राजस्थान(Rajasthan) की प्रमुख बोलियाँ Rajasthan GK

राजस्थान(Rajasthan) की प्रमुख बोलियाँ Rajasthan GK Here we are providing Rajasthan gk in hindi for upcoming exams in rajasthan. rajasthan gk questions with answers in hindi, rajasthan gk hindi, rajasthan gk notes in hindi.

 Rajasthan Districts wise General Knowledge

1. अजमेर  6. भरतपुर  11. चित्तौड़गढ़  16. हनुमानगढ़  21. झुंझुनूं  26. पाली  31. सिरोही 
2. अलवर  7. भीलवाड़ा 12. दौसा  17. जयपुर  22. जोधपुर  27. प्रतापगढ़  32. टोंक
3. बांसवाड़ा  8. बीकानेर  13. धौलपुर  18. जैसलमेर  23. करौली  28. राजसमंद  33. उदयपुर 
4. बारां  9. बूंदी  14. डूंगरपुर  19. जालोर  24. कोटा  29. सवाई माधोपुर 
5. बाड़मेर  10. चुरू  15. गंगानगर  20. झालावाड़  25. नागौर  30. सीकर 

राजस्थान(Rajasthan) की प्रमुख बोलियाँ Rajasthan GK

“राजस्थान(Rajasthan) की प्रमुख बोलियाँ

भारत के अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में कई बोलियाँ बोली जाती हैं।

१. पश्चिमी राजस्थान में बोली जाने वाली बोलियाँ – मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढारकी, बीकानेरी, बाँगड़ी, शेखावटी, खेराड़ी, मोड़वाडी, देवड़ावाटी आदि।

२. उत्तर-पूर्वी राजस्थानी बोलियाँ – अहीरवाटी और मेवाती।

३. मध्य-पूर्वी राजस्थानी बोलियाँ – ढूँढाड़ी, तोरावाटी, जैपुरी, काटेड़ा, राजावाटी, अजमेरी, किशनगढ़, नागर चोल, हड़ौती।

४. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान – रांगड़ी और सोंधवाड़ी

५. दक्षिण राजस्थानी बोलियाँ – निमाड़ी आदि।

राजस्थान की प्रमुख बोलियाँ
१. मारवाड़ी
२. मेवाड़ी
३. बाँगड़ी
४. ढूँढाड़ी
५. हाड़ौती
६. मेवाती
७. ब्रज
८. मालवी
९. रांगड़ी
१०. अहिरवाटी
११. खैराडी
१२. गौडवाड़ी
१३. शेखावाटी

30+ E-books on Rajasthan Geography History GK pdf Download

१४. देवड़ावाटी
बोलियाँ जहाँ बोली जाती हैं :- १. मारवाड़ी – जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, पाली, नागौर, जालोर, व सिरोही

२. मेवाड़ी (मारवाड़ी की उपबोली)  – उदयपुर,  चित्तौड़गढ़, राजसमन्द व आसपास का शेत्र

३. बाँगड़ी – डूंगरपूर, बाँसवाड़ा, दक्षिण-पश्चिम उदयपुर

४. ढूँढाड़ी – उतरी जयपुर को छोडकर शेष जयपुर, किशनगढ़, टोंक, लावा तथा अजमेर मेरवाडा का पूर्वी आंचल

५. हाड़ौती (ढूंढाडी की उपबोली) – कोटा, बूँदी, शाहपुर तथा झालावाड

६. मेवाती – अलवर, भरतपुर,

७. ब्रज – भरतपुर, दिल्ली व उत्तरप्रदेश की सीमा प्रदेश

८. मालवी – मालवा शेत्र ( प्रतापगढ़ व झालावाड़, का दक्षिणी शेत्र)

९. रांगड़ी – मारवाड़ी व मालवी का सम्मिश्रण
१० अहिरवाटी – राठ शेत्र-अलवर की बहरोड़ व मुन्ड वर तहशील व जयपुर की कोटपुतली तहशील का उतरी भाग
११ खेराडी – शाहपुरा (भीलवाडा) व  बूंदी जिले के कुछ हीस्सौ में
१२ गोडवाडी -जालोर व सिरोही जिलो के कुछ भागो में
१३ शेखावाटी-चुरू झुंझुनु सीकर
१४ देवड़ावाटी सिरोही जिले के कुछ शेत्र
मारवाड़ी : राजस्थान के पश्चिमी भाग में मुख्य रुप से मारवाड़ी बोली सर्वाधिक प्रयुक्त की जाती है। यह जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर और शेखावटी में बोली जाती है। यह शुद्ध रुप से जोधपुर क्षेत्र की बोली है। बाड़मेर, पाली, नागौर और जालौर जिलों में इस बोली का व्यापक प्रभाव है।

