वर्षा ऋतु पर निबंध-Essay On Rainny Season -हिन्दी निबंध - Essay in Hindi | Hindigk50k

वर्षा ऋतु पर निबंध-Essay On Rainny Season -हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

वर्षा ऋतु पर निबंध-Essay On Rainny Season -हिन्दी निबंध – Essay in Hindi 

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वर्षा ऋतु ऐसी ऋतु है जो लगभग सभी लोगों की पसंदीदा होती है क्योंकि झुलसा देने वाली गर्मी के बाद ये राहत का एहसास लेकर आती है। आपके बच्चों को वर्षा ऋतु की खूबसूरती और खूबियों के बारे में बताने के लिये निबंध उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे वो इसके महत्व को समझ सकें।

वर्षा ऋतु पर निबंध (रेनी सीजन एस्से)

You can get below some essays on Rainy Season in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

वर्षा ऋतु पर निबंध 1 (100 शब्द)

वर्षा ऋतु मुझे बहुत पसंद है। ये भारत के चार ऋतुओं में से मेरी सबसे प्रिय ऋतु है। यह गर्मी के मौसम के बाद आती है, जो साल की सबसे गर्म ऋतु होती है। भयंकर गर्मी, गर्म हवाएँ (लू), और तमाम तरह की चमड़े की दिक्कतों की वजह से मैं गर्मी के मौसम में काफी परेशान हो जाता हूँ। हालाँकि, सभी परेशानियाँ वर्षा ऋतु के आने के साथ ही दूर हो जाती है। वर्षा ऋतु जुलाई (सावन) के महीने में आती है और तीन महीने तक रहती है। ये हर एक के लिये शुभ मौसम होता है और सभी इसमें खुशी के साथ ढ़ेर सारी मस्ती करते है। इस मौसम में हम सभी पके हुये आम का लुफ्त उठाते है। वर्षा ऋतु में हम भारतीय बहुत सारे त्यौंहारों को पूरे उत्साह के साथ मनाते है।

वर्षा ऋतु

वर्षा ऋतु पर निबंध 2 (150 शब्द)

भारत में वर्षा ऋतु का आगमन जुलाई महीने में होता है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाएँ बहना शुरु हो जाती है। हिन्दी महीनों के अनुसार ये आषाढ़ और श्रावण में आता है। सभी इस मौसम का आनन्द उठाते है क्योंकि ताजी हवा और बारिश के पानी वजह से इस मौसम में पर्यावरण बिल्कुल साफ, सुंदर और शीतल हो जाता है। बारिश के पानी से पेड़, पौधे और घास बहुत हरे-भरे, सुंदर और आकर्षक दिखाई देते है साथ ही लंबे गर्मी के मौसम के बाद उनमें नयी पत्तियाँ भी आती है। पूरा वातावरण हरा-भरा हो जाता है जो आँखों को सुकुन पहुँचाता है। इसी मौसम में मेरे ढ़ेर सारे प्यारे त्यौहार आते है जैसे रक्षा बंधन, 15 अगस्त, तीज आदि। इस मौसम में हम ढ़ेर सारे ताजे फलों और खासकर रसीले आमों का स्वाद लेते है। मैं इस मौसम का आनन्द खुल कर लेता हूँ क्योंकि इसी मौसम में मेरी माँ बारिश के दौरान इडली, चाय, पकौड़े आदि बनाती है।


 

वर्षा ऋतु पर निबंध 3 (200 शब्द)

मुझे लगता है कि जिस तरह से मुझे वर्षा ऋतु बहुत पसंद है उसी तरह दूसरों को भी यह मौसम खूब भाता होगा। यह मुझे काफी खुशी और राहत देता है। आखिरकार यह लंबी गर्मी के बाद जो आता है। हमारे किसान भाई इस मौसम के लिये फसलों की तंदुरुस्ती के लिये भगवान इन्द्र से प्रार्थना करते है। भारत में किसानों के लिये इन्द्र देव की बहुत महत्ता है, क्योंकि इन्द्र देव को वर्षा ऋतु का स्वामी माना जाता है। वर्षा ऋतु इस धरती पर पेड़, पौधे, इंसान और जानवरों के लिये नया जीवन लेकर आती है। सभी जीव-जन्तु बारिश के पानी में भीग कर इस मौसम का आनन्द उठाते है।

