मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi  Hindi Essay in 100-200 words, Hindi Essay in 500 words, Hindi Essay in 400 words, list of hindi essay topics, hindi essays for class 4, hindi essays for class 10, hindi essays for class 9, hindi essays for class 7, hindi essay topics for college students, hindi essays for class 6, hindi essays for class 8

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

मेक इन इंडिया पर निबंध (Make In India Essay In Hindi) :

भूमिका : भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र देश है और विश्व में जनसंख्या के विषय में दुसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भारत देश के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं उनकी सोच बिलकुल युवाओं की तरह की है। नरेंद्र मोदी जी में उर्जा कूट-कूटकर भरी हुई है उनके मन में काम के प्रति लगन को साफ तरीके से देखा जा सकता है।

मेक इन इंडिया भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी एक नई पहल है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बहुत से देशों में IT कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की और उन्हें भारत में निवेश करने के लिए प्रेरित किया था। इस योजना का साथ बहुत ही मल्टीनेशनल कंपनियां दे रही थीं और साथ-ही-साथ उन कंपनियों ने भारत में कई जगह पर अपने कारखानों को खोलकर भारत में निवेश किया है और साथ में कई भारतीय लोगों को इससे रोजगार भी मिल रहा है।

मेक इन इंडिया का आरम्भ : मेक इन इण्डिया का शुभारम्भ माननीय प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 25 सितम्बर 2014 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों की रोजमर्रा में उपयोग किया जाने वाले समान का निर्माण इण्डिया में ही हो।

इस योजना को सबको समझाने के लिए औद्योगिक नीति व विकास विभाग द्वारा 29 दिसम्बर 2014 को एक वर्कशॉप आयोजित की गई थी। इसमें खुद नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए इनके साथ उनके कैबिनेट मंत्री , सभी राज्यों के मुख्य सचिव व बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री के लीडर भी शामिल थे।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले 25 जगहों पर बदलाव लाना है योजना के तहत इसमें रोजगार बढ़ेंगे जिससे देश में बेरोजगारी की समस्या दूर होगी साथ में ही इन क्षेत्रों में कौशल विकास होगा। जिससे देश विदेश में सभी बड़े निवेशकों का ध्यान हमारी ओर केंद्रित होगा।

मेक इन इंडिया के फायदे : मेक इन इण्डिया अभियान की मदद से बहुत से बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल रहा है इसी वजह से देश का विकास भी हो रहा है। इस अभियान की सहायता से हम अपने देश भारत को अन्य विकसित देशों को सूचि में जल्द ही देखा जायेगा।

अगर बाहरी देशों की कंपनियां हमारे देश में शाखाएं बनायेंगे तो हमारे भारत के साथ-साथ उन्हें भी फायदा होगा और देश के लोगों को भी कम दाम में उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे और साथ में लोगों को भी नौकरी मिल सकेगी। इससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार और विकास होगा।

मेक इन इण्डिया जब से मेक इन इण्डिया अभियान शुरू हुआ है तब से भारत में जोर शोर से कई निवेशकों ने विनिर्माण , वस्त्र , ऑटोमोबाइल , उत्पादन , खुदरा , रसायन , आईटी , बंदरगाह , फार्मास्यूटिकल , पर्यटन , कल्याण , रेलवे के क्षेत्र में निवेश किया है जो भारत के लिए एक बहुत ही अच्छी बात है।

मेक इन इण्डिया के शुभारम्भ के दिन सभी अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय कंपनियों को इस अभियान का साथ देने के लिए आमंत्रित किया गया था। मेक इन इण्डिया अभियान ने भारत में अंतर्राष्ट्रीय व्यापर में निवेश के क्षेत्र में एक क्रांति उत्पन्न कर दी है। इससे रोज कोई ना कोई बड़ी अंतर्राष्ट्रीय कंपनी भारत में निवेश कर रही है और अपनी शाखाओं को भारत में शुरू कर रही है जो आने वाले सालों में लोगों के लिए रोजगार का एक आच्छा माध्यम होगा।

मेक इन इंडिया का मुख्य उद्देश्य : मेक इन इण्डिया अभियान का उद्देश्य भारत में नई टेक्नालॉजी के विकास और भारत में ही बनाए जाने वाले उत्पादों को बढ़ावा देना है। मेक इन इण्डिया का मुख्य सिद्धांत है कि विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए प्रेरणा मिले तथा भारत में ही उत्पादों को बनाने का प्रोत्साहन दिया जाए।

ना सिर्फ विदेशी उत्पादों बल्कि योजना के तहत भारतीय कंपनियों के उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत में आज तक असाक्षरता , बेरोजगारी , महिलाओं की गिनती में गिरावट , भ्रष्टाचार , गरीबी और स्वास्थ्य सेवाओं में कमी मौजूद है। मेक इन इण्डिया अभियान इन सभी मुश्किलों को भारत से दूर करने का एक बहुत ही अच्छी पहल है।

मेक इन इण्डिया अभियान के अनुसार भारत में 100 स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और किफायती आवास योजना लोगों को मिलने की आशा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बड़े निवेशकों की सहायता से देश में मजबूत विकास और मूल्यवान रोजगार हर घर के लोगों तक सुनिश्चित करना है।

ज्यादा से ज्यादा समान भारत में बने जिससे समान की कीमत कम होगी और बाहर निर्यात होने देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। देश में रोजगार बढ़ेगा , गरीबी कम होगी। उच्च गुणवत्ता का समान कम कीमत पर मिलेगा। दुसरे मुल्क के निवेशक हमारे यहाँ आकर पैसा लगाएगा जिससे देश में बाहर से पैसा आएगा साथ ही देश का नाम दुनिया में प्रसिध्य होगा। देश के नौजवानों को अपनी सोच सबको बताने का मौका मिलेगा। देश के नौजवान विदेश में जाकर काम करने की जगह , यही रहकर काम करना पसंद करेंगे।

मेक इन इंडिया को रिस्पांस : सितम्बर 2014 में जब से इस योजना की शुरुआत हुई है तब से नवम्बर 2015 तक भारत सरकार को दुनिया भर की ढेरों इलेक्ट्रॉनिकस कंपनी ने प्रोपोसल भेजे है जो भारत में काम करना शुरू करना चाहती हैं। जनवरी 2015 को स्पाइस मोबाईल कंपनी के मालिक ने उत्तर प्रदेश के साथ डील करके वहां पर अपने मोबाइल फोन बनाने की कंपनी डाली।

जनवरी 2015 में ही सैमसंग मोबाईल कंपनी के सीईओ ह्यून चिल होंग MSME के मंत्री कलराज मिश्रा से मिले थे उन्होंने साथ में काम करने की बात कही थी और नोएडा में इसके प्लांट की बात भी कही थी। फरवरी 2015 में हिताची ने भी भारत में निवेश की बात कही और कहा वे चेन्नई में अपना सेटअप लगा सकते है।

फरवरी 2015 में HUAWEI ने बैगलुरु में अपना रिसर्च व् डेवलोपमेंट कैंपस खोला। इसके साथ ही उन्होंने टेलीकॉम हार्डवेयर प्लांट चेन्नई में बनाने की बात कही जिसे चेन्नई सरकार से मान्यता दे दी। फरवरी 2015 में XIAOMI मोबाइल कंपनी ने आंध्रप्रदेश सरकार के सामने साथ काम करने का प्रस्ताव रखा।

अगस्त 2015 में लेनोवो ने कहा कि उसके मोटोरोला के मोबाइल फोन चेन्न्यो के पास प्लांट में बनने शुरू हो गये है। दिसम्बर 2015 में VIVO मोबाइल कंपनी ने नॉयडा में अपने मोबाइल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जिसमें 2200 लोगों को काम पर रखा गया। इसके साथ-साथ कई विदेशी कंपनियों ने सरकार को अपने प्लांस भेजे और साथ देने का प्रस्ताव भेजा।