मारवाड़ी बोली की कई उप-बोलियाँ भी हैं जिनमें ठटकी, थाली, बीकानेरी, बांगड़ी, शेखावटी, मेवाड़ी, खैराड़ी, सिरोही, गौड़वाडी, नागौरी, देवड़ावाटी आदि प्रमुख हैं। साहित्यिक मारवाड़ी को डिंगल कहते हैं। डिंगल साहित्यिक दृष्टि से सम्पन्न बोली है।

मेवाड़ी : यह बोली दक्षिणी राजस्थान के उदयपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिलों में मुख्य रुप से बोली जाती है। इस बोली में मारवाड़ी के अनेक शब्दों का प्रयोग होता है। केवल ए और औ की ध्वनि के शब्द अधिक प्रयुक्त होते हैं।

30+ E-books on Rajasthan Geography History GK pdf Download

बांगड़ी : यह बोली डूंगरपूर व बांसवाड़ा तथा दक्षिणी-पश्चिमी उदयपुर के पहाड़ी क्षेत्रों में बोली जाती हैं। गुजरात की सीमा के समीप के क्षेत्रों में गुजराती-बाँगड़ी बोली का अधिक प्रचलन है। इस बोली की भाषागत विशेषताओं में च, छ, का, स, का है का प्रभाव अधिक है और भूतकाल की सहायक क्रिया था के स्थान पर हतो का प्रयोग किया जाता है।

धड़ौती : इस बोली का प्रयोग झालावाड़, कोटा, बूँदी जिलों तथा उदयपुर के पूर्वी भाग में अधिक होता है।

मेवाती : यह बोली राजस्थान के पूर्वी जिलों मुख्यतः अलवर, भरतपुर, धौलपुर और सवाई माधोपुर की करौली तहसील के पूर्वी भागों में बोली जाती है। जिलों के अन्य शेष भागों में बृज भाषा और बांगड़ी का मिश्रित रुप प्रचलन में है। मेवाती में कर्मकारक में लू विभक्ति एवं भूतकाल में हा, हो, ही सहायक क्रिया का प्रयोग होता है।
बृज : उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे भरतपुर, धौलपुर और अलवर जिलों में यह बोली अधिक प्रचलित है।

मालवी : झालावाड़, कोटा और प्रतापगढ़ जिलों में मालवी बोली का प्रचलन है। यह भाग मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के समीप है।

रांगड़ी : राजपूतों में प्रचलित मारवाड़ी और मालवी के सम्मिश्रण से बनी यह बोली राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में बोली जाती है।

ढूँढाती : राजस्थान के मध्य-पूर्व भाग में मुख्य रुप से जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, टौंक के मीपवर्ती क्षेत्रों में ढूँढ़ाड़ी भाषा बोली जाती है। इसका प्रमुख उप-बोलियों में हाड़ौती, किशनगढ़ी, तोरावाटी, राजावाटी, अजमेरी, चौरासी, नागर, चौल आदि प्रमुख हैं। इस बोली में वर्तमान काल में छी, द्वौ, है आदि शब्दों का प्रयोग अधिक होता है।

बोली क्षेत्र
मारवाड़ी जोधपुर(Jodhpur) , बीकानेर(Bikaner) , जैसलमेर(Jaisalmer) , पाली , नागौर(Nagaur) , जालौर(Jalore) व सिरोही
ढूंढाड़ी उत्तरी जयपुर(Jaipur) को छोड़कर शेष जयपुर(Jaipur) , किशनगढ़ , टोंक , लावा तथा अजमेर(Ajmer) मेरवाड़ा का पूर्वी अंचल
मेवाड़ी उदयपुर(Udaipur) व आसपास का क्षेत्र
मेवाती कोटा(Kota) , बूंदी(Bundi) बारां(Baran) , झालावाड़
अहीरवाटी राठ क्षेत्र , अलवर(Alwar) की बहरोड़ व मुण्डावर तहसील व जयपुर(Jaipur) की कोटपूतली तहसील का उत्तरी भाग
मालवी मालवा क्षेत्र(प्रतापगढ़ व झालावाड़ का दक्षिणी क्षेत्र)
पिंगल ब्रजभाषा व पूर्वी राजस्थानी का मिश्रित साहित्यिक स्वरुप
डिंगल पश्चिमी राजस्थानी का साहित्यिक रूप

 rajasthan gk online test, rajasthan gk in hindi current, rajasthan gk in hindi book, rajasthan gk download, rajasthan gk audio, rajasthan gk hindi, rajasthan gk in hindi online test, rajasthan gk notes in hindi, rajasthan gk in hindi current, raj gk in hindi objective, raj gk history, rajasthan gk 2017 in hindi, rajasthan gk in hindi pdf, rajasthan gk questions with answers in hindi free download, raj gk in hindi objective, rajasthan gk in hindi question, rajasthan gk in hindi audio, rajasthan general knowledge in hindi, rajasthan gk in hindi current,  rajasthan gk jaipur, rajasthan, rajasthan gk in hindi book.

Comments

comments

Leave a Comment

error: