मोटापा पर निबंध हिन्दी निबंध-Essay On Fattness -हिन्दी निबंध – Essay in Hindi

मोटापा पर निबंध हिन्दी निबंध-Essay On Fattness -हिन्दी निबंध – Essay in Hindi 

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मोटापा एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में बहुत अधिक वसा (फैट) जमा हो जाता है। यह आम तौर पर तब होता है जब कोई व्यक्ति अत्यधिक भोजन का सेवन करता है और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों में शामिल नहीं होता। मोटापे से ग्रस्त लोगों को मधुमेह, नींद, अश्व्सन और ओस्टियोआर्थराइटिस जैसे रोग लगने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। मोटापा आमतौर पर अत्यधिक भोजन का सेवन और नियमित शारीरिक व्यायाम की कमी के कारण होता है। मोटापा को एक आनुवांशिक समस्या होने के संदेह से भी देखा जाता है। मोटापे के कारण विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में इज़ाफा होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं जिन्हें जल्द से जल्द ध्यान देने की आवश्यकता है। आपकी परीक्षाओं में मदद के लिए हमने यहां कुछ अलग-अलग निबंध उपलब्ध करवाएं हैं।

मोटापे पर निबंध (ओबेसिटी एस्से)

You can get below some essays on Obesity in Hindi language for students in 200, 300, 400, 500 and 600 words.

मोटापा पर निबंध 1 (200 शब्द)

आमतौर पर मोटापे की समस्या तब होती है जब कोई व्यक्ति नियमित आधार पर भोजन की आवश्यक मात्रा से अधिक सेवन करता है तथा शरीर में मौजूद अतिरिक्त वसा (फैट) को जलाने के लिए किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधियों में शामिल नहीं होता। यह समस्या आनुवंशिक भी हो सकती है तथा कुछ दवाओं या मनोवैज्ञानिक कारकों जैसे उदासी, अवसाद, घबराहट आदि के दुष्प्रभाव के कारण भी हो सकती है। नीचे दिए गए कुछ सुझावों का पालन करके इस समस्या को रोका जा सकता है:

  • विभिन्न पोषक तत्वों से भरे हुए स्वस्थ आहार का पालन करें। खाने से पहले ही यह सुनिश्चित करें की आपको भोजन कितनी मात्रा में खाना है।
  • एक दिन में तीन बार भारी मात्रा में भोजन करने की बजाय चार-पांच बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करें।
  • प्रत्येक दिन व्यायाम करने के लिए कम से कम आधे घंटे का समय दें।
  • अपने शरीर के वजन के साथ-साथ अपनी कमर के मोटाई को भी मापतें रहें।

मोटापा केवल अपने आप में ही एक समस्या नहीं है। यह हृदय की गंभीर बीमारियों, मस्तिष्क के स्ट्रोक, बांझपन, नींद अश्व्सन और मधुमेह जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। यदि आपने समय रहते इस समस्या को नहीं रोका तो आपको इसको ठीक करने के लिए व्यापक उपचार से गुजरना होगा। जब डॉक्टर दवाइयां लिखें तो रोगी के आहार में परिवर्तन करने की कोशिश करें और इस समस्या का इलाज करने के लिए एक व्यायाम व्यवस्था तैयार करें। कुछ मामलों में रोगियों को सर्जरी से भी गुज़रना पड़ सकता है।

मोटापा

मोटापा पर निबंध 2 (300 शब्द)

मोटापा ज्यादातर दो चीजों के संयोजन का परिणाम है – अत्यधिक भोजन और न के बराबर शारीरिक गतिविधि करना। जरूरी नहीं कि यह भोजन का अत्यधिक मात्रा में नियमित सेवन करने से हो या एक आनुवंशिक समस्या हो। यह कुछ दवाइयों के विपरीत प्रभाव के रूप में भी हो सकती है। यहां इस स्थिति के कारणों पर एक विस्तृत नज़र डाली गई है और इसे रोकने तथा उसके इलाज करने के तरीकों का विस्तृत वर्णन है:

मोटापे के कारण

  1. अत्यधिक भोजन का सेवन और व्यायाम की कमी

मोटापे के प्रमुख कारणों में से एक है शारीरिक गतिविधियों की कमी तथा साथ में भोजन की जरुरत से ज्यादा मात्रा में नियमित खपत।

  1. मनोवैज्ञानिक कारक

ऐसा देखा गया है कि जब कुछ लोग जीवन में कठिन समय से गुजरते हैं तो वे जरुरत से ज़्यादा खाते हैं। यह अंततः वजन और मोटापा की समस्या पैदा करता है।

  1. आनुवांशिक

कुछ मामलों में मोटापा माता-पिता से विरासत में भी मिलता है।

  1. दवा

गर्भ निरोधक गोलियाँ और अवसादरोधी जैसी कुछ दवाइयों का नियमित सेवन करने से वजन बढ़ सकता है जो अंत में मोटापे का कारण बनता है।

मोटापे को रोकने के तरीके

यहां मोटापे की स्थिति से बचने के बारे में बताया गया है:

  1. सही खाएं और सही व्यायाम करें

यह बहुत ही जरुरी है की भोजन में स्वस्थ आहार को प्राथमिकता दें जिनमें ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और अनाज शामिल हैं। तेल और मीठे खाद्य पदार्थों से बचें।

  1. भोजन की मात्रा

जब आप स्वस्थ भोजन को चुनें तो यह भी ख्याल रखें कि एक बार में आपने कितना खाया और कितनी बार खाया।

  1. व्यायाम

प्रत्येक दिन 30-45 मिनट अभ्यास में व्यस्त होने की आदत डालें।

  1. अपने वजन पर नज़र रखें

अपने शरीर के वजन और कमर की मोटाई को समय समय पर मापतें रहें।

निष्कर्ष

उपरोक्त दी गयी युक्तियों का पालन करके मोटापे को कम किया जा सकता है। यदि आप इस स्थिति का शिकार हो जाते हैं तो इसे ठीक करने के लिए तत्काल एक चिकित्सक से परामर्श करना ही ठीक रहेगा क्योंकि यह न केवल अपने आप में एक समस्या है बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हृदय की समस्या, पित्त पथरी, नींद अश्व्सन और बांझपन को भी जन्म देती है।

मोटापा पर निबंध 3 (400 शब्द)

मोटापा की समस्या आम तौर पर तब होती है जब कोई व्यक्ति भोजन को आवश्यक मात्रा से ज्यादा खायें और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि ना करें। इसके अलावा मोटापा की समस्या विरासत में भी मिली हो सकती है तथा कुछ अन्य कारणों से भी हो सकती है। यहां पर मोटापे के कारण, व्यक्ति के स्वास्थ्य पर इसका असर और इससे बचने के तरीकों पर एक विस्तृत नज़र डाली गई है।

मोटापे के कारण

  1. अत्यधिक भोजन और शारीरिक गतिविधियों का अभाव

जैसा कि पहले बताया गया मोटापे के विकास का मुख्य कारण शारीरिक गतिविधि की कमी के साथ भोजन की आवश्यक मात्रा से अधिक का नियमित सेवन है।

  1. मनोवैज्ञानिक मुद्दे

ऐसा देखा गया है कि जब लोग कुछ कठिन दौर से गुजरते हैं तो कुछ ज्यादा खाते हैं जिससे मोटापा बढ़ने की आशंका रहती है।

  1. आनुवांशिक

मोटापा आनुवांशिक भी हो सकता है। अगर माता-पिता में से किसी को यह समस्या है तो काफी हद तक मुमकिन है बच्चे को भी इस समस्या से जूझना पड़े।

  1. दवा

गर्भ निरोधक गोली, अवसादरोधी अन्य दवाओं के कारण भी वजन में वृद्धि हो सकती है जिससे एक निश्चित समय अवधि में मोटापा हो सकता है।

मोटापे के प्रभाव

मोटापा किसी भी व्यक्ति के शरीर पर कई तरह से नकारात्मक प्रभाव डालता है। इससे निम्नलिखित बीमारियाँ हो सकती है:

  • उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर
  • मधुमेह
  • दमा
  • नींद अश्व्सन
  • बांझपन
  • उच्च रक्त चाप

मोटापे को रोकने के तरीके

इस समस्या को गंभीर रूप से लेने से पहले इसे कुछ सरल और स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर रोका जा सकता है। यहां पर उन विकल्पों पर एक नज़र डाली गई है:

  1. स्वस्थ भोजन विकल्प

आप एक दिन में  कितना भोजन खातें है उसका ध्यान रखें तथा कोशिश करें फाइबरयुक्त और पोषक आहार लेने का जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल और अनाज आदि शामिल हैं।

  1. भोजन की मात्रा और आकार

केवल स्वस्थ भोजन का विकल्प चुनना ही पर्याप्त नहीं है आपको यह भी देखना होगा कि आप एक दिन में कितनी बार खातें हैं। एक दिन में तीन बार भारी मात्रा में भोजन करने के बजाए नियमित अंतरालों में पांच से छह बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लेना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।

  1. व्यायाम

प्रति सप्ताह 150-300 घंटे मामूली व्यायाम करने कोशिश करें। इसमें जॉगिंग, तैराकी, साइकिल चलाना और नृत्य आदि हो सकते हैं।

  1. वज़न का ध्यान रखें

यह सुनिश्चित करने के लिए कि चीजें नियंत्रण में हैं अपने शरीर के वजन के साथ-साथ अपनी कमर के आकार को समय समय पर नापतें रहें।

निष्कर्ष

मोटापा दुनिया भर में एक बढ़ती हुई समस्या है। एक स्वस्थ आहार योजना का पालन करके और एक नियमित व्यायाम व्यवस्था स्थापित करके इसे रोका जा सकता है। यदि शरीर में मोटापे की वजह से कोई गंभीर समस्या पनपती है तो जल्द से जल्द इसका इलाज करने के लिए चिकित्सा सहायता का रुख करें।

मोटापा पर निबंध 4 (500 शब्द)

शरीर में मोटापा अत्यधिक भोजन की नियमित खपत तथा शरीर में जमा होने वाली अतिरिक्त वसा को जलाने के लिए पर्याप्त शारीरिक गतिविधियों के अभाव के कारण होता है। मोटापा के कारणों का विस्तृत रूप, किस तरीके से यह हमारे शरीर पर प्रभाव डालती है, इस समस्या को रोकने और उसका इलाज करने के तरीकों का पालन करें।

मोटापा क्यों होता है?

जैसा कि ऊपर बताया गया है भोजन की अत्यधिक खपत और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण मोटापा होता है। मोटापे के अन्य कारणों का विस्तृत वर्णन इस प्रकार है:

  • आनुवांशिक

यदि किसी के माता-पिता में से कोई एक इस समस्या से ग्रस्त है तो व्यक्ति को इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

  • मनोवैज्ञानिक कारक

घबराहट, क्रोध और तनाव जैसी भावनायें भी कुछ लोगों की खाने की आदतों को प्रभावित करतीं हैं। इन नकारात्मक प्रभावों के कारण लोग अपने भोजन की मात्रा का सेवन बढ़ाते हैं।

  • दवाएं

कुछ अवसादरोधी और गर्भनिरोधक गोलियां भी वजन बढ़ने का कारण हो सकते हैं और इससे अंततः मोटापे की समस्या पनपती है।

  • स्वास्थ्य समस्याएं

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम और हाइपोथायरायडिज्म जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी मोटापे का कारण बन सकती हैं।

मोटापे को कैसे रोकें?

