July 4, 2018 | Hindigk50k

नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों पर निबंध- Essays on Rights and Responsibilities of Citizens in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

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नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों पर निबंध- Essays on Rights and Responsibilities of Citizens in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ नागरिक पूरी स्वतंत्रता के साथ रहते हैं, हालांकि, अपने देश के प्रति उनके बहुत से दायित्व हैं। अधिकार और दायित्व, एक ही सिक्के के दो पहलु है और दोनों ही साथ-साथ चलते हैं। यदि हम अधिकार रखते हैं, तो हम उन अधिकारों से जुड़ें हुए कुछ दायित्व भी रखते हैं। जहाँ भी हम रह रहें हैं, चाहे वह घर, समाज, गाँव, राज्य या देश ही क्यों न हो, वहाँ अधिकार और दायित्व हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं।

आजकल, विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों से कार्य, किसी भी विषय पर पैराग्राफ या पूरा निबंध लिखने के लिए दिया जाता है। यह उनकी किसी भी विषय पर लेखन क्षमता और ज्ञान को बढ़ाने के साथ ही जागरुकता फैलाने के लिए, शिक्षकों के द्वारा रणनीति के रुप में प्रयोग किए जाते हैं। नागरिकों के अधिकारों और दायित्वों पर छोटे निबंध, अधिकारों और दायित्वों पर बड़े निबंध या पैराग्राफ निम्नलिखित हैं। इनमें से आप कोई भी नागरिकों के अधिकारों और दायित्वों पर निबंध को अपनी आवश्यकता और जरुरत के अनुसार चुन सकते हैं:

नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों पर निबंध (राइट्स एंड रेस्पोन्सिबिलिटीज़ ऑफ़ सिटीजन एस्से)

You can get below some essays on Rights and Responsibilities of Citizens in Hindi language for students in 100, 200, 250, 300, 350 and 550 words.

नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों (दायित्वों) पर निबंध 1 (100 शब्द) (Essays on Rights and Responsibilities of Citizens in Hindi 100 Words)

नाग0रिक वही व्यक्ति होते हैं, जो एक देश के किसी गाँव या शहर में एक निवासी के रुप में रहते हैं। हम सभी अपने देश के नागरिक है और अपने गाँव, शहर, समाज, राज्य और देश के लिए बहुत से उत्तरदायित्व रखते हैं। प्रत्येक नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य बहुत ही अमूल्य और एक दूसरे से जुड़े होते हैं। प्रत्येक राज्य या देश अपने देश के निवासियों के लिए कुछ मौलिक नागरिक अधिकार; जैसे – वैयक्तिक अधिकार, धार्मिक अधिकार, सामाजिक अधिकार, नैतिक अधिकार, आर्थिक अधिकार और राजनैतिक अधिकार आदि रखते हैं।

एक देश का नागरिक होने के नाते हमें अपने अधिकारों के साथ ही नैतिक और कानूनी रुप से दायित्वों को पूरा करने आवश्यक है। हमें एक दूसरे से प्यार करना चाहिए और एक दूसरे का सम्मान करने के साथ ही बिना किसी भेदभाव के एक साथ रहना चाहिए। अपने देश की रक्षा के लिए, हमें समय-समय पर प्रत्याशित बलिदान के लिए तैयार रहना चाहिए।

नागरिक के अधिकार और जिम्मेदारी

नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों (दायित्वों) पर निबंध 2 (200 शब्द) (Essays on Rights and Responsibilities of Citizens in Hindi 200 Words)

देश में रहने वाले नागरिकों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों को जानना चाहिए। संविधान द्वारा निर्मित सभी नियमों और कानूनों को समझना, देश के नागरिकों की देश के प्रति जिम्मेदारियों को पूरा करने मदद करेगा। हमें देश में अपनी भलाई और स्वतंत्रता के साथ ही समुदाय और देश की सेवा के लिए अपने अधिकारों को अवश्य जानना चाहिए। भारत का संविधान (जिसे भारत का सबसे बड़ा कानून कहा जाता है), 26 जनवरी 1950 में प्रभाव में आया था, इसने देश के नागरिकों को लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान किए हैं। भारतीय संविधान के अनुसार, भारत के लोग बहुत से अधिकार और दायित्वों को रखते हैं।

भारतीय संविधान में 6 मौलिक अधिकार हैं, जिनके बिना कोई भी लोकतांत्रिक तरीके से रहते हैं। अर्थात्, किसी भी देश में लोकतंत्र तब काम करता है, जबकि उस देश के नागरिकों को अधिकार प्राप्त हों। इस तरह के अधिकार सरकार के तानाशाह और क्रूर होने से बचाते हैं। मौलिक अधिकार लोगों की नैतिक, भौतिक और व्यक्तित्व के विकास में लोगों की मदद करते हैं। अधिकारों के हनन होने की स्थिति में कोई भी व्यक्ति रक्षा के लिए न्यायालय की शरण ले सकता है। देश की समृद्धि और शान्ति के लिए मौलिक कर्तव्य भी है।

नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों पर निबंध 3 (250 शब्द) (Essays on Rights and Responsibilities of Citizens in Hindi 250 Words)

भारतीय नागरिकों को मौलिक अधिकार अच्छे जीवन की आवश्यक और आधारभूत परिस्थितियों के लिए दिए गए हैं। इस तरह के अधिकारों के बिना कोई भी भारतीय नागरिक अपने व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को विकसित नहीं कर सकता है। ये मौलिक अधिकार भारतीय संविधान में निहित हैं। नागरिकों के मौलिक अधिकारों का रक्षा सर्वोच्च कानून के द्वारा की जाती है, जबकि सामान्य अधिकारों की रक्षा सामान्य कानून के द्वारा की जाती है। नागरिकों के मौलिक अधिकारों को हनन नहीं किया जा सकता हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में इन्हें कुछ समय के लिए, अस्थाई रुप से निलंबित किया जा सकता है।

भारतीय संविधान के अनुसार 6 मौलिक अधिकार; समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14 से अनुच्छेद 18 तक), धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25 से अनुच्छेद 28 तक), शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23 व 24), संस्कृति और शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 29 और 30), स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19 से अनुच्छेद 22), संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32)। नागरिक देश के किसी भी भाग में रहते हुए, अपने अधिकारों का लाभ ले सकते हैं। यदि किसी के अधिकारों को व्यक्ति को मजबूर करके छिना जाता है, तो वह व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण ले सकता है। अपने आस-पास के वातावरण को सुधारने और आत्मिक शान्ति प्राप्त करने के लिए अच्छे नागरिकों की बहुत से कर्तव्य भी होते हैं, जिनका सभी के द्वारा पालन किया जाना चाहिए। देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करना देश के स्वामित्व की भावना प्रदान करता है। देश का अच्छा नागरिक होने के नाते, हमें बिजली, पानी, प्राकृतिक संसाधनों, सार्वजनिक सम्पत्ति को बर्बाद नहीं करना चाहिए। हमें सभी नियमों और कानूनों का पालन करने के साथ ही समय पर कर (टैक्स) का भुगातन करना चाहिए।


 

नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों (दायित्वों) पर निबंध 4 (300 शब्द) (Essays on Rights and Responsibilities of Citizens in Hindi 300 Words)

नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकार संविधान का अनिवार्य भाग है। इस तरह के मौलिक अधिकारों को संसद की विशेष प्रक्रिया का उपयोग करने के द्वारा बदला जा सकता है। स्वतंत्रता, जीवन, और निजी संपत्ति के अधिकार को छोड़कर, भारतीय नागरिकों से अलग किसी भी अन्य व्यक्ति को इन अधिकारों की अनुमति नहीं है। जीवन के अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को छोड़कर अन्य सभी मौलिक अधिकारों को आपातकाल के दौरान स्थगित कर दिया जाता है। यदि किसी नागरिक को ऐसा लगता है कि, उसके अधिकारों का हनन हो रहा है, तो वह व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय (सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय) में जा सकता है। कुछ मौलिक अधिकारों सकारात्मक प्रकृति के और कुछ नकारात्मक प्रकृति के है और हमेशा सामान्य कानून में सर्वोच्च होते हैं। कुछ मौलिक अधिकार; जैसे- विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समारोह का आयोजन, सांस्कृतिक और शिक्षा का अधिकार केवल नागरिकों तक सीमित है।

1950 में जब संविधान प्रभाव में आया था, इस समय भारत के संविधान में कोई भी मौलिक कर्तव्य नहीं था। इसके बाद 1976 में 42वें संवैधानिक संशोधन के दौरान भारतीय संविधान में दस मौलिक कर्तव्यों को (अनुच्छेद 51अ के अन्तर्गत) जोड़ा गया था। भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्य निम्नलिखित है:

  • भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गान का सम्मान करना चाहिए।
  • हमें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पालन किए गए विचारों के मूल्यों का सम्मान करना चाहिए।
  • हमें देश की शक्ति, एकता और अखंडता की रक्षा करनी चाहिए।
  • हमें देश की रक्षा करने के साथ ही भाईचारे को बनाए रखना चाहिए।
  • हमें अपने सांस्कृतिक विरासत स्थलों का संरक्षण और रक्षा करनी चाहिए।
  • हमें प्राकृतिक वातावरण की रक्षा, संरक्षण और सुधार करना चाहिए।
  • हमें सार्वजनिक सम्पत्ति का रक्षा करनी चाहिए।
  • हमें वैज्ञानिक खोजों और जांच की भावना विकसित करनी चाहिए।
  • हमें व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधि के हर प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करनी चाहिए।

नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों पर निबंध 5 (350 शब्द) (Essays on Rights and Responsibilities of Citizens in Hindi 350 Words)

भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्य, 1976 में, 42वें संवैधानिक संशोधन के द्वारा भारतीय संविधान में जोड़े गए। देश के हित के लिए सभी जिम्मेदारियाँ बहुत महत्वपूर्ण और आवश्यक हैं। नागरिक कर्तव्यों या नैतिक कर्तव्यों का पालन करने के लिए देश के नागरिकों को कानूनी रुप से, यहाँ तक कि न्यायालय के द्वारा भी बाध्य नहीं किया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति मौलिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहा/रही है, तो दंड़ित नहीं किया जा सकता क्योंकि, इन कर्तव्यों का पालन कराने के लिए कोई भी विधान नहीं है। मौलिक अधिकार (समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धर्म, की स्वतंत्रता का अधिकार, संस्कृति और शिक्षा का अधिकार और संवैधानिक उपचारों का अधिकार) भारतीय संविधान के अभिन्न अंग है। संविधान में इस तरह के कुछ कर्तव्यों का समावेश करना देश की प्रगित, शान्ति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय संविधान में शामिल किए गए कुछ मौलिक कर्तव्य; राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय गान का सम्मान करना, नागरिकों को अपने देश की रक्षा करनी चाहिए, जबकभी भी आवश्यकता हो तो राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए, सार्वजनिक सम्पत्ति की रक्षा करनी चाहिए आदि हैं। इस तरह के मौलिक कर्तव्य देश के राष्ट्रीय हित के लिए बहुत महत्वपूर्ण है हालांकि, इन्हें मानने के लिए लोगों को बाध्य नहीं किया जा सकता है। अधिकारों का पूरी तरह से आनंद लेने के लिए, लोगों को अपने देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन सही ढंग से करना चाहिए, क्योंकि अधिकार और कर्तव्य एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। जैसे ही हमें अधिकार मिलते हैं तो वैयक्तिक और सामाजिक कल्याण की ओर हमारी जिम्मेदारियाँ भी बढ़ती है। दोनों ही एक दूसरे से पृथक नहीं है और देश की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं।

देश का अच्छा नागरिक होने के रुप में, हमें समाज और देश के कल्याण के लिए अपने अधिकारों और कर्तव्यों को जानने व सीखने की आवश्यकता है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि, हम में से सभी समाज की अच्छी और बुरी स्थिति के जिम्मेदार है। समाज और देश में कुछ सकारात्मक प्रभावों लाने के लिए हमें अपनी सोच को कार्य रुप में बदलने की आवश्यकता है। यदि वैयक्तिक कार्यों के द्वारा जीवन को बदला जा सकता है, तो फिर समाज में किए गए सामूहिक प्रयास देश व पूरे समाज में सकारात्मक प्रभाव क्यों नहीं ला सकते हैं। इसलिए, समाज और पूरे देश की समृद्धि और शान्ति के लिए नागरिकों के कर्तव्य बहुत अधिक मायने रखते हैं।


 

नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों (दायित्वों) पर निबंध 6 (550 शब्द) (Essays on Rights and Responsibilities of Citizens in Hindi 550 Words)

हम एक सामाजिक प्राणी है, समाज और देश में विकास, समृद्धि और शान्ति लाने के लिए हमारी बहुत  सी जिम्मेदारियाँ है। अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए, भारत के संविधान के द्वारा हमें कुछ अधिकार दिए गए हैं। वैयक्तिक विकास और सामाजिक जीवन में सुधार के लिए नागरिकों को अधिकार देना बहुत ही आवश्यक है। देश की लोकतंत्र प्रणाली पूरी तरह से देश के नागरिकों की स्वतंत्रता पर आधारित होती है। संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को मौलिक अधिकार कहा जाता है, जिन्हें हम से सामान्य समय में वापस नहीं लिया जा सकता है। हमारा संविधान हमें 6 मौलिक अधिकार प्रदान करता है:

  • स्वतंत्रता का अधिकार; यह बहुत ही महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार है, जो लोगों को अपने विचारों को भाषणों के द्वारा , लिखने के द्वारा या अन्य साधनों के द्वारा प्रकट करने में सक्षम बनाता है। इस अधिकार के अनुसार, व्यक्ति समालोचना, आलोचना या सरकारी नीतियों के खिलाफ बोलने के लिए स्वतंत्र है। वह देश के किसी भी कोने में कोई भी व्यवसाय करने के लिए स्वतंत्र है।
  • धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार; देश में ऐसे कई राज्य हैं, जहाँ विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं। हम में से सभी अपनी पसंद के किसी भी धर्म को मानने, अभ्यास करने, प्रचार करने और अनुकरण करने के लिए स्वतंत्र हैं। कोई भी किसी के धार्मिक विश्वास में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं रखता है।
  • समानता का अधिकार; भारत में रहने वाले नागरिक समान है और अमीर व गरीब, उच्च-नीच में कोई भेदभाव और अन्तर नहीं है। किसी भी धर्म, जाति, जनजाति, स्थान का व्यक्ति किसी भी कार्यालय में उच्च पद को प्राप्त कर सकता है, वह केवल आवश्यक अहर्ताओं और योग्यताओं को रखता हो।
  • शिक्षा और संस्कृति का अधिकार; प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है और वह बच्चा किसी भी संस्था में किसी भी स्तर तक शिक्षा प्राप्त कर सकता है।
  • शोषण के विरुद्ध अधिकार; कोई भी किसी को उसका/उसकी इच्छा के विरुद्ध या 14 साल से कम उम्र के बच्चे से, बिना किसी मजदूरी या वेतन के कार्य करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है।
  • संवैधानिक उपचारों का अधिकार; यह सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है। इस अधिकार को संविधान की आत्मा कहा जाता है, क्योंकि यह संविधान के सभी अधिकारों की रक्षा करता है। यदि किसी को किसी भी स्थिति में ऐसा महसूस होता है, कि उसके अधिकारों को हानि पँहुची है तो वह न्याय के लिए न्यायालय में जा सकता है।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि, अधिकार और कर्तव्य साथ-साथ चलते हैं। हमारे अधिकार बिना कर्तव्यों के अर्थहीन है, इस प्रकार दोनों ही प्रेरणादायक है। यदि हम देश को प्रगति के रास्ते पर आसानी से चलाने के लिए अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करते हैं, तो हमें अपने मौलिक अधिकारों के लाभ को प्राप्त करने का कोई अधिकार नहीं है। देश का नागरिक होने के नाते हमारे कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ निम्नलिखित है:

  • हमें अपने राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना चाहिए।
  • हमें देश के कानून का पालन और सम्मान करना चाहिए।
  • हमें अपने अधिकारों का आनंद दूसरों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप किए बिना लेना चाहिए।
  • हमें हमेशा आवश्यकता पड़ने पर अपने देश की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।
  • हमें राष्ट्रीय धरोहर और सार्वजनिक सम्पत्ति (रेलवे, डाकघर, पुल, रास्ते, स्कूलों, विश्व विद्यालयों, ऐतिहासिक इमारतों, स्थलों, वनों, जंगलों आदि) का सम्मान और रक्षा करनी चाहिए।
  • हमें अपने करों (टैक्स) का भुगतान समय पर सही तरीके से करना चाहिए।

ईमानदारी पर निबंध- Essays on Honesty in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

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ईमानदारी पर निबंध- Essays on Honesty in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

निबंध और पैराग्राफ लेखन स्कूल या कॉलेजों में विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले सामान्य तरीके हैं। यह विद्यार्थियों का किसी भी विषय पर लेखन कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के लिए, शिक्षकों द्वारा अपनाई जाने वाली अच्छी रणनीति है। यह किसी भी दिए गए विषय पर, छात्रों को अपने विचारों को लिखने, नए विचार देने और सकारात्मक सुझावों को प्रदान करने के लिए प्रेरित करता है।

अच्छी खबर यह है कि, विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों की मदद करने के लिए, हम इस क्षेत्र में सक्रियता से कार्य कर रहे हैं। हमारे द्वारा लिखित ईमानदारी पर निबंध, अपनी मंजिल को पाने में विद्यार्थियों की मदद कर सकता है। वे किसी भी निबंध लेखन प्रतियोगिता में बिना किसी हिचकिचाहट के भाग ले सकते हैं। यहाँ दिए गए ईमानदारी पर निबंध आपकी कुछ मदद कर सकते हैं, इसलिए आप अपनी जरुरत और आवश्यकता के अनुसार इनमें से कोई भी निबंध चुन सकते हैं:

ईमानदारी पर निबंध (आनेस्टी एस्से)

You can get below some essays on Honesty in Hindi language for students in 100, 150, 300, 400, 450 and 500 words.

ईमानदारी पर निबंध 1 (100 शब्द) (Essays on Honesty in Hindi 100 Words)

ईमानदारी का अर्थ जीवन के सभी आयामों में एक व्यक्ति के लिए सच्चा होना है। इसके अन्तर्गत किसी से भी झूठ न बोलना, कभी किसी को भी बुरी आदतों या व्यवहार से तकलीफ नहीं देना शामिल है। ईमानदार व्यक्ति कभी भी उन गतिविधियों में शामिल नहीं होता, जो नैतिक रुप से गलत होती हैं। ईमानदारी किसी भी नियम और कानून को नहीं तोड़ती है। अनुशासित रहना, अच्छे से व्यवहार करना, सच बोलना, समयनिष्ठ होना और दूसरों की ईमानदारी से मदद करना आदि सभी लक्षण ईमानदारी में निहित होते हैं।

ईमानदार होना आस-पास के लोगों का विश्वास, सर्वशक्ति से खुशियों का आशीर्वाद, आदि बहुत सी चीजें प्राप्त करने में, एक व्यक्ति की मदद करता है। ईमानदार होना वास्तविक जीवन में बहुत ही लाभदायक होता है। यह कोई ऐसी वस्तु नहीं है, जिसे कोई खरीद या बेच सके; यह एक अच्छी आदत है, जिसे केवल अभ्यास के माध्यम से ग्रहण किया जा सकता है।

ईमानदारी

ईमानदारी पर निबंध 2 (150 शब्द)

ईमानदारी नैतिक चरित्र का तत्व है, जो सच्चाई, दया, अनुशासन, ईमानदारी, आदि अच्छी आदतों को विकसित करती है। इसमें झूठ बोलना, दूसरों को धोखा देना, चोरी करना, और अन्य उन बुरी आदतों का अभाव होता है, जो लोगों को दुख देती हैं। ईमानदारी वास्तविकता में, विश्वसनीय, भरोसेमंद और पूरे जीवनभर ईमानदार होना है। ईमानदारी बहुत ही कीमती और अधिक महत्व वाली अच्छी आदत है। इस बारे में बेंजामिन फ्रेंकलिन ने बहुत अच्छी कहावत कही है, “ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है।” थॉमस जैफ्फरेंसन द्वारा कहा गया एक और कथन है कि, “बुद्धिमानी की किताब में ईमानदारी सबसे पहला पाठ है।” दोनों कथन अतीत में महान व्यक्तियों के द्वारा कहे गए हैं हालांकि, भविष्य में भी ये कथन सत्य ही रहेंगे।

ईमानदारी एक व्यक्ति को अच्छाई के रास्ते पर ले जाती है, जो वास्तविक आनंद और खुशी देता है। एक व्यक्ति ईमानदार तभी हो सकता है, जब वह विभिन्न पहलुओं में ईमानदारी का अनुसरण करे; जैसे- बोलने, कार्यस्थल पर कार्य करने, न्याय करने, व्यवहार में और उन सभी गतिविधियों में जो हम अपने दैनिक जीवन में करते हैं। ईमानदारी एक व्यक्ति को सभी परेशानियों से आजाद और निडर बनाती है।

ईमानदारी पर निबंध 3 (300 शब्द) (Essays on Honesty in Hindi 300 Words)

ईमानदारी पर निबंध- Essays on Honesty in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

ईमानदारी क्यों महत्वपूर्ण है

ईमानदारी को सबसे अच्छी नीति माना जाता है हालांकि, इसका पालन करना और विकसित करना बहुत आसान नहीं है। कोई भी व्यक्ति इसे अभ्यास से विकसित कर सकता है, लेकिन इसके लिए अधिक अभ्यास और समय की आवश्यकता होती है। ईमानदारी क्यों महत्वपूर्ण है, इसके लिए कुछ निम्नलिखित तत्व है:

  • बिना ईमानदारी के कोई भी व्यक्ति, परिवार, मित्रों, अध्यापकों आदि के साथ किसी भी स्थिति में रिश्ते को विश्वसनीय नही बना सकता है। ईमानदारी रिश्तों में विश्वास का निर्माण करती है।
  • कोई भी किसी के मस्तिष्क को नहीं पढ़ सकता, जब तक कि वह यह महसूस नहीं करता कि, वह व्यक्ति ईमानदार है। ईमानदारी अच्छी आदत है, जो सभी को खुशी और शान्तिपूर्ण मस्तिष्क प्रदान करती है। बेईमान लोग किसी भी रिश्ते का विकास नहीं होने देते और बहुत सी समस्याओं का निर्माण करते हैं।
  • झूठ बोलना अपने प्रियजनों को बहुत ही दुख देता है, जो रिश्तों में विश्वासघात के हालात पैदा करता है। ईमानदार होना खुशनुमा चेहरा और निडर मन देता है।
  • केवल कुछ डर के कारण सच बोलना, एक व्यक्ति को वास्तविक रुप से ईमानदार नहीं बनाता। यह एक अच्छा गुण है, जिसे लोगों को हमेशा अपने व्यवहार में आत्मसात करना चाहिए। सत्य हमेशा कड़वा होता है हालांकि, हमेशा अच्छे और स्वस्थ परिणाम देता है।
  • ईमानदारी वह शक्ति है, जो भ्रष्टाचार को हटाने की क्षमता को रखती है और समाज के बहुत से मुद्दों को हल कर सकती है। शुरुआत में, ईमानदारी का अभ्यास जटिल और उलझन वाला हो सकता है हालांकि, बाद में व्यक्ति को बेहतर और राहत महसूस कराती है। यह एक व्यक्ति को किसी भी बोझ से राहत देने के साथ ही स्वतंत्र बनाती है।

यह वह गुण है, जो किसी भी समय विकसित किया जा सकता है हालांकि, बचपन से ही अपने माता-पिता, बड़ों, पड़ोसियों और शिक्षकों की मदद से इसका अभ्यास करना अच्छा होता है। सभी पहलुओं पर ईमानदार होना बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह पूरे जीवनभर सकारात्मक योगदान देता है।

ईमानदारी पर निबंध 4 (400 शब्द) (Essays on Honesty in Hindi 400 Words)

ईमानदारी पर निबंध- Essays on Honesty in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

परिचय

जीवनभर ईमानदार, विश्वसनीय और सच्चा होना ईमानदारी है। एक व्यक्ति के अपने लिए और दूसरों के लिए ईमानदार होना बहुत आवश्यक है। ईमानदारी अपने साथ बहुत सारे अच्छे गुण लाती है और जीवन में किसी भी बुरी स्थिति का पूरे साहस और आत्मविश्वास के साथ सामना करने में सक्षम बनाती है, इसलिए इसे, “ईमानदारी एक अच्छी नीति है।” कहा जाता है।

किस प्रकार से ईमानदारी एक व्यक्ति को लाभ पहुँचाती है

निम्नलिखित बिन्दु इस तथ्य को साबित करते हैं कि, ईमानदारी कैसे एक व्यक्ति को लाभ पहुँचाती है। ईमानदारी अच्छी आदत है, जिसे एक व्यक्ति को जीवन में बहुत से लाभ प्राप्त करने के लिए प्राप्त करना चाहिए; जैसे-

  • ईमानदारी एक व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य वाला और सुखी बनाती है। ईमानदार होना सभी चिन्ताओं, परेशानियों और बेईमान होने की सभी गतिविधियों में जकड़ने के तनाव से आजाद होना है। इस तरह से, यह हमें तनावपूर्ण जीवन और बहुत सी बीमारियों (जैसे- उच्च रक्तचाप, थकान, कमजोरी, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, मधुमेह, आदि) से दूर रखती है।
  • यह मन की शान्ति को बनाए रखने में मदद करती है। ईमानदारी एक व्यक्ति को बिना किसी डर और सभी समस्याओं से मुक्त होकर जीने के लिए प्रेरित करती है। ईमानदारी बेहतर निर्णय लेने और जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण को विकसित करती है।
  • ईमानदार लोगों को वास्तव में प्यार, विश्वास, आदर किया जाता है और समाज व परिवार में उनकी विशेष देखभाल की जाती है। उनके व्यक्तिगत, कार्यस्थल और कारोबार के रिश्ते मजबूत और विश्वसनीय होते हैं।
  • ईमानदार होना शरीर और मन में साख और सकारात्मक उर्जा को बढ़ावा देता है।
  • ईमानदारी लोगों के दिलों, परिवारों, समाज और राष्ट्र में बेहतर स्थान बनाने में मदद करती है। यह सकारात्मक लोगों के साथ मजबूत पारस्परिक संबंधों को बनाने में मदद करती है।
  • यह मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने के द्वारा सभी नकारात्मकताओं को हटाती है।
  • ईमानदार लोग आसानी से दूसरे लोगों को अपनी ओर प्रभावित और आकर्षित कर लेते हैं।
  • यह जीवन में पारदर्शिता लाने के साथ ही एक व्यक्ति की वास्तविक शक्तियों और योग्यता को जगाती है। एक ईमानदार व्यक्ति आसानी से अपने जीवन के दैविक उद्देश्यों का अहसास करके मोक्ष प्राप्त करता है।
  • यह एक व्यक्ति को धार्मिक जिम्मेदारियों के ज्यादा पास रखती है।

निष्कर्ष

बेईमानी अच्छी आदत नहीं है, यह शुरुआत में एक व्यक्ति को लाभ पहुँचा सकती है हालांकि, इसका परिणाम अच्छा नहीं होता है। बेईमान व्यक्ति समाज और राष्ट्र के लिए अभिशाप होते हैं, क्योंकि वे समाज की पूरी व्यवस्था को नष्ट करते हैं। ईमानदारी को व्यवहार में लाने का अभ्यास करने का, सभी धर्मो के द्वारा समर्थन किया जाता है। बेईमान व्यक्ति कभी भी धार्मिक नहीं हो सकते हैं, क्योंकि वे अपने धर्म के प्रति वफादार नहीं होते हैं। ईमानदार व्यक्ति हमेशा जीवन के सभी पहलुओं में विश्वसनीय और भरोसेमंद होते हैं।


 

ईमानदारी पर निबंध 5 (450 शब्द) (Essays on Honesty in Hindi 450 Words)

ईमानदारी पर निबंध- Essays on Honesty in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

परिचय

ईमानदारी वास्तव में सबसे अच्छी नीति है, क्योंकि यह रिश्तों के लिए सही ढंग से कार्य करने की नींव है। न केवल यही, यह लोगों के जीवन को बहुत तरीके से पोषित करता है। कोई भी रिश्ता सच पर आधारित होता है, जो केवल ईमानदारी से ही प्राप्त किया जाता है। आमतौर पर, लोगों को ईमानदार होना कठिन महसूस होता है, क्योंकि ईमानदारी को बनाए रखना बहुत ही कठिन होता है।

ईमानदारी क्या है?