दिसम्बर 2015 में जापान के प्रधानमंत्री भारत दौरे में थे उन्होंने मेक इन इण्डिया प्रोजेक्ट के लिए जापान की तरफ से 12 लाख करोड़ का फंड दिया। इसके साथ जब नरेंद्र मोदी दिसम्बर में रूस दौरे पर थे , तब उन्होंने मेक इन इंडिया कैम्पेन के तहत अब तक कि सबसे बड़ी डील साइन की। मलती रोल हेलिकोप्टर भारत में बनते हैं जिसे रूस ने खरीदने का निश्चय किया।

मेक इन इंडिया योजना से जुडी बातें : इस योजना ने देश विदेश सभी स्थानों के निवेशकों के लिए भारत में व्यापर करने के दरवाजे खोल दिए हैं। बड़ी-बड़ी कंपनियां इस मंत्र को अपना रही हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जो अब अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की राह पर चल पड़ा है।

सरकार ने इस योजना के लिए 25 सेक्टर का चुनाव किया है जैसे – ऑटोमोबाइल , बायोटेक्नोलाजी , केमिकल , इलेक्ट्रोनिक्स , फ़ूड प्रोसेसिंग , इम्फोर्मेशन टेक्नोलोजी , लेदर , माइनिंग , मिडिया व् एंटरटेनमेंट , आउल व गैस , रेलवे , पोर्ट्स एंड शिपिंग , टेक्सटाइल व् गारमेंट्स , थर्मल पॉवर , टूरिज्म , थर्मल पॉवर , इलेक्ट्रिकल मशीन , रोड व् हाईवे , विमान उद्योग , निर्माण आदि। इसके अलावा रक्षा , स्पेस और भी दुसरे सेक्टर के रास्ते यहाँ निवेश के लिए खुल गए।

इसके साथ ही नियामक राजनीति ने निवेशकों व् व्यापर करने वालों को बहुत सी छुट भी दी। आंकलन के अनुसार ये पूरी योजना में 20 हजार करोड़ की है , लेकिन शुरुआत में इसके लिए 930 करोड़ का इन्वेस्टमेंट प्लान किया गया है , जिसमें से 580 करोड़ भारत की सरकार दे रही है।

प्रत्येक देश में व्यापर व् निवेश करने के अलग अलग नियम कानून होते हैं। 2015 में 189 देशों के बीच वर्ल्ड बैंक द्वारा एक रिसर्च की गई जिसके अनुसार भारत की रैंक 130 नंबर है। मोदी जी इन्हीं सब बैटन को ध्यान में रखकर योजनायें निकालते है अब देश में व्यापर संबंधित बहुत से नियम बदले जा रहे हैं। वर्ल्ड बैंक ने भारत में व्यापर के लिए देश के 17 शहरों में सर्वे किया था जिसके अनुसार लुधियाना , हैदराबाद , भुवनेश्वर , गुडगाँव , आहमदाबाद टॉप 5 शहर है , जहाँ आसानी से कोई व्यापर किया जा सकता है।

मेक इन इंडिया कैम्पेन : मेक इन इंडिया कैम्पेन को जन जन तक पहुँचाने के लिए 13 फरवरी 2016 को मुम्बई में मेक इन इण्डिया विक इवेंट मनाया गया था। यहाँ 2500 अंतर्राष्ट्रीय व् 8000 राष्ट्रिय कंपनियों ने हिस्सा लिया था इसके साथ ही 72 देशों के बिजनेश टीम व् देश के 17 प्रदेशों से भी लोग आये थे। मेक इन इण्डिया की तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार से मेक इन महाराष्ट्र कैम्पेन शुरू किया। इसका उद्देश्य मेक इन इण्डिया को और आगे बढ़ाना है। इससे महाराष्ट्र में व्यापार के लिए लोग आकर्षित होंगे व् अर्थव्यवस्था सुधरेगी।

मेक इन इंडिया पर नारे : मेक इन इण्डिया अभियान के लिए बहुत से नारों का प्रयोग किया गया है।