जब बारिश आती है तो मैं और मेरे दोस्त छत पर जाकर बारिश के पानी में खूब नाचते-गाते है और ढ़ेर सारी मस्ती करते है। कई बार हम बारिश के दौरान स्कूल या स्कूल बस में होते है और हमारे साथ अध्यापक भी होते है तब भी हमलोग खूब मस्ती करते है। हमारे शिक्षक हमें वर्षा ऋतु पर कविता और कहानियाँ सुनाते है जिसका हम सभी खूब लुफ्त उठाते है। जब हम घर लौटते तो हम फिर से बाहर बारिश के पानी में खेलने जाते है। पूरा पर्यावरण हरा-भरा लगता है और ये बेहद साफ और सुंदर दिखाई देता है। इस धरती पर मौजूद हर जीव जन्तु एक नये जीवन का अनुभव करता है।

वर्षा ऋतु पर निबंध 4 (250 शब्द)

भारत में वर्षा ऋतु जुलाई महीने में शुरु हो जाती है और सितंबर के आखिर तक रहता है। ये असहनीय गर्मी के बाद सभी के जीवन में उम्मीद और राहत की फुहार लेकर आता है। इंसानों के साथ ही पेड़, पौधे, चिड़ियाँ और जानवर सभी उत्सुकता के साथ इसका इंतजार करते है और इसके स्वागत के लिये ढ़ेर सारी तैयारियाँ करते है। इस मौसम में सभी को राहत की साँस और सुकुन मिलता है। आकाश बहुत चमकदार, साफ और हल्के नीले रंग का दिखाई पड़ता है और कई बार तो सात रंगों वाला इन्द्रधनुष भी दिखाई देता है। पूरा वातावरण सुंदर और आकर्षक दिखाई देता है। सामान्यत: मैं हरे-भरे पर्यावरण और दूसरी चीजों की तस्वीर लेता हूँ जिससे ये मेरे कैमरे में यादों की तरह रहे। आकाश में सफेद, भूरा और गहरा काला बादल भ्रमण करता दिखाई देता है।

सभी पेड़ और पौधे नयी हरी पत्तियों से भर जाते है तथा उद्यान और मैदान सुंदर दिखाई देने वाले हरे मखमल की घासों से ढक जाते है। जल के सभी प्राकृतिक स्रोत जैसे नदियॉ, तालें, तालाबें, गड्ढें आदि पानी से भर जाता है। सड़कें और खेल का मैदान भी पानी से भर जाता है और मिट्टी कीचड़युक्त हो जाती है। वर्षा ऋतु के ढ़ेर सारे फायदे और नुकसान है। एक तरफ ये लोगों को गरमी से राहत देती तो दूसरी तरफ इसमें कई सारी संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर बना रहता है। यह किसानों के लिये फसलों के लिहाज से बहुत फायदेमंद रहता है लेकिन यह कई सारी संक्रमित बीमारियों को भी फैलाता है। इससे शरीर की त्वचा को काफी असुविधा होती है। इसके कारण डायरिया, पेचिश, टाईफॉइड और पाचन से संबंधित परेशानियाँ सामने आती है।


 

वर्षा ऋतु पर निबंध 5 (300 शब्द)

वर्षा ऋतु हम सभी के लिये प्यारा मौसम होता है। सामान्यत: ये जुलाई के महीने में आता है और सितंबर के महीने में जाता है। ये प्रचण्ड गर्मी के मौसम के बाद आता है। ये धरती पर मौजूद हर जीव-जन्तु के लिये एक उम्मीद और जीवन लेकर आता है जो सूरज की ताप की वजह से खत्म हो जाता है। यह अपने प्राकृतिक और ठंडे बारिश के पानी की वजह से लोगों को बहुत राहत देता है। गर्मी के कारण जो नदी और तालाब सूख जाते वे फिर से बारिश के पानी से भर जाते है इससे जलचरों को नया जीवन मिल जाता है। यह उद्यानों और मैदानों को उनकी हरियाली वापस देती है। वर्षा हमारे पर्यावरण को एक नयी सुंदरता प्रदान करती है हालाँकि ये दुख की बात है कि ये सिर्फ तीन महीनों के लिये रहती है।

आम जन जीवन के अलावा वर्षा ऋतु का सबसे अधिक महत्व किसानों के लिये है क्योंकि खेती के लिये पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है जिससे फसलों को पानी की कमी न हो। सामान्यत: किसान कई सारे गड्ढे और तालाब बनाकर रखते है जिससे वर्षा के जल का जरुरत के समय उपयोग कर सकें। वास्तव में वर्षा ऋतु किसानों के लिये ईश्वर के द्वारा दिया गया एक वरदान है। बारिश न होने पर वे इन्द्र देव से वर्षा के लिये प्रार्थना करते है और अंतत: उन्हें वर्षा का आशीर्वाद मिल जाता है। आसमान में बादल छाये रहते है क्योंकि आकाश में यहाँ और वहाँ काले, सफेद और भूरे बादल भ्रमण करते रहते है। घूमते बादल अपने साथ पानी लिये रहते है और जब मानसून आता है तो बारिश हो जाती है।

वर्षा ऋतु के आने से पर्यावरण की सुंदरता बढ़ जाती है। मुझे हरियाली बेहद पसंद है। वर्षा ऋतु के पलों का आनन्द लेने के लिये मैं सामान्यत: अपने परिवार के साथ बाहर घूमने जाता हूँ। पिछले साल मैं नैनीताल गया था और वह एक अच्छा अनुभव था। कई पानी से भरे बादल कार में हमारे शरीर पर पड़े और कुछ खिड़की से बाहर निकल गये। बारिश बहुत धीमे हो रही थी और हम सभी इसका आनन्द उठा रहे थे। हम लोगों ने नैनीताल में बोटिंग (नौकायान) का भी आनन्द उठाया। हरियाली से भरा नैनीताल बहुत अद्भुत लग रहा था।

वर्षा ऋतु पर निबंध 6 (400 शब्द)

भारत में चार मुख्य ऋतुओं में वर्षा ऋतु एक है। यह हर साल गरमी के मौसम के बाद जुलाई से शुरु होकर सितंबर तक रहता है। जब मानसून आता है तो आकाश के बादल बरसते है । गर्मी के मौसम में तापमान अधिक होने के कारण पानी के संसाधन जैसे महासागर, नदी आदि वाष्प के रुप में बादल बन जाते है। वाष्प आकाश में इकट्ठा होती है और बादल बन जाते है जो वर्षा ऋतु में चलते है जब मानसून बहता है और बादल आपस में घर्षण करते है। इससे बिजली चमकती और गरजती है और फिर बारिश होती है।

वर्षा ऋतु के अपने फायदे और नुकसान है। बारिश का मौसम सभी को अच्छा लगता है क्योंकि यह सूरज की तपती गर्मी से राहत देता है। यह पर्यावरण से सभी गर्मी को हटा देता है और एक ठडंक एहसास होता है। यह पेड़, पौधे, घास, फसल और सब्जियों आदि को बढ़ने में मदद करता है। यह मौसम सभी जानवरों और पक्षियों को भी बेहद पसंद होता है क्योंकि उन्हें चरने के लिये ढ़ेर सारी घास और पीने के लिये पानी मिल जाता है। और इससे हमें दिन में दो बार गाय और भैंसों का दूध उपलब्ध हो जाता है। सभी प्राकृतिक संसाधन जैसे नदी और तालाब आदि पानी से भर जाते है।

जब बारिश होती है तो सभी सड़कें, उद्यान तथा खेल के मैदान आदि जलमग्न और कीचड़युक्त हो जाते है। इससे हमें रोज खेलने में बाधा उत्पन्न होती है। सूरज की उपयुक्त रोशनी के बिना सब कुछ बदबू करने लगता है। सूरज की रोशनी की कमी की वजह से बड़े स्तर पर संक्रामक बीमारियों (विषाणु, फफूंदी और बैक्टीरिया से होने वाली) के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। वर्षा ऋतु में, भूमि की कीचड़ और संक्रमित वर्षा का पानी धरती के अंदर जाकर पानी के मुख्य स्रोत के साथ में मिलकर पाचन क्रियाओं के तंत्र को बिगाड़ देते है। भारी बारिश के कारण बाढ़ की संभावना भी बनी रहता है।

आखिरकार सभी के द्वारा वर्षा ऋतु को बहुत पसंद किया जाता है। हर तरफ हरियाली ही दिखाई देती है। पेड़, पौधे और लताओं में नयी पत्तियाँ आ जाती है। फूल खिलना शुरु हो जाते है। हमें आकाश में इन्द्र धनुष देखने का बेहतरीन मौका मिलता है। इस मौसम में सूरज भी लुका-छिपी खेलता है। मोर और दूसरे पक्षी अपने पंखों को फैलाकर झूमने लगते है। हम सभी वर्षा ऋतु का आनन्द स्कूल और घर दोनों जगह लेते है।

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