  • स्वस्थ आहार की आदतें

स्वस्थ खाने की आदतों से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • खाने का आकार

दिन में 3 बार भारी मात्रा में भोजन करने के बजाए 4-5 बार थोड़ी-थोड़ी देर में भोजन करें।

  • शारीरिक गतिविधि

दिन के दौरान सक्रिय होना जरूरी है। शारीरिक गतिविधियों में शामिल हों। कोशिश करें प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे शारीरिक गतिविधियां करने की। इनमें तैराकी, जॉगिंग, नृत्य और साइकिल चलाना आदि शामिल हैं।

  • अपने वजन पर निगाह रखें

अपने शरीर के वजन और कमर के आकार पर नज़र रखें तथा अपने आहार में आवश्यक परिवर्तन करें। अगर ऐसा महसूस हो कि वज़न बढ़ रहा है तो अपने व्यायाम के समय को बढ़ाएं।

मोटापे के नतीजे क्या हैं?

मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति को नीचे दी गई स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित होने का खतरा है:

  • हृदय रोग
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर
  • उच्च रक्त चाप
  • मधुमेह
  • दमा
  • कैंसर
  • नींद अश्व्सन
  • बांझपन
  • आघात

मोटापे का इलाज कैसे करें?
मोटापे की समस्या का इलाज इस प्रकार है:

  • आहार का संशोधन

इस समस्या को दूर करने के लिए आहार योजना में तत्काल परिवर्तन आवश्यक है। अपने आहार में परिवर्तन करने के लिए डॉक्टर से परामर्श करना बेहद जरुरी है।

  • व्यायाम

इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए शारीरिक व्यायाम बहुत जरुरी है। इससे अतिरिक्त कैलोरी जलाने  में मदद मिलती है।

  • अल्प आहार की गोलियां

ये गोलियां वजन कम करने में प्रभावी हैं लेकिन उनके कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

  • निर्धारित दवाएं

इस समस्या को दूर करने के लिए चिकित्सक से परामर्श करना और दवाइयां लेना सबसे अच्छा है।

  • सर्जरी

यह विकल्प विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनका बॉडी मास इंडेक्स 40 या 30 से अधिक है या व्यक्ति ऐसी बीमारी से जूझ रहा है जो सीधे-सीधे मोटापे से जुड़ी हुई है।

निष्कर्ष

मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। एक स्वस्थ जीवन शैली का पालन करके मोटापे को ठीक किया जा सकता है। इस समस्या को विकसित होने से रोकने के लिए स्वस्थ आहार योजना और व्यायाम शासन का पालन करना आवश्यक है।


 

मोटापा पर निबंध 5 (600 शब्द)

मोटापा स्वास्थ्य से संबंधित स्थिति है जिसमें किसी व्यक्ति का वज़न आवश्यक मात्रा के भोजन और शारीरिक गतिविधि की कमी से अधिक नियमित खपत के कारण तेज़ी से बढ़ने लगता है। यह स्थिति आनुवांशिक, मनोवैज्ञानिक कारकों के कारण या कुछ दवाइयों के विपरीत प्रभाव के रूप में विकसित हो सकती है। नीचे इसके कारणों, मोटापे के प्रभाव और इस समस्या को रोकने के तरीकों पर विस्तृत नज़र डाली गई है।

मोटापे के कारण

मोटापे के विभिन्न कारण इस प्रकार हैं:

  • अत्यधिक खाना: भोजन की आवश्यक मात्रा से अधिक की नियमित खपत विशेष रूप से वसा (फैट), वजन बढ़ने का मुख्य कारण होता है। बार-बार भोजन सेवन से शारीरिक अंगो की गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ता है।
  • आनुवंशिक: यदि किसी व्यक्ति के माता-पिता मोटापे से पीड़ित हैं तो उस व्यक्ति में भी इस समस्या के लक्षण देखें जा सकते है। इसका कारण यह है कि वंशाणु वसा नियमन में शामिल हार्मोन को प्रभावित करते है।
  • शारीरिक व्यायाम की कमी: जो लोग व्यायाम नहीं करते हैं वे कम कैलोरी जला पाते है जो सक्रिय रूप से मोटापे को बढ़ावा देतीं हैं। शारीरिक गतिविधियां किए बिना अत्यधिक भोजन लेना अक्सर मोटापे का कारण बनता है।
  • दवाइयां: कुछ दवाएं जैसे कि गर्भ निरोध दवाई, अवसाद रोधी दवा, मधुमेह की दवा आदि भी वजन बढ़ाती है जो अंततः मोटापे का कारण है।
  • स्वास्थ्य स्थितियां: हाइपोथायरायडिज्म, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम और इंसुलिन प्रतिरोध जैसी स्वास्थ्य स्थितियां भी मोटापे का कारण हो सकती है।
  • मनोवैज्ञानिक कारक: ऊबन, तनाव और उदासी जैसी भावनाएं कुछ लोगों की खाने की आदतों को प्रभावित करती हैं। इन भावनाओं के जवाब के रूप में वे अपने भोजन सेवन में वृद्धि करते हैं जिससे मोटापा बढ़ता है।

