिजन , परिक्रम , परिक्रमा , परिपूर्ण, परिमार्जन,परिहार, परिक्रमण, परिभ्रमण, परिधान,परिहास, परिश्रम, परिवर्तन, परीक्षा,पर्याप्त, पर्यटन , पर्यन्त ,परिमित , परिपूर्ण , परिपाक, परिधि आदि।

19. अव – ( हीन , बुरा ,अनादर , पतन ) –

अवशेष , अवगुण , अवकाश , अवसर , अवनति , अवज्ञा , अवधारण, अवगति, अवतार, अवलोकन, अवतरण , अवगत , अवस्था , अवनत , अवसान , अवरोहन , अवगणना , अवकृपा आदि।

20. निर – ( निषेध ,रहित , बिना , बाहर ) –

निर्बल , निर्मल , निर्माण , निर्जन , निरकार , निरपराध, निराहार, निरक्षर, निरादर, निरहंकार, निरामिष, निर्जर, निर्धन, निर्यात, निर्दोष, निरवलम्ब, नीरोग, नीरस, निरीह, निरीक्षण , निरंजन , निराषा , निर्गुण , निर्भय , निर्वास , निराकरण , निर्वाह , निदोष , निर्जीव , निर्मूल आदि।

21. पूरा – ( पुराना , पहला ) –

पुरातत्व , पुरातन , पुरावरित्त आदि।

22. सत – (अच्छा ) –

सदाचार , सत्पुरुष , सत्कर्म , सत्संग , सद्भावना आदि।

23. दुर – ( कठिन , बुरा , विपरीत ,दुष्ट , हीन )-

दुराशा, दुराग्रह, दुराचार, दुरवस्था, दुरुपयोग, दुरभिसंधि, दुर्गुण, दुर्दशा , दुर्घटना, दुर्भावना, दुरुह ,दुरुक्ति , दुर्जन , दुर्गम , दुर्बल , दुर्लभ , दुखद , दुरावस्था , दुर्दमनीय , दुर्भाग्य आदि।

24. दुस – ( बुरा , विपरीत , कठिन , दुष्ट , हीन )-

दुश्चिन्त, दुश्शासन, दुष्कर, दुष्कर्म, दुस्साहस, दुस्साध्य,दुष्कृत्य , दुष्प्राप्य , दु:सह आदि।

25. नि – ( बिना , विशेष , निषेध , अभाव , भीतर , नीचे , अतिरिक्त )-

निडर, निगम, निवास, निदान, निहत्थ, निबन्ध, निदेशक, निकर, निवारण, न्यून, न्याय, न्यास, निषेध, निषिद्ध ,नियुक्त , निपात , नियोग , निपात , निरूपा , निदर्शन , निवास , निरूपण , निम्न , निरोध , निकामी , निजोर आदि।

26. निस – ( बिना ,आहार , बाहर , निषेध , रहित )-

निश्चय, निश्छल, निष्काम, निष्कर्म , निष्पाप, निष्फल, निस्तेज, निस्सन्देह , निस्तार , निस्सार , निश्चल , निश्चित ,निष्फल , नि:शेष आदि।

27. परा – ( विपरीत , पीछे , अधिक , अनादर , नाश )-

पराजय, पराभव, पराक्रम, परामर्श, परावर्तन, पराविद्या, पराकाष्ठा , पराभूत , पराधीन आदि।

28. अन – ( नहीं , बुरा , अभाव , निषेध )-

अनन्त, अनादि, अनेक, अनाहूत, अनुपयोगी, अनागत, अनिष्ट, अनीह , अनुपयुक्त, अनुपम, अनुचित, अनन्य , अनजान , अनमोल , अपढ़ , अनजान , अन्थाह आदि।

29. अध् – (आधे ) –

अधमरा , अधजला , अधपका , अधखिला , अध्सेरा , अधजल , अधस्थल , अधोगति आदि।

30. उन – ( एक कम ) –

उन्नीस , उनतीस , उन्चास , उनसठ , उनहत्तर आदि।

31. औ – ( हीनता , निषेध ) –

औगुन , औघट , औसर , औढर आदि।

32. दु – ( बुरा , हीन ) –

दुकाल , दुबला आदि।

33. बिन – ( निषेध ) –

बिनजाना , बिनब्याहा , बिनबोया , बिनदेखा , बिनखाया , बिनचखा , बिनकाम आदि।

34. भर – ( पूरा , ठीक ) –

भरपेट , भरसक , भरपूर , भरदिन आदि।

35. चिर – ( बहुत , आनन्द ) –

चिरायु , चिरंतन , चिरंजीवी आदि।

36. तत – ( समान ) –

तत्काल , तत्सम , तत्पर आदि।

37. स्व – ( अपना ) –

स्वरोजगार , स्वतंत्र , स्वभाव आदि।

38. अपि – (आवरण )-

अपिधान आदि।

2. हिंदी के उपसर्ग :-

1. अन – (अभाव , निषेध , नहीं ) –

अनजान , अनकहा , अनदेखा , अनमोल , अनबन , अनपढ़ , अनहोनी , अछूत , अचेत , अनचाहा , अनसुना , अलग , अनदेखी आदि।

2. अध् – ( आधा ) –

अधपका , अधमरा , अधक्च्चा , अधकचरा , अधजला , अधखिला , अधगला , अधनंगा आदि।

3. उन – ( एक कम ) –

उनतीस , उनचास , उनसठ , उनहत्तर , उनतालीस , उन्नीस , उन्नासी आदि।

4. दु – (बुरा , हीन , दो , विशेष , कम ) –

दुबला , दुर्जन , दुर्बल , दुलारा , दुधारू , दुसाध्य , दुरंगा , दुलत्ती , दुनाली , दुराहा , दुपहरी , दुगुना , दुकाल आदि।

5. नि – ( रहित , अभाव , विशेष , कमी ) –

निडर , निक्कमा , निगोड़ा , निहत्था , निहाल आदि।

6. अ -( अभाव , निषेध ) –

अछुता , अथाह , अटल , अचेत आदि।

7. कु – ( बुरा , हिन् ) –

कुचाल , कुचैला , कुचक्र , कपूत , कुढंग , कुसंगति , कुकर्म , कुरूप , कुपुत्र , कुमार्ग , कुरीति , कुख्यात , कुमति आदि।

8. औ – (हीन , अब , निषेध ) –

औगुन , औघर , औसर ,औसान , औघट , औतार , औगढ़ , औढर आदि।

9. भर – ( पूरा , ठीक ) –

भरपेट , भरपूर , भरसक , भरमार , भरकम , भरपाई , भरदिन आदि।

10. सु – ( सुंदर , अच्छा ) –

सुडौल , सुजान , सुघड़ , सुफल , सुनामी , सुकाल , सपूत आदि।

11. पर – ( दूसरी पीढ़ी , दूसरा , बाद का ) –

परलोक , परोपकार , परसर्ग , परहित , परदादा , परपोता , परनाना , परदेशी , परजीवी , परकोटा , परलोक , परकाज आदि।

12. बिन – ( बिना , निषेध ) –

बिनब्याहा , बिनबादल , बिनपाए , बिनजाने , बिनखाये , बिनचाहा , बिनखाया , बिनबोया , बिनामांगा , बिनजाया , बिनदेखा , बिनमंगे आदि।

13. चौ – (चार ) –

चौपाई , चौपाया , चौराहा , चौकन्ना , चौमासा , चौरंगा , चौमुखा , चौपाल आदि।

14. उ – ( अभाव , हीनता ) –

उचक्का , उजड़ना , उछलना , उखाड़ना , उतावला , उदर , उजड़ा , उधर आदि।

15. पच – (पांच ) –

पचरंगा , पचमेल , पचकूटा , पचमढ़ी आदि।

16. ति – ( तीन ) –

तिरंगा , तिराहा , तिपाई , तिकोन , तिमाही आदि।

17 . का – ( बुरा ) –

कायर , कापुरुष , काजल आदि।

18. स – ( सहित ) –

सपूत , सफल , सबल , सगुण , सजीव ,सावधान , सकर्मक आदि।

19. चिर – (सदैव ) –

चिरकाल , चिरायु , चिरयौवन , चिरपरिचित , चिरस्थायी , चिरस्मरणीय , चिरप्रतीक्षित आदि।