ईमानदारी एक अच्छी आदत है, जिसमें जीवन के हरेक पहलु में सदैव सच्चाई और भरोसेमंद होना शामिल है। इसके अन्तगर्त कभी भी धोखेबाजी और जीवन में अनैतिक होना शामिल नहीं किया जाता है। यह भरोसे पर आधारित नैतिक व्यवहार है और सभी बुरे कार्यों से मुक्त होती है।

ईमानदारी का महत्व

ईमानदारी एक अच्छा गुण और बहुत अधिक महत्व का गुण है। इसकी हमेशा परिवार, समाज और पूरे संसार में प्रशंसा की जाती है। ईमानदारी की सम्पत्ति को रखने वाला एक व्यक्ति सच में ईमानदार व्यक्ति होता है। एक व्यक्ति ईमानदार है या बेईमान है, यह पूरी तरह से उसके परिवार की नैतिकता और आस-पास के वातावरण पर निर्भर करता है। यदि माता-पिता ईमानदार होंगे, तो वे निश्चित रुप से इसे अपने बच्चों में आनुवांशिक रुप से हस्तान्तरित करेंगे अन्यथा, इसे अभ्यास से विकसित किया जा सकता है, जिसके लिए धैर्य और लगन की आवश्यकता होती है।

एक ईमानदार व्यक्ति हमेशा अपनी ईमानदारी के कारण बिल्कुल सूर्य की तरह, अपने अन्नत प्रकाश और असीमित ऊर्जा के लिए जाना जाता है। यह वह गुण है, जो व्यक्ति को जीवन में सफल होने और अधिक सम्मान प्राप्त करने में मदद करता है। यह एक व्यक्ति के नैतिक चरित्र को पहचान देता है। बेईमान लोग दूसरों से आसानी से भरोसा और सम्मान प्राप्त कर सकते हैं हालांकि, पकड़े जाने पर इसे हमेशा के लिए खो देते हैं।

बेईमान होना सभी धर्मों में पाप माना जाता है हालांकि, लोग कुछ समय के लाभों और स्वार्थ के लिए इसका प्रयोग करते हैं। परिवार और समाज के लोगों द्वारा बेईमान लोगों से हमेशा घृणा करने के साथ ही विश्वास भी नहीं किया जाता हैं। उन्हें अच्छे लोगों से यहाँ तक कि, भगवान से भी कोई सहानुभूति या समर्थन नहीं मिलता है। वे अपने जीवन में कभी भी नैतिक रुप से मजबूत नहीं होते हैं और उनका जीवन दुखों से भरा होता है। एक ईमानदार व्यक्ति समाज में आजादी से घूमता है और अपनी खूशबू सभी दिशाओं में फैलाता है। ईमानदार होने का अर्थ दूसरों की बुरी आदतों को सहना या बुरी गतिविधियों को सहना नहीं है। सभी को अपने साथ हो रहे अन्याय या गलत व्यवहार के खिलाफ कार्यवाही करने का अधिकार प्राप्त है।

निष्कर्ष

ईमानदारी एक गुण है, जो एक व्यक्ति की नैतिकता को दिखाती है। यदि सभी लोग गम्भीरता से ईमानदारी प्राप्त करने का अभ्यास करें, तो समाज सही अर्थों में, आदर्श समाज होगा और भ्रष्टाचार व सभी बुराईयों से मुक्त हो जाएगा। सभी के दैनिक जीवन में बड़े से बड़े परिवर्तन होंगे। यह और भी अधिक आसानी से हो सकते हैं, यदि सभी अभिभावक और शिक्षक राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और अपने बच्चों व विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों के बारे में बताए।


 

ईमानदारी पर निबंध 6 (500 शब्द) (Essays on Honesty in Hindi 500 Words)

  • ईमानदारी पर निबंध- Essays on Honesty in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

परिचय

ईमानदारी वह शब्द है, जिससे हम सभी बहुत अधिक परिचित है हालांकि, इसका अधिक प्रयोग नहीं किया जाता है। ईमानदारी को परखने का कोई भी निश्चित तरीका नहीं है हालांकि, इसे बड़े स्तर पर महसूस किया जा सकता है। ईमानदारी वह गुण है, जो लोगों के मन की अच्छाई को दर्शाती है। यह जीवन में स्थायित्व और बहुत सी खुशियाँ लाती है, क्योंकि यह समाज में लोगों का आसानी से विश्वास जीत लेती है।

ईमानदारी क्या है

ईमानदारी का अर्थ सभी के लिए, सभी पहलुओं पर ईमानदार होना है। यह किसी को मजबूर किए बिना, किसी भी परिस्थिति में सार्वभौमिक अच्छाई पर विचार करके कुछ अच्छा करने का कार्य है। ईमानदारी वह रास्ता है, जिसके अन्तर्गत हम दूसरों के लिए स्वार्थरहित तरीके में कुछ अच्छा करते हैं। कुछ लोग ईमानदार होने का केवल दिखावा करते हैं और यह मासूम लोगों को धोखा देने का गलत तरीका है। ईमानदारी वास्तव में ऐसा गुण है, जो एक व्यक्ति के अच्छे गुणों को दर्शाता है।

जीवन में ईमानदारी की भूमिका

ईमानदारी पूरे जीवन भर बहुत सी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसे खुली आँखों से आसानी से बहुत स्पष्ट रुप से देखा जा सकता है। समाज के लोगों द्वारा ईमानदार कहा जाना, उस व्यक्ति के लिए सबसे अच्छा पूरिपूरक है। यह उस व्यक्ति के द्वारा जीवन में कमाई हुई वास्तविक सम्पत्ति है, जो कभी भी खत्म नहीं होती है। आजकल, समाज में ईमानदारी की कमी लोगों के बीच अन्तर का सबसे बड़ा कारण है। यह अभिभावकों-बच्चों और विद्यार्थियों-शिक्षकों के बीच उचित पारस्परिक सम्पर्क के अभाव के कारण है। ईमानदारी कोई वस्तु नहीं है, जिसे खरीदा या बेचा जा सके। इसे धीरे-धीरे, बच्चों में एक अच्छी आदत के रुप में विकसित करने के लिए, स्कूल और घर सबसे अच्छे स्थान है।

घर और स्कूल वे स्थान हैं, जहाँ एक बच्चा नैतिकता को सीखता है। इस प्रकार, शिक्षा प्रणाली में बच्चों को नैतिकता के करीब रखने के लिए कुछ आवश्यक रणनीति होनी चाहिए। बच्चों को उनके बचपन से ही, घरों और स्कूलों में अभिभावकों और शिक्षकों की मदद से ईमानदार होने के लिए उचित तरह से निर्देश देने चाहिए। किसी भी देश के युवा, उस देश के भविष्य होते हैं, इसलिए उन्हें नैतिक चरित्र को विकसित करने के लिए बेहतर अवसर देने चाहिए, ताकि वे देश का बेहतर तरीके से नेतृत्व कर सकें।

ईमानदारी मनुष्य की समस्याओं का सच्चा समाधान है। आजकल, केवल ईमानदार लोगों की संख्या में कमी होने के कारण, समाज में प्रत्येक जगह भ्रष्टाचार और बहुत सी समस्याएं हैं। इस तेज और प्रतियोगी वातावरण में, लोग नैतिक मूल्यों को भूल गए हैं। सभी चीजों को प्राकृतिक तरीके से चलने देने के लिए, इस बात पर पुनर्विचार करना बहुत आवश्यक है कि, समाज में ईमानदारी को वापस कैसे लाया जाए?

निष्कर्ष

सामाजिक और आर्थिक सन्तुलन को बनाने के लिए लोगों को ईमानदारी के मूल्य को समझना होगा। लोगों के द्वारा ईमानदारी का अनुसरण करना बहुत आवश्यक है, क्योंकि यह आधुनिक समय की अनिवार्य आवश्यकता बन गई है। यह एक अच्छी आदत है, जो एक व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों को सुलझाने और संभालने में पर्याप्त सक्षम बनाती है।

समय के महत्व पर निबंध- Essays on Value of Time in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

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समय के महत्व पर निबंध- Essays on Value of Time in Hindi-हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

समय कीमती है और हर किसी के लिए अमूल्य है, इसलिए हमें कभी समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। हमें सकारात्मक ढंग से सही तरीके से समय का उपयोग करना चाहिए। हमें अपने बच्चों को बचपन से ही समय के महत्व या मूल्य के बारे में बताना चाहिए। आप बच्चों को समय की महत्ता या समय का मूल्य समझाने के लिए इस तरह के साधारण और सरल भाषा में लिखे गए समय के मूल्य पर निबंध या समय के महत्व पर निबंध का प्रयोग कर सकते हैं। हम स्कूल के विद्यार्थियों के प्रयोग के लिए भी बहुत से समय के मूल्य पर निबंध या समय के महत्व पर निबंध उपलब्ध करा रहे हैं।

समय के मूल्य पर निबंध या समय के महत्व पर निबंध (वैल्यू ऑफ़ टाइम एस्से)

Get here some essays on Value of Time in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

समय के महत्व पर निबंध 1 (100 शब्द) (Essays on Value of Time in Hindi 100 Words)

समय धन से भी ज्यादा कीमती है; क्योंकि यदि धन को खर्च कर दिया जाए तो यह वापस प्राप्त किया जा सकता है हालांकि, यदि हम एक बार समय को गंवा देते हैं, तो इसे वापस प्राप्त नहीं कर सकते हैं। समय के बारे में एक सामान्य कहावत है कि, “समय और ज्वार-भाटा कभी किसी की प्रतीक्षा नहीं करते हैं।” यह बिल्कुल पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व की तरह ही सत्य है, अर्थात्, जिस तरह से पृथ्वी पर जीवन का होना सत्य है, ठीक उसी तरह से यह कहावत भी बिल्कुल सत्य है। समय बिना किसी रुकावट के निरंतर चलता रहता है। यह कभी किसी की प्रतिक्षा नहीं करता है।

इसलिए, हमें जीवन के किसी भी दौर में कभी भी अपने कीमती समय को बिना किसी उद्देश्य और अर्थ के व्यर्थ नहीं करना चाहिए। हमें हमेशा समय के अर्थ को समझना चाहिए और उसी के अनुसार, इसे सकारात्मक ढंग से कुछ उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इसका प्रयोग करना चाहिए। हमें इससे निरंतर कुछ ना कुछ सीखते रहना चाहिए यदि यह बिना किसी रुकावट के चलता रहता है, तो फिर हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते।

समय के महत्व

समय के महत्व पर निबंध 2 (150 शब्द) (Essays on Value of Time in Hindi 150 Words)

 

समय हम सभी के लिए अमूल्य है। हमें समय की प्रत्येक छोटी सैकेंड का मूल्य समझने के साथ ही इसके महत्व का सम्मान करना चाहिए। हमें जीवन के अन्त तक समय के एक पल को भी बर्बाद नहीं करना चाहिए। समय इस संसार में सभी से बहुत ही ताकतवर और शक्तिशाली है। यह एक आलसी व्यक्ति को नष्ट कर सकने के साथ ही कठिन परिश्रम करने वाले व्यक्ति को ताकत देता है। यह किसी को भी बहुत सी खुशियाँ, आनंद और समृद्धि देता है हालांकि, यह किसी का सबकुछ छीन भी सकता है।

हमें हर पल समय से नियमितता, निरंतरता और प्रतिबद्धता सीखनी चाहिए। यह बिना किसी अवरोध के निरंतर चलता रहता है। हमें भी जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त करने के लिए समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की कोशिश करनी चाहिए। इसके बारे में सही कहा जाता है कि, “यदि हम समय को बर्बाद करेंगे तो समय हमें और हमारे जीवन को बर्बाद कर देगा।” हमें समय के मूल्य को समझना चाहिए और इसके साथ चलना चाहिए, क्योंकि समय किसी के लिए नहीं रुकता है।

समय के महत्व पर निबंध 3 (200 शब्द) (Essays on Value of Time in Hindi 200 Words)

 

समय सभी के लिए अनमोल है; समय सभी के लिए निःशुल्क है हालांकि, कोई भी इसे न तो खरीद सकता है और न ही बेच सकता है। कोई या तो समय को बर्बाद कर सकता या फिर इसका सदुपयोग कर सकता है हालांकि, यह सत्य है कि, जो समय को बर्बाद करता है, उसे निश्चित ही समय के द्वारा नष्ट कर दिया जाता है और जो इसका सदुपयोग करता है, निश्चित ही वह समय के द्वारा आशीर्वाद प्राप्त करता है। जो व्यक्ति समय को खो देता है, वह उसे कभी वापस प्राप्त नहीं कर सकता है। यदि हम समय पर भोजन नहीं करेंगे या समय पर अपनी दवाईयाँ नहीं लेगें, तो समय हमारे स्वास्थ्य को नष्ट कर सकता है। समय बहती हुई नदी की तरह होता है, जो लगातार आगे बढ़ता है और कभी वापस नहीं आता।

हमें समय के अनुसार समयनिष्ठ रहना चाहिए और सभी कामों को समय के साथ करना चाहिए। हमें सही समय पर उठना, सुबह पानी पीना, तरोताजा होना, ब्रश करना, नहाना, सुबह का नाश्ता करना, स्कूल जाने के लिए तैयार होना, कक्षा का कार्य करना, दोपहर का खाना, घर आना, गृह कार्य करना, रात को पढ़ना, रात का खाना खाकर सही समय पर सोना चाहिए। यदि हम अपनी दैनिक दिनचर्या को सही समय पर नहीं करेंगे, तो हम जीवन में दूसरे लोगों से पीछे रह जाएगें। यदि हम जीवन में कुछ बेहतर करना चाहते हैं, तो इसके लिए उचित प्रतिबद्धता, लगन और समय के पूरे उपयोग की आवश्यकता है।


 

समय के महत्व पर निबंध 4 (250 शब्द) (Essays on Value of Time in Hindi 250 Words)

 