मोटापे के प्रभाव

मोटापे की वजह से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है:

  • हृदय रोग
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर
  • उच्च रक्त चाप
  • मधुमेह
  • दमा
  • कैंसर
  • नींद अश्व्सन
  • बांझपन
  • आघात

मोटापे से पीड़ित व्यक्ति के सामाजिक और आर्थिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मोटापे से पीड़ित लोग अक्सर भेदभाव का शिकार बनते हैं तथा वे अवसाद से भी ग्रस्त रहते है।

मोटापे को रोकने के तरीके

यहां कुछ तरीके है जिनसे मोटापे को रोका जा सकता है:

  • स्वस्थ खाने की आदतों का पालन
  • उचित भोजन का सेवन सुनिश्चित करना
  • शारीरिक गतिविधियों में शामिल होना
  • अपने वजन और कमर के आकार पर नज़र बनाए रखना

मोटापे का इलाज करने के तरीके

इलाज के तरीकों की खोज की बजाए समस्या को रोकना ज्यादा बेहतर होगा इससे पहले कि वह बढ़ जाए। जिन लोगों में मोटापा किसी कारण से होता है उन्हें जल्द से जल्द इसका इलाज करवाना चाहिए ताकि मोटापे के कारण शरीर में कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा न हो जाए। ये तरीके हैं जिनसे इस समस्या का इलाज किया जा सकता है:

  • आहार परिवर्तन: आपके आहार में परिवर्तन करना मोटापे को नियंत्रित करने की ओर पहला कदम है। यदि आप मोटापे से पीड़ित हैं तो आवश्यक आहार परिवर्तनों के लिए किसी चिकित्सक से परामर्श करने की ज़रूरत है।
  • अल्प आहार की गोलियां: अल्प आहार की गोलियों में वजन को घटाने वाली सामग्री शामिल होती है। हालांकि, इन गोलियों के साइड इफेक्ट्स भी होते है जैसे दिल की धड़कनों का तेज़ हो जाना।
  • व्यायाम: प्रत्येक दिन व्यायाम करने के लिए 45-60 मिनट समर्पित होना आवश्यक है। कोशिश करें कि शरीर के अतिरिक्त वसा को जलाने के लिए तीव्र अभ्यासों में लिप्त हो।
  • निर्धारित दवाएं: अल्प आहार गोलियों को खाने की बजाय वे दवाइयां लें जो आपके चिकित्सक द्वारा सुझाई गई है।
  • सर्जरी: यह विकल्प विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनका बॉडी मास इंडेक्स (द्रव्यमान इंडेक्स) 40 या 30 से अधिक है या व्यक्ति ऐसी बीमारी से जूझ रहा है जो सीधे-सीधे मोटापे से जुड़ी हुई है।

निष्कर्ष

मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो हृदय रोग, नींद अश्व्सन, अस्थमा, पित्त पथरी और बांझपन सहित कई अन्य प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है जो मुख्यतः शरीर में अत्यधिक वसा जमा होने के कारण होती है। मोटापे को स्वस्थ खाने की आदतों, नियमित व्यायाम और शरीर के वजन पर नज़र रखकर रोका जा सकता है।

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