20. न – (नहीं ) –

नकुल , नास्तिक , नग , नपुंसक , नगण्य , नेति आदि।

21. बहु – (ज्यादा ) –

बहुमूल्य , बहुवचन , बहुमत , बहुभुज , बहुविवाह , बहुसंख्यक , बहुपयोगी आदि।

22. आप – (स्वंय ) –

आपकाज , आपबीती , आपकही , आपसुनी आदि।

23. नाना – (विविध ) –

नानाप्रकार , नानारूप , नानाजाति , नानाविकार आदि।

24. क – (बुरा , हीन ) –

कपूत , कलंक , कठोर , कचोट आदि।

25. सम – ( समान ) –

समतल , समदर्शी , समकोण , समकक्ष आदि।

26. अव – (हीन , निषेध ) –

औगुन , औघर , औसर , औसान आदि।

3. अरबी -फारसी के उपसर्ग :-

1.दर – (में , मध्य में ) –

दरकिनार , दरमियान , दरअसल , दरकार , दरगुजर , दरहकीकत आदि।

2. कम – ( थोडा , हीन , अल्प ) –

कमजोर , कमबख्त , कमउम्र , कमअक्ल , कमसमझ , कमसिन आदि।

3. ला – (नहीं , रहित ) –

लाइलाज , लाजवाब, लापरवाह , लापता ,लावारिस , लाचार , लामानी , लाजवाल आदि।

4. ब – (के साथ , और , अनुसार ) –

बखूबी , बदौलत , बदस्तूर , बगैर , बनाम , बमुश्किल आदि।

5. बे – (बिना ) –

बेनाम , बेपरवाह , बेईमान , बेरहम , बेहोश , बैचैन , बेइज्जत , बेचारा , बेवकूफ , बेबुनियाद ,बेवक्त , बेतरह , बेअक्ल , बेकसूर , बेनामी , बेशक आदि।

6. बा – ( साथ से , सहित ) –

बाकायदा , बादत , बावजूद , बाहरो , बाइज्जत , बाअदब , बामौका , बाकलम , बाइंसाफ , बामुलाहिजा आदि।

7. बद – (बुरा , हीनता ) –

बदनाम , बदमाश , बदतमीज , बदबू , बदसूरत , बदकिस्मत , बदहजमी , बददिमाग , बदमजा , बदहवास , बददुआ , बदनीयत , बदकार आदि।

8. ना – (अभाव ) –

नालायक , नाकारा , नाराज , नासमझ , नाबालिक , नाचीज , नापसंद , नामुमकिन , नामुराद , नाकामयाब , नाकाम , नापाक आदि।

9. गैर – (भिन्न , निषेध ) –

गैरहाजिर , गैरकानूनी , गैरसरकारी , गैरजिम्मेदार , गैरमुल्क , गैरवाजिब , गैरमुमकिन , गैरमुनासिब आदि।

10. हम – ( आपस में , समान , साथ वाला ) –

हमराज , हमदर्द , हमजोली , हमनाम , हमउम्र , हमदम , हमदर्दी , हमराह , हमसफर आदि।

11. हर – ( सब , प्रत्येक ) –

हरलाल , हरसाल , हरवक्त ,हररोज , हरघडी , हरएक , हरदिन , हरबार आदि।

12. खुश – (अच्छा ) –

खुसबू , खुशनसीब , खुशमिजाज , खुशदिल , खुशहाल , खुशखबरी , खुशकिस्मत आदि।

13. सर – ( मुख्य ) –

सरताज , सरदार , सरपंच , सरकार , सरहद , सरगना आदि।

14. अल – ( अलमस्त , निश्चित , अंतिम ) –

अलबत्ता , अलबेला , अलविदा आदि।

4. अंग्रेजी के उपसर्ग :-

1. हाफ – ( आधा ) –

हाफ पेंट , हाफ बाड़ी , हाफटिकट , हाफरेट , हाफकमीज आदि।

2. सब – ( अधीन , नीचे ) –

सब पोस्टर , सब इंस्पेक्टर , सबजज , सबकमेटी , सबरजिस्टर आदि।

3. चीफ – (प्रमुख ) –

चीफ मिनिस्टर , चीफ इंजीनियर , चीफ सेक्रेटरी आदि।

4. जनरल – (प्रधान , सामान्य ) –

जनरल मैनेजर , जनरल सेक्रेटरी , जनरल इंश्योरेंस आदि।

5. हैड – ( मुख्य ) –

हैड मुंशी , हैड पंडित , हेडमास्टर , हेड क्लर्क , हेड ऑफिस , हेड कांस्टेबल आदि।

6. डिप्टी – ( सहायक ) –

डिप्टी कलेक्टर , डिप्टी रजिस्टर , डिप्टी मिनिस्टर आदि।

7. वाइस – ( सहायक , उप ) –

वाइसराय , वाइस चांसलर , वाइस प्रेजिडेंट , वाइस प्रिंसिपल आदि।

8. एक्स – ( मुक्त ) –

एक्सप्रेस , एक्स कमिश्नर , एक्स स्टूडेंट , एक्स प्रिंसिपल आदि।

5. उर्दू के उपसर्ग :-

1. अल – (निश्चित ) –

अलगरज , अलबत्ता आदि।

2. कम – ( थोडा , हीन ) –

कमजोर , कमउम्र , कमबख्त , कमसिन , कमख्याल , कमदिमाग , कमजात आदि।

3. खुश – (अच्छा ) –

खुशनसीब , खुशहाल , खुशकिस्मत , खुशदिल , खुशनुमा , खुशगवार , खुशमिजाज , खुसबू आदि।

4. गैर – (निषेध , के बिना ) –

गैरहाजिर , गैरकानूनी , गैरसरकारी , गैरजरूरी , गैरकौम , गैरहाजिब , गैरमुनासिब आदि।

5. दर – ( में ) –

दरकार , दरबार , दरमियान , दरअसल , दरहकीकत आदि।

6. ना – ( अभाव , निषेध ) –

नालायक , नासमझ , नाबालिक , नाराज , नामुमकिन , नादान , नापसंद , नामुराद , नाकामयाब , नाचीज , नापाक , नाकाम आदि।

7. बद – ( बुरा ) –

बदतर , बदनाम , बदकिस्मत , बदसूरत , बदमाश , बददिमाग , बदचलन , बदहजमी , बदमजा , बददुआ , बदनीयत , बदकार आदि।

8. बर – (बाहर , ऊपर ) –

बरखास्त , बरदास्त , बरबाद , बरवक्त , बरकरार , बरअक्स , बरजमा आदि।

9. बे – ( बिना ) –

बेवक्त , बेझिझक , बेवकूफ , बेइज्जत , बेकाम , बेअसर , बेरहम , बेईमान , बेचारा , बेअक्ल , बेबुनियाद , बेतरह , बेमानी , बेशक आदि।

10. ला – ( बिना , रहित ) –

लाजवाब , लापता , लाचार , लावारिस , लापरवाह , लाइलाज , लामानी , लाइल्म आदि।

11. हर – ( प्रत्येक , प्रति ) –

हरदम , हरवक्त , हरपल , हरदिन , हरसाल , हरएक , हरबार आदि।

12. हम – ( समान , बराबर ) –

हमसफर , हमदर्द , हमशक्ल , हमउम्र , हमदर्दी , हमपेशा , हमराज , हमदम आदि।

13. बिल – ( के साथ , बिना ) –

बिलआखिर , बिलकुल , बिलवजह , बिलावजह , बिलाशक , बिलालिहज , बिलानागा आदि।

14. फिल /फी – ( में प्रति ) –

फ़िलहाल , फिआदमी , फीसदी आदि।

15. ब – ( और , अनुसार ) –

बनाम , बदौलत , बदस्तूर , बगैर , बमुश्किल आदि।

16. बा – ( सहित , अनुसार ) –

बाकायदा , बाइज्जत , बाअदब , बामौका , बाकलम , बामुलाहिजा आदि।

17. सर – ( मुख्य ) –

सरताज , सरदार , सरपंच , सरकार , सरहद , सरगना आदि।

6. उपसर्ग की भांति प्रयुक्त होने वाले संस्कृत के अव्यय :-

1. का – ( निषेध ) – कापुरुष आदि।

2. कु – ( हीन ) – कुपुत्र आदि।

3. चिर – ( बहुत देर ) –

चिरकाल , चिरायु , चिरंतन , चिरंजीवी , चिरकुमार आदि।

4. अ – ( निषेध , अभाव ) –

अधर्म , अनीति , अनन्त , अज्ञान , अभाव , अचेत , अशोक , अकाल आदि।

5. अन – ( निषेध ) –

अनीति , अनन्त , अनागत , अनर्थ , अनादि आदि।

6. अंतर – ( भीतर ) –

अन्तर्नाद , अन्तर्ध्यान , अंतरात्मा , अंतर्राष्ट्रीय , अंतर्जातीय आदि।

7. स – ( सहित ) –

सजल , सकल , सहर्ष आदि।

8. अध्: – ( नीचे ) –

अध्:पतन , अधोगति , अधोमुख , अधोलिखित आदि।

9. पुरस – ( आगे ) –

पुरस्कार , पुरस्कृत आदि।

10. पुनः – ( फिर ) –

पुनर्गमन , पुनर्जन्म , पुनर्मिलन , पुनर्लेखन , पुनर्जीवन आदि।

11. पुरा – ( पुराना ) –

पुरातत्व , पुरातन , पुरावृत आदि।

12. तिरस – ( बुरा , हीन ) –

तिरस्कार , तिरोभाव आदि।

13. सत – ( श्रेष्ठ , सच्चा ) –

सत्कार , सज्जन , सत्कार्य , सदाचार , सत्कर्म आदि।

14. अंत: – (भीतरी ) –

अंत:करण , अंत:पुर , अंतर्मन , अंतर्देशीय आदि।

15. बहिर – ( बाहर ) –

बहिर्गमन , बहिष्कार आदि।

16. सम – ( समान ) –

समकालीन , समदर्शी , समकोण ,समकालिक आदि।

17. सह – ( साथ ) –

सहकार , सहपाठी , सहयोग , सहचर आदि।

दो उपसर्गों से बने उपसर्ग :-

1. अ+नि+यंत्रित = अनियंत्रित
2. प्रति+उप+कार = प्रतुप्कार
3. परी+आ+वरण = पर्यावरण
4. अति+आ+चार = अत्याचार
5. सु+प्र+स्थान = सुप्रस्थान
6. अन+आ+गत = अनागत
7. वि+आ+करण = व्याकरण
8. अ+परा+जय = अपराजय
9. सत+आ+चार = सदाचार
10. निर+अभि+मान = निरभिमान
11. सु+आ+गत = स्वागत
12. अन+आ+चार = अनाचार आदि।

Question 1 : किस शब्द में “कु” का प्रयोग उपसर्ग के रूप में नहीं है ?
1. कुफल
2. कुरूप
3. कुमार्ग
4. कुसुम

Question 2 : “स्वेच्छा”, “स्वागत” शब्दों में उपसर्ग है ?
1. सु सु
2. स्व स्व
3. स्व सु
4. सव् सू

Question 3 : “चिरायु” शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है ?
1. चि
2. चीर
3. चिर
4. ची

Question 4 : “स्पृष्य” शब्द में पूर्व कौनसा उपसर्ग जोडें कि विपरीतार्थक शब्द बन जाए ?
1. दुर्
2. नि
3.
4. अप

Question 5 : “पराधीन” एवं “परोक्ष” शब्दों में उपसर्ग होंगे ?
1. परा पर
2. परा परः
3. पर परः
4. परा परि.

Question 6 : किस शब्द में उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
1. अच्छाई
2. कठिनता
3. उत्कर्ष
4. आलसी

Question 7 : “प्रच्छन” शब्द में उपसर्ग व शब्द होंगे ?
1. प्रत् + छन्न
2. प्रः + छन्न
3. प्र + छन्न
4. प्रत् + षन्न

Question 8 : “प्रतिकूल” व “प्रहलाद” शब्दों में उपसर्ग होंगे ?
1. प्र प्र
2. प्रत् प्रह्
3. प्रति प्र
4. प्रती प्र

Question 9 : “पर्यवेक्षण” में प्रयुक्त उपसर्ग एवं मूल शब्द है ?
1. पर्य + अव + ईक्षण
2. परि+ अव + ईक्षण
3. परी + अब + ईक्षण
4. पर्यव + ईक्षण

Question 10 : निम्नलिखित में से किस शब्द में उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है ?
1. निपात
2. निन्दा
3. निडर
4. निबंध

Question 11 : “अन्वय” एवं “अनुपयोग” शब्दों में उपसर्ग होंगे ?
1. अन अन्
2. अनु अन्
3. अन् अनु
4. अन अनु

Question 12 : “प्रत्यर्पण” शब्द में उपसर्ग निहित है ?
1. प्र
2. प्रत्
3. प्रती
4. प्रति

Question 13 : “अनुवाद” में कौनसा उपसर्ग है ?
1.
2. अन
3. अन्
4. अनु

Question 14 : “नाइन्साफी” में कौनसा उपसर्ग है ?
1. ना
2. नाई
3. नाइन्
4. नाईन्

Question 15 : “निर्दोश” में कौनसा उपसर्ग है ?
1. नि
2. नी
3. नीर्
4. निर्

Question 16 : “खुशबू” में कौनसा उपसर्ग है?
1. खुश
2. बू
3. शबू
4. खु

Question 17 : “सज्जन” में कौनसा उपसर्ग है?
1. सज्
2. सत्
3. जन्
4.

Question 18 : “उन्नति” में उपसर्ग है?
1.
2.
3. उत्
4. उन

Question 19 : “प्रतिहार” में उपसर्ग है?
1. प्रती
2. अति
3. प्रति
4. प्र

Question 20 : “स्वाधीन” में उपसर्ग है ?
1. स्व
2. सु
3. सम्
4. इनमें से कोई नहीं

Question 21 : “संस्कार” में किस उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
1. सम्
2. सव
3. सु
4. सः

Question 22 : किस शब्द में उपसर्ग का प्रयोग नही हुआ है ?
1. आहार
2. कहार
3. विहार
4. प्रहार

Question 23 : किस शब्द में “सु” उपसर्ग का प्रयोग के रूप में नहीं हुआ है ?
1. सुयोग्य
2. स्वार्थ
3. सुपुत्र
4. सुहास

Question 24 : किस शब्द में “सु” उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है ?
1. सुहास
2. सुयोग्य
3. सुफल
4. सुरेन्द्र

Question 25 : वह शब्द जो उपसर्ग प्रयोग की दृष्टि से शुद्ध है ?
1. प्राक्कथन
2. प्राकथन
3. प्रक्थन
4. प्राक्थन

Question 26 : “अनभिज्ञ” में कौनसा उपसर्ग है ?
1. अन
2. अन्
3.
4. अनः

Question 27 : “स्वजन” में कौनसा उपसर्ग है?
1. सु
2. सू
3. सव
4. स्व

Question 28 : “पर्यावरण” में उपसर्ग तथा मूल शब्द होगें ?
1. पर्य-आवरण
2. पर्या-आवरण
3. परि-आवरण
4. परी-आवरण

Question 29 : “अत्यंत” शब्द में किस उपसर्ग का प्रयोग हुआ है ?
1. अत्
2. अति
3.
4. अत्य

Question 30 : “बिन ब्याहा” शब्द में उपसर्ग है ?
1. बा
2. बे
3. बिन्
4. बिन

Question 31 : “बेफकूफ” शब्द में उपसर्ग है ?
1. बे
2. वद्
3. बद
4.

Question 35 : “सु” उपसर्ग किस शब्द में हैं ?
1. सुख
2. सुप्त
3. स्वागत
4. सुंदर

Question 34 : “नि” उपसर्ग का प्रयोग किस शब्द में नहीं हुआ हैं ?
1. निकृष्ट
2. निष्कर्म
3. नियम
4. निबंधV

Question 36 : “अनुचित” शब्द में उपसर्ग है ?
1. अन्
2. अनु
3. अनू
4. अन

Question 37 : किस शब्द में उपसर्ग का उपयोग नहीं किया गया है ?
1. अच्छाई
2. अनुच्छेद
3. परिच्छेद

Question 38 : सत्कार” में उपसर्ग है ?
1. सत
2. सत्
3. सम्

Question 39 : “अलबत्ता” शब्द में उपसर्ग है ?
1.
2. अल्
3. अल
4.

Question 40 : निम्न में से किस शब्द में “तत्” उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है ?
1. तल्लीन
2. तद्भव
3. तदंतर
4. तिरस्कार

Question 41 : “सम्मुख” शब्द में कौनसा उपसर्ग है ?
1. सम्
2. सु
3. सम
4.

Question 42 : “अनुरूप” शब्द में उपसर्ग है ?
1. अनु
2. अन
3. सम
4.

Question 43 : “ग्रह” शब्द में कौनसा उपसर्ग जोडें कि अर्थ “संग्रह” हो जाए ?
1. परि
2. वि
3.
4. नि

Question 44 : “उन्यासी” शब्द में उपसर्ग है ?
1.
2. उन
3. उन्
4. उत्

Question 45 : “पराजय” शब्द में उपसर्ग है?
1. परा
2. पर
3. पर
4. परि

Question 46 : “अंतर्द्वद्व” में किस उपसर्ग का प्रयोग हुआ है
1. अंत
2.
3. अंतर्
4. अन्तर

Question 47 : किस शब्द में “उप” उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है?
1. उपन्यास
2. उद्गम
3. उपमंत्री
4. उपकार

Question 48 : किस शब्द में “प्र” उपसर्ग का प्रयोग हुआ है
1. प्रबंध
2. प्रगति
3. प्रस्थान
4. उपर्यक्त सभी

Question 49 : “आकाश” में उपसर्ग है
1.
2.
3. अक्
4. इनमें से कोई नहीं

Question 50 : “कु” उपसर्ग से बना देषज शब्द कौनसा है ?
1. कुकर्म
2. कुठौर
3. कुरूप
4. कुप्रबंध

 

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The Use and Non-Use of Articles A, An,The

Use and Non-Use of articles a, an, the

Articles-A, An or The  The Use and Non-Use of Articles A, An,The

An article is a word that describes or tell more about the Noun. It is used before the noun to show whether it refers to something specific or general. So, in a way, articles can also be described as a type of adjectives as they also tell us something about the nouns, like adjectives. Articles are also known as Determiners.

Article are of two types:
1 Indefinite Articles – A/An – Indicate to general things or persons. The things or persons which are not sure / not particular / not certain or not specific.

2 Definite Article – The – Indicate to particular things or persons. The things or persons which are certain / specific or particular.

आर्टिकल वह शब्द है जो नाउन के बारे में बताता है या व्याख्या करता है । यह नाउन से पहले यह बताने के लिये प्रयोग होता है की नाउन खास / विशेष है या नही । इसलिये, आर्टिकल भी एक प्रकार का एड्जिक्टिव है जो नाउन के बारे में बताता है । आर्टिकल्स को ड़िटर्मिनर्स् भी कहा जाता है

आर्टिकल्स दो प्रकार के होते है:
1 इंड़ेफ़िनेट आर्टिकल्स – A or An – निश्चित वस्तु, व्यक्ति या स्थान की तरफ संकेत नही करते  । 2 ड़ेफ़िनेट आर्टिकल – The –  किसी निश्चित वस्तु, व्यक्ति या स्थान की तरफ संकेत करता है ।

 

Article ‘A/An’

A and an are the indefinite articles. In a sentence when Noun is Singular Countable Noun and it is not a definite, then Article A/An is used.

A और An अनिश्चित आर्टिकल्स है । वाक्यो में अनिश्चित सिंगुलर काउंटेबल नाउन से पूर्व आर्टिकल A/An का प्रयोग किया जाता है ।

मेरे पास एक पेन है । I have a pen.
वह एक आर्टिस्ट है । She is an artist.
मैने कल एक छाता खरीदा । I bought an umbrella yesterday.
उसने मुझे एक प्याज दिया । She gave me an onion.
क्या आपके पास पुस्तक है? Do you have a book?

Difference between ‘A’ and ‘An’ 

‘A’ is used before a word (singular) beginning with a consonant or a vowel with consonant sound. Consonant letters in the English alphabet are B, C, D, F, G, H, J, K, L, M,N, P, Q, R, S, T, V,W, X,Y, Z.
For example: A boy, a girl, a pen, a book, a dog, a table, etc.

‘An’ is used before a word beginning with a vowel sound. Vowel letters in the English alphabet are A, E, I, O, U.
For example: An umbrella, an elephant, an apple, an orphan, an artist, etc.

Please Note that ‘An’ is used on the basis of vowel sound and not only on the basis of the starting vowel letter of the word.
For example: “An hour” , “An honest man””, “A young man””, “A house”, “An heir”, “A useful book”, “An M.L.A”, “An F.I.R.”, “An X-ray”, “An LL.B”, “A husband”, “An honour”, “An year”, “A one-rupee note”, “An IAS” etc.

In the above examples, ‘An’ is used on the basis of sound’. The words ‘hour’, ‘heir, and ‘honest’ both begin with a vowel sound, as the consonant ‘h’ is silent. Similarly, the word ‘house’ and ‘useful’ begins with the consonant sound of ‘h’ & ‘yoo’ hence ‘A’ is used before them.

‘A’ और ‘An’ के बीच क्या अन्तर है  

‘A’ का प्रयोग उस सिंगुलर नाउन शब्द से पहले किया जाता है जिस शब्द का प्रथम अक्षर व्यंजन (कॉन्सनन्ट) है या प्रथम अक्षर की ध्वनि स्वर नही है  । इंग्लिश भाषा में व्यंजन अक्षर है – B, C, D, F, G, H, J, K, L, M, N, P, Q, R, S, T, V, W, X, Y, Z ।
उदाहरण :  A boy, a girl, a pen, a book, a dog, a table, etc ।

‘An’ का प्रयोग उस सिंगुलर नाउन शब्द से पहले किया जाता है जिस शब्द की प्रथम ध्वनी  स्वर हो । इंग्लिश भाषा में स्वर अक्षर है – A, E, I, O, U ।
उदाहरण :  An umbrella, an elephant, an apple, an orphan, an artist, etc.

ध्यान दीजिये  ‘An’ का प्रयोग प्रथम अक्षर की स्वर ध्वनि के आधार पर किया जाता है, ना की शब्द के प्रथम स्वर अक्षर होने पर ।
उदाहरण “An hour” , “An honest man”, “A young man””, “A house”, “An heir”, “A useful book”, “An M.L.A”, “An F.I.R.”, “An X-ray”, “An LL.B”, “A husband”, “An honour”, “An year”, “A one-rupee note”, “An IAS” आदि ।

Specific use of ‘A/An’ 

Specific use of A/An A/An का प्रयोग Examples
A/An’ is used before Singular Countable Noun. A Noun which can be counted. सिंगुलर काउंटेबल नाउन से पहले ‘A/An’ का प्रयोग किया जाता है । काउंटेबल का अर्थ है जिसकी गिनती हो सके । An Artist, a doctor, a boy, a dog, an umbrella.
A/An’ is used before singular noun. It is not used before plural noun. A/An’ सिंगुलर नाउन से पहले प्रयोग किया जाता है, प्लुरल (बहुवचन) नाउन से पहले नही । A book’ is correct, ‘a books’ is incorrect as word ‘books’ is plural.
A/An’ is not used before proper noun, but when it is unknown for the speaker, ‘A/An’ is used. प्रोपर नाउन से पहले ‘A/An’ का प्रयोग नही होता है लेकिन जब वक्ता के लिये वह अंजान है तो ‘A/An’ का प्रयोग होता है । This book is written by a Rajeev Ailawadi (Here Ailawadi is an unknown person for the speaker).
A/an’ is used after words what & such in exclamatory sentences. एक्सक्लेमेटरी वाक्यों में What & Such के बाद सिंगुलर काउंटेबल नाउन से पहले A/An का प्रयोग किया जाता है । What a scene, What a lovely boy, Such a big hall.
A/An’ is used before professions. प्रोफेशन से पहले ‘A/An’ का प्रयोग किया जाता है । She is a teacher, He is an engineer, He is a manager, Ram is an MP.
A/An’ is used when someone is introduced by features or personality of important/famous persons. किसी विशिष्ट व्यक्ति की उपमा से किसी अन्य की पहचान दी जाये तो A/An का प्रयोग होता है । He is a Dara Singh of our colony, She is a Hitler, She is a Lata Mangeshkar of our college.
A/An’ is used before a verb which is used as a noun in a sentence. वाक्य में जब वर्ब का प्रयोग नाउन की तरह किया जाये, तो उससे पहला A/An का प्रयोग होता है । We go for a walk daily, We had a long discussion, She wants to have a bath.
A/An is used after words -many/rather/quite/such, if it come before singular noun. Many/rather/quite/such के बाद यदि सिंगुलर नाउन आये, तो उससे पहले A/An का प्रयोग होता है । Many a times, quite an easy question, such an intelligent boy, rather a lovely place.
If Adjective comes before singular noun, then A/An is used before Adjective. यदि सिंगुलर नाउन से पहले कोई एड्जिक्टिव आता है, तो A/An को एड्जिक्टिव से पहले लगाते है । She is a beautiful girl, He is not a good person, He is an intelligent boy, She is an honest minister.
Before a singular noun which refers to a class of things. किसी जाति / विशेष को व्यक्त करने के लिये, A/An का प्रयोग सिंगुलर नाउन से पहले किया जाता है । An orange is rich in vitamins. A dog is an animal. A parrot is a bird, I am a journalist, She is an Indian.
A/An is used for certain expressions of quantity and numbers. कुछ मात्रा और नंबर से पहले, A/An का प्रयोग होता है । A lot of things, a few samples, a couple of days, a hundred rupee note, a million dollar question.

 

Article – The

‘The’ is known as a definite article as it is used for a particular thing or person. ‘The’ article is same for all genders in singular and in plural.

‘The’ आर्टिकल निश्चित व्यक्ति, वस्तु या स्थान की और संकेत करता है । ‘The’ आर्टिकल सभी सिंगुलर और प्लुरल के लिये सामान है ।

Use of ‘The’ Article 

Before पहले Examples
Things of Nature or Unique प्राक्रतिक या बेजोड़ चीजें The Sun, the sky, the earth but ‘The’ is not used before Hell, Heaven, God, Parliament.
Directions (if preposition comes before it) दिशांए (जब इनसे पहले प्रेपॉज़िशन दिया हुआ हो) The sun rises in the east.
East or West, home is the best.
The names of Rivers, oceans, seas, hills, lakes, dams, trains, ships, deserts नदियों, समुंद्रों, महासागरों, पहाड़ों, झीलों, नहरों, डैम, जहाजों, मरुस्थलों, आदि के नाम से पहले । The Ganga, the Shatabdi Express, the Himalayas, the Bhakhra dam, the Sahara desert, the Arabian sea, the Indian ocean etc.
The names of newspapers, magazine, religious books. धार्मिक ग्रंथ, अखबार, पत्रिका, आदि के नाम से पहले । The Gita, the Indian Express, the India Today.
The names of historical buildings, public places, religious places. एतिहासिक भवनों, सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक स्थानों के नाम से पहले । The Taj Mahal, The Golden Temple, The zoo.
The singular noun which represents the whole of its class उन सिंगुलर नाउन से पहले जो पूरी जाति का बोध कराते हैं । The dog is a faithful animal.
The Proper noun which is used as a Common noun. उन प्रोपर नाउन से पहले जो कॉमन नाउन के रूप में प्रयोग किए गए हों । He is the Rustam of Japan.
The name of organisation of workshop, factory, party, bank. वर्कशॉप, फैक्टरी, पार्टी, बैंक, आदि के संगथन के नाम से पहले The Congress, The state bank of India.
Historical events एतिहासिक घटनांओ से पहले The battle of Panipat.
Big posts बड़े़ बड़े़ पदों के लिये The President, The Prime Minister, The Director
Words -evening, morning, afternoon (if words – last, next or every, is not coming before it) Evening/morning/afternoon से पहले (यदि इनसे पहले last, next या every शब्द ना दिया हुआ हो) In the evening, in the morning, last evening, every morning.
Superlative Degree सुपरलेटिव डिग्री से पहले The greatest, the most, the fastest
Comparative Degree (if ‘than’ is not used before it) कम्पैरेटिव डिग्री से पहले (यदि उसके आगे ‘than’ नही हो) । She is the wiser of the two. She is wiser than Suman. The older he grew, the worse he became.
The Common noun which has already been mentioned or which is already known. उन कॉमन नाउन से पहले जिनका उल्लेख पहले ही हो गया हो या उन शब्दों से पहले जिनसे पूर्व परिचय हो । There was a fox. The fox was hungry. I know the man who came here last night.
Proper noun for making it plural. प्रोपर नाउन को बहुवचन बनाने के लिये । The Guptas, The Greens, the Sharmas
The Adjectives which are used as noun. उन एड्जिक्टिव से पहले जो नाउन के रूप में प्रयुक्त होते हैं । The rich, the brave, the poor.
The dates तिथी/तरीख से पहले Today is the 3rd of December.
After words ‘All & Both’ and before words ‘Whole & Same’) All और Both’ के बाद तथा ‘Whole और Same’ से पहले All the boys, Both the girls, The whole class, The same shirt.
The thing which is specific or particular जब कोई खास चीज हो That is the house. The girl standing in the first row.
Community, castes सम्प्रदायों और जातियों से पहले The English (angrej log), The Hindus (Hindu log), The French
Normally ‘The’ is not used before the name of any country or person. But such countries which are united, ‘The’ is used before their name. अधिकतर किसी नाम के आगे (चाहे किसी आदमी का हो या देश का ) ‘The’ का प्रयोग नही होता है । लेकिन ऐसे देश जो संगथन से बने है उनके आगे ‘The’ का प्रयोग होता है । The UK, The USA, The UAE.

 

No Article

Zero Article No आर्टिकल Examples
The’ is not used before School, college, church, prison when the purpose of going there is same for which it was meant for. School, college, bed, church, Prison से पहले ‘The’ का प्रयोग उस स्थिति में नही होता जब वहां जाने का उद्देश्य वही हो जिस हेतु उसका निर्माण किया गया है । I go to college daily (purpose-study), I go to bed (purpose-sleep), She goes to temple (purpose-prayer)
Article is not used before a noun which comes after the words – appoint, made, nominate, elect, declare वर्ड्स – Appoint, made, nominate, elect, declare के बाद आने वाले नाउन से पहले ‘आर्टिकल’ का प्रयोग नही होता । He is elected MP, He made him finance in charge, Viraat will be declared captain of Indian team.
Article’ is not used before words – lunch, dinner, breakfast. वर्ड्स – Lunch, dinner, breakfast से पहले सामान्यतः ‘आर्टिकल’ नही लगाया जाता । I invited him to dinner, I had my breakfast, I shall have lunch at 2 pm.
Article’ is not used before the name of Disease, Language & Colours. बीमारी, भाषा, रंग के नाम से पहले ‘आर्टिकल’ का प्रयोग नही होता । She died of dengue fever, I can speak English, She likes pink colour. If colour is used as an adjective, then Article is used e.g. She always keeps a red pen, She has a green saree.
Article is not used before plural noun when it refers to a class. प्लुरल नाउन से पहले आर्टिकल का प्रयोग तब नही होता जब वह किसी वर्ग को व्यक्त करता है । Doctors are normally humble. Teachers are strict towards students. Working women are normally over-stressed.
The’ is not used before shops, banks, hotels which are affiliated with the name of persons who started them. कई shop, bank, hotel, church उन व्यक्तियों के नाम से जुड़े होते है जिन्होनें उसे शुरू किया है – इनसे पहले ‘The’ का प्रयोग नही होता । Raymonds (shop), McDonalds, Subway, Lloyds bank, St Paul’s Cathedral.
The’ is not used with the name of company कंपनियों के नाम के साथ भी ‘The’ का प्रयोग नही होता । Indian Oil Corporation Ltd, Maruti, Colgate, Sony, Samsung.
The’ is not used when possessive pronouns -My, His, Her comes before superlative degree सुपरलेटिव डिग्री से पूर्व यदि My, His, Her जैसे पज़ेसिव प्रोनाउन का प्रयोग हो तो ‘The’ का प्रयोग नही होता । She is my best friend, She is her best classmate, I am her dearest friend.
Many Buildings and Institutions names are made of two words out of which one word is of a person or place, ‘The’ is not used before them. कई बिल्डिंग और इंस्टीट्यूशन के नाम दो शब्दों से मिलकर बने होते हैं जिनमें से एक शब्द किसी व्यक्ति या स्थान का होता है, उससे पहले ‘The’ का प्रयोग नही होता । Victoria station, Indira Gandhi Airport, Chhatrapati Shiva jee Stadium.

 

More examples 

अकबर एक महान राजा था । Akbar was a great king.
बांए रहो । Keep to the left.
भाड़ में जाओ । Go to hell.
भारत का बिलगेट कौन बनने जा रहा है? Who is going to be the Bill Gate of India?
बस की एक घंटे की सेवा है । There is an hourly bus service.
कश्मीर भारत का स्विटज़रलैंड है । Kashmir is the Switzerland of India.
क्या बात है? What is the matter?
क्या डाकिया मेरा पत्र ले आया? Has the postman brought my letter?
मैं स्नान करने जा रहा हूँ । I am going to take a bath.
मैं बिस्तर पर बैठा । I sat on the bed.
मैं बिस्तर पर लेटा । I lay on the bed.
मैं अर्थशास्त्र में बहुत अच्छा हूँ । I am very good in Economics.
मै् इंग्लिश सीख रहा हूँ । I am learning English.
मैने तुम्हें चर्च के नजदीक पाया । I found you near the church
मैने तुम्हें सेंट् पॉल चर्च के नजदीक पाया । I found you near St. Paul Church.
मतलब की बात करो । Come to the point.
सूर्य पश्चिम में अस्त होता है । The Sun sets in the west.
वह होशियार विध्यार्थी नही है । She is not a bright student.
यह सबसे अच्छी वेब साइटों में से एक है । This is one of the best web sites.

muhavare-idioms-मुहावरे Muhavare (Idioms) ( मुहावरे) मुहावरे Muhaware और उनका प्रयोग

muhavare-idioms-मुहावरे Muhavare (Idioms) ( मुहावरे) मुहावरे Muhaware और उनका प्रयोग

muhavare-idioms-मुहावरे Muhavare (Idioms) ( मुहावरे) मुहावरे Muhaware और उनका प्रयोग with example

मुहावरा :- विशेष अर्थ को प्रकट करने वाले वाक्यांश को मुहावरा कहते है। मुहावरा पूर्ण वाक्य नहीं होता, इसीलिए इसका स्वतंत्र रूप से प्रयोग नहीं किया जा सकता । मुहावरा का प्रयोग करना और ठीक -ठीक अर्थ समझना बड़ा ही  कठिन है ,यह अभ्यास से ही सीखा जा सकता है । इसीलिए इसका नाम मुहावरा पड़ गया ।

यहाँ पर कुछ प्रसिद्ध मुहावरे और उनके अर्थ वाक्य में प्रयोग सहित दिए जा रहे है।

१.अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना – (स्वयं अपनी प्रशंसा करना ) – अच्छे आदमियों को अपने मुहँ मियाँ मिट्ठू बनना शोभा नहीं देता ।
२.अक्ल का चरने जाना – (समझ का अभाव होना) – इतना भी समझ नहीं सके ,क्या अक्ल चरने गए है ?
३.अपने पैरों पर खड़ा होना – (स्वालंबी होना) – युवकों को अपने पैरों पर खड़े होने पर ही विवाह करना चाहिए ।
४.अक्ल का दुश्मन – (मूर्ख) – राम तुम मेरी बात क्यों नहीं मानते ,लगता है आजकल तुम अक्ल के दुश्मन हो गए हो ।
५.अपना उल्लू सीधा करना – (मतलब निकालना) – आजकल के नेता अपना अपना उल्लू सीधा करने के लिए ही लोगों को भड़काते है ।

६.आँखे खुलना – (सचेत होना) – ठोकर खाने के बाद ही बहुत से लोगों की आँखे खुलती है ।
७.आँख का तारा – (बहुत प्यारा) – आज्ञाकारी बच्चा माँ -बाप की आँखों का तारा होता है ।
८.आँखे दिखाना – (बहुत क्रोध करना) – राम से मैंने सच बातें कह दी , तो वह मुझे आँख दिखाने लगा ।
९.आसमान से बातें करना – (बहुत ऊँचा होना) – आजकल ऐसी ऐसी इमारते बनने लगी है ,जो आसमान से बातें करती है ।
१० .ईंट से ईंट बजाना – (पूरी तरह से नष्ट करना) – राम चाहता था कि वह अपने शत्रु के घर की ईंट से ईंट बजा दे।
११.ईंट का जबाब पत्थर से देना – (जबरदस्त बदला लेना) – भारत अपने दुश्मनों को ईंट का जबाब पत्थर से देगा ।
१२.ईद का चाँद होना – (बहुत दिनों बाद दिखाई देना) – राम ,तुम तो कभी दिखाई ही नहीं देते ,ऐसा लगता है कि तुम ईद के चाँद हो गए हो ।
१३.उड़ती चिड़िया पहचानना – (रहस्य की बात दूर से जान लेना) – वह इतना अनुभवी है कि उसे उड़ती चिड़िया पहचानने में देर नहीं लगती ।
१४.उन्नीस बीस का अंतर होना – (बहुत कम अंतर होना) – राम और श्याम की पहचान कर पाना बहुत कठिन है ,क्योंकि दोनों में उन्नीस बीस का ही अंतर है ।
१५.उलटी गंगा बहाना – (अनहोनी हो जाना) – राम किसी से प्रेम से बात कर ले ,तो उलटी गंगा बह जाए ।

१६.कलेजा टूक टूक होना (शोक में दुखी होना ) – पुत्र की मृत्यु का स्मरण होते ही कलेजा टूक टूक हो जाता है .
१७.कागजी घोड़े दौड़ाना ( बेहद लिखी पढ़ी करना ) कुछ काम धाम क्यों नहीं करते ,केवल कागजी घोड़े दौड़ाने से क्या लाभ ?
१८.कमर कसना (तैयार होना ) शत्रुओं से लड़ने के लिए भारतीयों को कमर कसकर तैयार हो जाना चाहिए .
१९.कलेजा मुँह का आना (भयभीत होना ) गुंडे को देख कर उसका कलेजा मुँह को आ गया .
२०. कलेजे पर सांप लोटना (ईर्ष्या करना ) राम के प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर मोहन की माँ के कलेजे पर सांप लोट गया .
२१. कमर टूट जाना -(बहुत बड़ी हानि होना) डाकुओं ने जब से उसके घर को लूटा है ,उसकी कमर ही टूट गयी है .
२२. किताब का कीड़ा होना (पढाई के अलावा कुछ न करना ) विद्यार्थी को केवल किताब का कीड़ा नहो होना चाहिए .
२३.ख़ाक छानना (दुःख उठाना ) मैंने आपके लिए सारे जगत की छान डाली .

२४.खून पसीना एक करना ( अधिक परिश्रम करना ) खून पसीना एक करके विद्यार्थी परीक्षा में सफल होते है .
२५.खून खौलना (क्रोधित होना ) झूठ बातें सुनते ही मेरा खून खौलने लगता है .
२६.खून का प्यासा (जानी दुश्मन होना )उसकी क्या बात कर रहे हो ,वह तो मेरे खून का प्यासा हो गया है .
२७.गले का हार होना (बहुत प्रिय होना )छोटू अपने घर में गले का हार बन गया है .
२८.गला छूटना (पिंड छोड़ना)बुरी तरह फँस गया था किन्तु अब गला छूट गया .
२९.गर्दन पर छुरी चलाना (नुकसान पहुचाना) मुझे पता चल गया कि विरोधियों से मिलकर किस तरह मेरे गले पर छुरी चला रहे थे .
३०.गड़े मुर्दे उखाड़ना (पुरानी बातों का याद दिलाना )आप समय देख कर चलें . गड़े मुर्दें उखाड़ना ठीक नहीं है .
३१.गागर में सागर भरना (थोड़े शब्दों में अधिक बातें कहना )बिहारी ने अपने दोहों में ऐसा भाव भरा है,लगता है कवि ने गागर में सागर भर दिया है .
३२.गुल खिलना (नयी बात का भेद खुलना ,विचित्र बातें होना) सुनते रहिये ,देखिये अभी क्या गुल खिलेगा .
३३.गिरगिट की तरह रंग बदलना (बातें बदलना) गिरगिट की तरह रंग बदलने से तुम्हारी कोई इज्जत नहीं करेगा .
३४.घर का न घाट का (कहीं का नहीं )तुम्हारी आदत ने तुम्हे न घर का न घाट का बना रखा है .
३५.घाव पर नमक छिड़कना (दुःख में दुःख देना )राम वैसे ही दुखी है ,तुम उसे परेशान करके घाव पर नमक छिड़क रहे हो .

३६. चल बसना (मर जाना ) उसकी माँ अचानक ही चल बसी .
३७.चार चाँद लगाना (चौगुनी शोभा देना ) निबन्धों में मुहावरों का प्रयोग करने से चार चाँद लग जाता है .
३८.चिकना घड़ा होना (बेशर्म होना ) तुम ऐसा चिकना घड़ा हो तुम्हारे ऊपर कहने सुनने का कोई असर नहीं पड़ता .
३९.चिराग तले अँधेरा (भलाई में बुराई) छात्र की मूर्खता पर शिक्षक ने कहा बेटा चिराग तले अँधेरा होता है .
४०.चैन की बंशी बजाना(मौज करना ) आजकल राम चैन की बंशी बजा रहा है .
४१.छक्के छुड़ाना ( परेशान करना ) झाँसी की रानी ने थोड़ी सी सेना के बल पर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिया था .
४२.छप्पर फाडकर देना (बिना मेहनत का अधिक धन पाना) ईश्वर जिसे देता है ,छप्पर फाड़कर देता है .

४३.छाती पर पत्थर रखना (कठोर ह्रदय) उसने छाती पर पत्थर रखकर अपने पुत्र को विदेश भेजा था .
४४.छाती पर सवार होना (आ जाना) अभी वह बात कर रही थी कि बच्चे उसके छाती पर सवार हो गए .
४५.जहर उगलना (द्वेषपूर्ण बात करना )पडोसी देश चीन और पाकिस्तान हमारे देश के प्रति हमेशा जहर उगलते रहते है .
४६.जलती आग में घी डालना (क्रोध बढ़ाना)बहन ने भाई की शिकायत करके जलती आग में भी डाल दिया .
४७.जमीन आसमान एक करना (बहुत प्रयन्त करना)मै शहर में अच्छा मकान लेने के लिए जमीन आसमान एक कर दे रहा हूँ परन्तु सफलता नहीं मिल रही है .
४८.जान पर खेलना (प्राण की परवाह न करना) भगत सिंह देशभक्ति के लिए अपनी जान पर खेल गए .
४९.जूते चाटना(जी में जी करना) वह नेताओं की जूते चाटते चाटते थक गया .
५०.झक मारना (विवश होना)दूसरा कोई साधन नहीं है . झक मारकर तुम्हे साइकिल से जाना पड़ेगा .

५१ . टका सा जबाब देना ( साफ़ इनकार करना ) – मै नौकरी के लिए मैनेज़र से मिला लेकिन उन्होंने टका सा जबाब दे दिया .
५२.टस से मस न होना ( कुछ भी प्रभाव न पड़ना ) – दवा लाने के लिए मै घंटों से कह रहा हूँ , परन्तु आप आप टस से मस नहीं हो रहे हैं .
५३.टोपी उछालना (अपमान करना ) – अपने घर को देखो ,दूसरों की टोपी उछालने से क्या लाभ ?
५४. डकार जाना ( हड़प जाना ) – सियाराम अपने भाई की सारी संपत्ति डकार गया .
५५. तिल का ताड़ बनाना (छोटी बातों को बढ़ा देना ) – मै समझ रहा हूँ कि तुम तिल को ताड़ बनाकर झगड़ा कर रहे हो .
५६.तूती बोलना (प्रभावशाली होना ) – सत्ता में सोनिया गांधी की तूती बोल रही थी .
५७.थूक कर चाटना (बात देकर फिरना ) – मै राम की तरह थूक कर चाटना वाला नहीं हूँ.
५८.दम टूटना (मर जाना ) – शेर ने एक ही गोली में दम तोड़ दिया .
५९.दाल में काला होना (संदेह होना ) – हम लोगों की ओट में ये जिस तरह धीरे -धीरे बातें कर रहें है, उससे मुझे दाल में काला लग रहा है .
६०.बाजी मारना (जीत पाना ) – आज आपने खेल में बाजी मार लिया .
६१.बात बनाना (बहाना बनाना ) – तुम हर काम में बात बनाना जानते हो .
६२.भीगी बिल्ली होना (बिलकुल डर जाना) – वह अपने पापा के सामने भीगी बिल्ली हो जाता है .
६३.मिट्टी के मोल (बहुत सस्ता ) – यह मकान मिट्टी के मोल बिक गया .
६४.मुट्ठी गरम करना (घूस लेना ) – चलो मुट्ठी गरम कराओ, आज ही काम करवा देता हूँ.
६५.मुँह बंद कर देना (शांत कराना) – तुम धमकी देकर मेरा मुँह बंद कर देना चाहते हो .
६६. मीठी छुरी (छली मनुष्य )- वह तो मीठी छुरी है ,मैं उसके बातों में नहीं आता हूँ।
६७. मुँह काला होना – अपमानित होना – उसका मुँह काला हो गया है ,अब वह कैसे किसी के सामने आएगा।
६८. मुँह की खाना ( पराजित होना ) – पाकिस्तान ,भारत के आगे हमेशा मुँह की खाता रहता है।
६९. मख्खन लगाना ( चापलूसी करना ) – साहब को मख्खन लगाने के बाद भी मेरा काम नहीं बना।
७०. मगरमच्छ के आँसू ( दिखावटी सहानुभूति ) मेरे घर में चोरी हो जाने पर रहीम चाचा मगरमच्छ के आँसू बहाने लगे।
७१. न रहेगा बॉस न बजेगी बाँसुरी – (कारण का ही नाश कर देना) – अपने मोहल्ले को मच्छरों के प्रकोप से बचाने के लिए लोग गन्दी नालियों की सफाई में जुट गए। इस तरह न रहेगा बॉस न बजेगी बाँसुरी।
७२. राम मिलायी जोड़ी ,एक अँधा एक कोढ़ी – (दो मनुष्यों का एक सामान होना) – राम और श्याम की अच्छी जोड़ी मिली। दोनों चोर हैं। इस तरह ठीक ही कहा है राम मिलायी जोड़ी ,एक अँधा एक कोढ़ी।
७३. लकीर के फ़क़ीर – (पुरानी परम्परों का पालन करने वाला) – कबीरदास लकीर के फ़क़ीर नहीं थे तभी तो उन्होंने भक्ति मार्ग द्वारा उन्नति की राह निकाली।
७४. लाठी टूटे न साँप मरे – (किसी की हानि हुए बिना स्वार्थ सिद्ध हो जाना)- राम किसी को हानि पहुँचाए बिना काम करना चाहते है। जैसे – लाठी टूटे न साँप मरे।
७५. लालच बुरी बला – (लालच से बहुत हानि होती है) – सभी जानते है कि लालच बुरी बला है ,फिर भी लालच में पड़ जाते हैं।