समय पृथ्वी पर सबसे कीमती वस्तु है, इसकी तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती है। यदि एकबार यह चला जाए, तो कभी वापस नहीं आता। यह हमेशा आगे की ओर सीधी दिशा में चलता है और न कि पीछे की ओर। इस संसार में सब कुछ समय पर निर्भर करता है, समय से पहले कुछ भी नहीं होता है। कुछ भी करने के लिए कुछ समय की आवश्यकता होती है। यदि हमारे पास समय नहीं है, तो हमारे पास कुछ भी नहीं है। समय को नष्ट करना इस पृथ्वी पर सबसे बुरी चीज मानी जाती है क्योंकि, समय की बर्बादी हमें और हमारे भविष्य को बर्बाद करती है। हम कभी भी बर्बाद किए हुए समय को फिर से प्राप्त नहीं कर सकते हैं। यदि हम अपना समय बर्बाद कर रहे हैं, तो हम सब कुछ नष्ट कर रहे हैं।

कुछ लोग समय से ज्यादा अपने धन को महत्व देते हैं हालांकि, सत्य तो यही है कि समय से ज्यादा कीमती कुछ भी नहीं है। यह समय ही है, जो हमें धन, समृद्धि और खुशी प्रदान करता है हालांकि, इस संसार में कुछ भी समय को नहीं दे सकता। समय का केवल उपयोग किया जा सकता है; कोई भी समय को खरीद या बेच नहीं सकता। बहुत से लोग अपना जीवन अर्थहीन ढंग से जी रहे हैं। वे समय का उपयोग केवल अपने दोस्तों के साथ खाने, खेलने या अन्य आलसी क्रियाओं को करने में करते हैं। इस तरह से वे दिन और वर्षों को व्यतीत करते हैं। वे कभी भी नहीं सोचते कि, वे क्या कर रहे हैं, किस तरीके से कर रहें हैं, आदि। यहाँ तक कि, उन्हें गलत तरीके से समय को बर्बाद करने का भी पश्चाताप भी नहीं होता और कभी उसके लिए अफसोस महसूस नहीं करते हैं। अप्रत्यक्ष रुप से, वे अपना बहुत सा धन और उससे भी अधिक महत्वपूर्ण समय खो देते हैं, जिसे वे कभी भी वापस प्राप्त नहीं कर सकते हैं।

हमें दूसरों की गलतियों से सीखने के साथ ही दूसरों की सफलता से प्रेरित होना चाहिए। हमें अपने समय का उपयोग कुछ उपयोगी कामों को करने में करना चाहिए ताकि, हमें समय समृद्धि दे, न कि नष्ट करे।

समय के महत्व पर निबंध 5 (300 शब्द) (Essays on Value of Time in Hindi 300 Words)

 

एक आम और सही कहावत है कि, “समय और ज्वार-भाटा किसी का इंतजार नहीं करते हैं”, जिसका अर्थ है कि, समय किसी का भी इंतजार नहीं करता है, सभी को समय के साथ-साथ चलना चाहिए। समय आता है और हमेशा की तरह चला जाता है पर कभी भी रुकता नहीं है। समय सभी के लिए निःशुल्क होता है, लेकिन कोई भी इसे कभी भी न तो बेच सकता है, न ही खरीद सकता है। यह अबंधनीय है, अर्थात् कोई भी इसकी सीमा निर्धारित नहीं कर सकता है। यह समय ही है, जो सभी को अपने चारों ओर नचाता है। अपने जीवन में कोई भी न तो इसे हरा सकता है, और न ही इससे जीत सकता है। समय को इस संसार में सबसे ताकतवर वस्तु कहा जाता है, जो किसी को भी नष्ट या सुधार सकता है।

समय बहुत ही शक्तिशाली होता है; कोई भी इसके सामने घुटने टेक सकता है, लेकिन इसे हरा नहीं सकता। हम इसकी क्षमता को मापने में सक्षम नहीं है, क्योंकि कभी-कभी जीतने के लिए एक पल ही काफी होता है और कभी-कभी जीतने के लिए पूरा जीवन लग जाता है। कोई भी एक पल में अमीर हो सकता है और कोई भी एक ही पल में गरीब भी हो सकता है। जीवन और मृत्यु के बीच में अन्तर के लिए केवल एक ही पल काफी होता है। सभी पल हमारे लिए स्वर्णावसर लाते हैं, हमें तो केवल समय के संकेत को समझ कर उसका प्रयोग करने की आवश्यकता है।

हर पल जीवन में नए अवसरों का एक बड़ा भंडार है। इसलिए, हमें इस कीमती समय को जाने नहीं देना चाहिए और हमेशा इसका पूरा उपयोग करना चाहिए। यदि हम समय के मूल्य और संकेत को समझने में देर करते हैं, तो हम अपने जीवन से स्वर्णावसर और सबसे महत्वपूर्ण समय को खो देंगे। यह जीवन का सबसे आधारपूर्ण सत्य है कि, हमें कभी भी अपने स्वर्ण अवसर को अनावश्यक समझते हुए अपने से दूर जाने नहीं देना चाहिए। हमें सकारात्मक और लाभकारी रुप में समय का प्रयोग करते हुए, अपने गन्तव्य तक जाना चाहिए। समय का सदुपयोग करने के उद्देश्य से सभी कामों को सही समय पर करने के लिए समय-सारणी बनानी चाहिए।


 

समय के महत्व पर निबंध 6 (400 शब्द) (Essays on Value of Time in Hindi 400 Words)

 

समय इस संसार में जीवन में अन्य सभी वस्तुओं यहाँ तक कि, धन से भी अधिक शक्तिशाली और अमूल्य वस्तु है। यदि एकबार कीमती समय चला जाता है, तो यह हमेशा के लिए चला जाता है और लौटकर कभी भी वापस नहीं आता है; क्योंकि यह हमेशा आगे की ओर चलता है और न कि पीछे की दिशा में। यह बिल्कुल सत्य है कि, यदि कोई व्यक्ति समय की अहमियत को नहीं समझता, तो समय भी उस व्यक्ति की अहमियत को नहीं समझता है। यदि हम अपने समय को नष्ट करेंगे, समय भी हमें बहुत बुरी तरह से नष्ट करेगा। यह सत्य है कि, “समय कभी भी किसी की प्रतिक्षा नहीं करता।” एक समय पर, समय केवल एक ही मौका देता है, यदि हम इसे एकबार खो देते हैं, तो इसे कभी भी वापस नहीं पा सकते हैं।

यह बहुत ही आश्चर्यजनक वस्तु है, जिसकी न तो कोई शुरुआत है, न ही कोई अन्त। यह बहुत ही शक्तिशाली वस्तु है, जिसके साथ वस्तुएं जन्म लेती हैं, बढ़ती हैं, घटती हैं और नष्ट हो जाती हैं। इसकी कोई भी सीमा नहीं है, इसलिए यह अपनी ही गति से निरंतर चलता रहता है। हम में से कोई भी जीवन के किसी भी स्तर पर समय पर शासन नहीं कर सकता है। न तो इसकी आलोचना कर सकते हैं और न ही इसका विश्लेषण कर सकते हैं। आमतौर पर, सभी समय के मूल्य और महत्व के बारे में जागरुक होते हैं हालांकि, हम में से बहुत से लोग जीवन के बुरे दौर में अपना धैर्य खो देते हैं और समय नष्ट करना शुरु कर देते हैं। समय किसी के लिए भी नहीं रुकता और न ही किसी के लिए दयालुता दिखाता है।

यह कहा जाता है कि, समय ही धन है हालांकि, इससे हम धन की तुलना समय से नहीं कर सकते हैं क्योंकि, यदि हम धन को एकबार खो देते हैं, तो इसे किसी भी साधन के द्वारा दुबारा प्राप्त कर सकते हैं हालांकि, यदि हमने समय को एक बार खो दिया, तो इसे किसी भी साधन के द्वारा दुबारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है। समय धन और ब्रह्माण्ड की अन्य सभी वस्तुओं से ज्यादा कीमती है। हमेशा बदलता हुआ समय, प्रकृति की अनूठी संपत्ति को दिखाता है कि, “बदलाव प्रकृति का नियम है।” इस संसार में सबकुछ समय के अनुसार चलता है। इस संसार में सबकुछ समय के अनुसार बदलता है क्योंकि, समय से कुछ भी स्वतंत्र नहीं है। लोग सोचते हैं कि, जीवन कितना लम्बा है हालांकि, सत्य तो यह है कि, जीवन बहुत ही छोटा है और हमारे पास जीवन में करने के लिए बहुत सी चीजें हैं। हमें अपने जीवन का हरेक पल सही तरीके से और अर्थपूर्ण ढंग से, समय को नष्ट किए बिना उपयोग करना चाहिए।

हमारी दैनिक दिनचर्या; जैसे- स्कूल का कार्य, गृह कार्य, सोने के घंटे, जागने का समय, व्ययाम, भोजन करना आदि योजना अनुसार और समय के अनुसार आयोजित होनी चाहिए। हमें कठिन परिश्रम करने का आनंद लेना चाहिए और कभी भी अपनी अच्छी आदतों को बाद में करने के लिए टालना नहीं चाहिए। हमें समय के महत्व को समझना चाहिए और इसी के अनुसार रचनात्मक ढंग से प्रयोग करना चाहिए, ताकि हम समय से धन्य हो न कि नष्ट हो।

Current affairs 04 July 2018 Daily Current Affairs Today

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Current affairs 04 July 2018 Daily Current Affairs Today

1. न्यूमलगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) ऑनलाइन कानूनी अनुपालन “लेगेट्रिक्स” पेश करने के लिए भारत का पहला तेल सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (PSU) बन गया है| यह किस प्रदेश में है?

[A] असम
[B] मणिपुर
[C] पश्चिम बंगाल
[D] झारखण्ड

 

Correct Answer: A [असम ]
2.भारत का पहला खादी मॉल किस प्रदेश में बनेगा?
[A] उत्तर प्रदेश
[B] गुजरात
[C] मध्य प्रदेश
[D] झारखंड

 

Correct Answer: D [झारखंड ]
3.निम्नलिखित में से कौन सा राष्ट्रीय उद्यान भारत में लुप्तप्राय एस्टुराइन मगरमच्छ का सबसे बड़ा आवास बन गया है?
[A] जिम कोर्बेट नेशनल पार्क
[B] भितरकनिका नेशनल पार्क
[C] रणथम्भौर नेशनल पार्क
[D] नागरहोल नेशनल पार्क

 

Correct Answer: B [भितरकनिका नेशनल पार्क ]
4.2018 राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव पुरस्कार किसे दिया गया है?
[A] मिलन शंकर तारे
[B] रुतव ठाकुर
[C] राधिका शर्मा
[D] मिलिंद कुमार

 

Correct Answer: A [मिलन शंकर तारे ]
5.कमोडिटी डेरिवेटिव बाजारों को विकसित करने के लिए किस भारतीय स्टॉक एक्सचेंज ने बॉम्बे मेटल एक्सचेंज (बीएमई) के साथ करार किया है?
[A] बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
[B] नेशनल स्टॉक एक्सचेंज
[C] मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया
[D] कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज

 

Correct Answer: A [बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ]
6.भारत में राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस कब मनाया जाता है?
[A] 01 जुलाई
[B] 02 जुलाई
[C] 03 जुलाई
[D] 04 जुलाई

 

Correct Answer: A [01 जुलाई ]
7.भारत में बेस्ट डेंटल कॉलेज किसे रैंक किया गया है?
[A] डॉ आर अहमद डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
[B] मौलाना आजाद इंस्टिट्यूट ऑफ़ डेंटल साइंस
[C] किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी
[D] रागस डेंटल कॉलेज

 

Correct Answer: B [मौलाना आजाद इंस्टिट्यूट ऑफ़ डेंटल साइंस ]
8.2018 पुरुष एकल मलेशिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट किसने जीता है?
[A] श्रीकांत किदम्बी
[B] टॉमी सुगिअर्टो
[C] केंटो मोमोटा
[D] ली चोंग वी

 

Correct Answer: D [ली चोंग वी ]
9.जयंत गणपत नादकर्णी, जिनका हाल ही में निधन हो गया, किस भारतीय सशस्त्र बल के पूर्व प्रमुख थे?
[A] भारतीय सेना
[B] भारतीय वायुसेना
[C] भारतीय नौसेना
[D] भारतीय तटरक्षक

 

Correct Answer: C [भारतीय नौसेना]
10.गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान किस प्रदेश में है?
[A] हिमाचल प्रदेश
[B] उत्तर प्रदेश
[C] पंजाब
[D] उत्तराखंड

 

Correct Answer: D [उत्तराखंड]

Current affairs 04 July 2018 Daily Current Affairs Today

1. Election Commission has launched mobile application named ‘cVigil’ for citizens to share proof of malpractices by political parties.
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों द्वारा किये जा रहे कदाचार के सबूत साझा करने के लिए नागरिकों के लिए ‘सीवीजील’ नामक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है।
 
2. Jharkhand government has announced to set up country’s first Khadi mall.
झारखंड सरकार ने देश का पहला खादी मॉल स्थापित करने की घोषणा की है।
3. Numaligarh Refinery Ltd (NRL) has become the first oil public sector undertaking (PSU) to adopt an online legal compliance system by introducing ‘Legatrix’.
नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) ‘लीगाट्रिक्स’ पेश करके ऑनलाइन कानूनी अनुपालन प्रणाली को अपनाने वाला पहला तेल सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) बन गया है।
4. Milan Shankar Tare has been selected for this year’s National Maritime Search and Rescue Award.
मिलान शंकर तारे को इस वर्ष के राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव पुरस्कार के लिए चुना गया है।
5. Former Navy chief Admiral JG Nadkarni has passed away. He was 86.
सेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल जे जी नादकर्णी का निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे।
6. Sundari Nanda has taken charge as the 1st woman DGP of Puducherry.
सुंदरी नंद ने पुडुचेरी की पहली महिला डीजीपी के रूप में प्रभारी पदभार संभाला है।
 
7. Senior journalist Rajat Sharma has become the New President of Delhi and Districts Cricket Association (DDCA).
वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के नए अध्यक्ष बने हैं।
8. Saraswati Prasad has been appointed as the CMD of Steel Authority of India (SAIL).
सरस्वती प्रसाद को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के सीएमडी के रूप में नियुक्त किया गया है।
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