बेफिक्र कौन | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #45

बेफिक्र कौन | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #45

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एक दिन बादशाह ने दरबार में पूछा कि संसार में कोई ऐसा भी आदमी है , जिसे किसी प्रकार की चिंता कभी न होती हो ? इस प्रश्न पर सब दरबारी चुप हो गए . तब बीरबल से उत्तर देने को कहा गया. उसने कहा – हुजूर ! पाँच बर्ष का बालक . इस उत्तर से दरबारी और बादशाह सभी खुश हो गए .

आधा बाप आपका आधा मेरा | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #22

आधा बाप आपका आधा मेरा | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #22

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बीरबल प्रायः नीचे देखकर चला करते थे । एक दिन बादशाह अकबर ने उन्हें ऐसे चलते देख कर पूछा – बीरबल तुम जमीन की ओर क्या देखा करते हो ?
बीरबल ने कहा – हुजूर ! इसमें मेरा बाप गुम हो गया है । मै उसे ही देखता चलता हूँ।
बादशाह ने कहा – अगर हम तुम्हारा बाप खोज दें , तो तुम क्या दोगे ?
बीरबल ने जबाब दिया – अगर आप मेरे बाप को खोज दें , तो आधा बाप मेरा और आधा आपका । बादशाह यह सुनकर हँसने लगे ।

अकबर-बीरबल की मुलाकात | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #21

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अकबर को शिकार का बहुत शौक था. वे किसी भी तरह शिकार के लिए समय निकल ही लेते थे. बाद में वे अपने समय के बहुत ही अच्छे घुड़सवार और शिकरी भी कहलाये. एक बार राजा अकबर शिकार के लिए निकले, घोडे पर सरपट दौड़ते हुए उन्हें पता ही नहीं चला और केवल कुछ सिपाहियों को छोड़ कर बाकी सेना पीछे रह गई. शाम घिर आई थी, सभी भूखे और प्यासे थे, और समझ गए थे की वो रास्ता भटक गए हैं. राजा को समझ नहीं आ रहा था की वह किस तरफ़ जाएं.

कुछ दूर जाने पर उन्हें एक तिराहा नज़र आया. राजा बहुत खुश हुए चलो अब तो किसी तरह वे अपनी राजधानी पहुँच ही जायेंगे. लेकिन जाएं तो जायें किस तरफ़. राजा उलझन में थे. वे सभी सोच में थे किंतु कोई युक्ति नहीं सूझ रही थी. तभी उन्होंने देखा कि एक लड़का उन्हें सड़क के किनारे खड़ा-खडा घूर रहा है. सैनिकों ने यह देखा तो उसे पकड़ कर राजा के सामने पेश किया. राजा ने कड़कती आवाज़ में पूछा, “ऐ लड़के, आगरा के लिए कौन सी सड़क जाती है”? लड़का मुस्कुराया और कहा, “जनाब, ये सड़क चल नहीं सकती तो ये आगरा कैसे जायेगी”. महाराज जाना तो आपको ही पड़ेगा और यह कहकर वह खिलखिलाकर हंस पड़ा.

सभी सैनिक मौन खड़े थे, वे राजा के गुस्से से वाकिफ थे. लड़का फ़िर बोला,” जनाब, लोग चलते हैं, रास्ते नहीं”. यह सुनकर इस बार राजा मुस्कुराया और कहा,” नहीं, तुम ठीक कह रहे हो. तुम्हारा नाम क्या है, अकबर ने पूछा. मेरा नाम महेश दास है महाराज, लड़के ने उत्तर दिया, और आप कौन हैं? अकबर ने अपनी अंगूठी निकाल कर महेश दास को देते हुए कहा, “तुम महाराजा अकबर – हिंदुस्तान के सम्राट से बात कर रहे हो”. मुझे निडर लोग पसंद हैं. तुम मेरे दरबार में आना और मुझे ये अंगूठी दिखाना. ये अंगूठी देख कर मैं तुम्हें पहचान लूंगा. अब तुम मुझे बताओ कि मैं किस रास्ते पर चलूँ ताकि मैं आगरा पहुँच जाऊं.

महेश दास ने सिर झुका कर आगरा का रास्ता बताया और जाते हुए हिंदुस्तान के सम्राट को देखता रहा|

और इस तरह अकबर भविष्य के बीरबल से मिले ।

आठ आठ बर्ष के राजकुमार | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #20

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जब बादशाह अकबर की शहजादी १२ बर्ष की हो गयी ,तब उन्हें उसके विवाह की चिंता हुई । यह काम बीरबल सबसे अच्छा बना सकते थे। अतः बादशाह ने बीरबल को बुलाया और कहा – बीरबल ! कहीं कोई अच्छा सा १६ बर्ष का राजकुमार तलाश करो । बीरबल बादशाह का मतलब समझ गए और बोले – हुजूर ! अगर आठ आठ बर्ष के दो राजकुमार मिल जावें तो ? यह सुनकर बादशाह बड़े लज्जित हुए।

रमजान का महीना | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #19

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एक दिन बादशाह ने बीरबल से पूछा कि रमजान मास खुशी का होता है या बेखुशी का ? बीरबल ने कहा – हुजुर ! खुशी खुशी होती है । अकबर ने नाराज होकर पूछा – क्यों ? बीरबल ने कहा – हुजुर ! यदि खुशी खुशी न होता तो क्या उसके सिर में दर्द है जो हर साल बार -बार आता है । यह सुनकर बादशाह चुप हो गए ।

बीरबल का चौका | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #18

बीरबल का चौका | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #18

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एक दिन अकबर बीरबल दोनों गाँव की सैर को निकले . दोनों अलग अलग बैगाडियों में सवार थे . रास्ते में भूख लगी तो बीरबल समोसा निकालकर खाने लगे . बादशाह ने देख लिया और कहा – बीरबल ! तुम कैसे ब्राह्मण हो जो बिना चौका दिए ही खा रहे हो . इस पर बीरबल ने कहा – हुजूर ! चौका भी तो इसके गोबर का लगता है जो इसमें जुता है . बादशाह निरुत्तर हो गए .

खिजाब लगाने वालों के दिमाग नहीं होता | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #16

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एक बार बादशाह खिजाब लगा रहे थे . वे मज़ाक में बीरबल को नीचा दिखाने के लिए बोले – बीरबल ! जो लोग खिजाब नहीं लगाते उनका दिमाग बड़ा रद्दी होता है. इस बात को सुनकर बीरबल ने उत्तर दिया – जहाँपनाह ! खिजाब न लगाने वालों का दिमाग तो ख़राब होता है , पर खिजाब लगाने वालों के दिमाग ही नहीं होता . उस दिन से बादशाह अकबर ने खिजाब लगाना छोड़ दिया .

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