1. नई सुबह की भौर , नव निर्माण की ओर।
2. देश-देश में शौर है , भारत निर्माण की ओर है।
3. भारत निर्माण की ओर , नए युग का दौर।
4. दिल से निकले एक ही दरकार , मेक इन इण्डिया का सपना हो साकार।
5. वही देश हैं समृद्धशाली , जहाँ का युवा हो प्रभावशाली।
6. कण-कण कर मूरत बनायेंगे , देश को विकसित करके दिखलायेंगे।
7. इतिहास हमारा सदियों पुराना , वेदों में निहित ज्ञान हैं , जिस देश की महिमा अलक निरंजन , उसे दिलाना पुनः सम्मान है।
8. मेक इन इण्डिया , युवा शक्ति का आईना।
9. ज्ञान का है जहाँ अलौकिक प्रकाश , जहाँ की मिट्टी में अमरता का आशीर्वाद , क्यूँ झुके वो देश करने विकास , चलो मिलकर करे मेक इन इण्डिया का आगाज।
10. विकास का दौर , निर्माण की ओर।

उपसंहार : यह योजना भारत को विकसित बनाने में एक बहुत ही बेहतरीन पहल साबित हुई है। भारत सरकार अपनी पूरी कोशिश कर रही है मेक इन इण्डिया को सही मार्ग देने की लेकिन हमको भी ऐसी कोशिश करनी चाहिए। हमें सदेशी अपनाने की सोचनी चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा हमारा भी लाभ ही होगा।

हमें सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का ओर लाभ उठाना चाहिए इसके लिए पीछे नहीं हटना चाहिए। क्योंकि अगर हम इनका लाभ लेने से पीछे हटेंगे तो कोई और जिसको इस लाभ की जरूरत नहीं वो इसका लाभ होगा। अत: किसी काम से पीछे नहीं हटना चाहिए।

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

चूँकि सामान्यत: बच्चों को अपनी कक्षा में परीक्षा या किसी भी प्रतियोगिता के दौरान निबंध लेखन दिया जाता है, इसलिये हम यहाँ पर मेक इन इंडिया विषय पर विद्यार्थियों की मदद के लिये कई प्रकार के निबंध उपलब्ध करा रहें हैं। विद्यार्थियों की आवश्यकतानुसार विभिन्न कक्षाओं के लिये यहाँ दिये गये निबंध बेहद आसान और अलग-अलग शब्द सीमाओं में लिखें गये हैं। विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों के कौशल स्तर को सुधारने के लिये स्कूल या कॉलेज में आमतौर पर निबंध या पैराग्राफ लेखन प्रतियोगिता रखी जाती है। जिसे देखते हुए ये निबंध बेहद उपयोगी साबित होगा।

मेक इन इंडिया पर निबंध

Make in India Essay in Hindi मेक इन इंडिया की शुरुवात भारत सरकार द्वारा शुरू की गई इसमें बहुराष्ट्रीय कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए और साथ ही राष्ट्रीय कंपनियों को भारत में अपने उत्पादों का निर्माण करने के लिए 25 सितम्बर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया| मेक इन इंडिया पर निबंध हमने सभी कक्षा के बच्चों के लिए लिखा है तो चलिए अब हम निचे मेक इन इंडिया का एस्से पढ़ते है|

Make in India Essay in Hindi 100 Words

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितम्बर, 2014 को दिल्ली के विज्ञान भवन मे “मेक इन इंडिया” मिशन की शुरुआत करते हुआ कहा की हम नहीं चाहते की भारत की किसी भी उद्योग कंपनियों को भारत छोड़ कर जाना पड़े  नरेंद्र मोदी ने कहा हम चाहते है की भारत की कंपनियों की छवि भी अन्तर्राष्ट्रीय कंपनियों की तरह लगे| एस अवसर पर उन्होंने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया की सरकार आपका लोगो का पैसा डूबने नहीं देगी और इस मेक इन इंडिया के मिशन को शेर के कदम जैसा बताया|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस मेक इन इंडिया का मुख्य उद्देश्य था, की विदेशी निवेश को भारत मे ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना और हमारे यहाँ के नागरिकों को रोज़गार भी प्राप्त हो सके, ताकि विनिर्माण के क्षेत्र मे हमारा देश अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक पहचान बना सके|

Make In India Essay in Hindi Language
मेक इन इंडिया पर निबंध – Make In India Essay in Hindi Language

Make in India Essay in Hindi 200 Words

अगर हम ‘मेक इन इंडिया’ को दूसरे शब्दों मे कहे तो ‘मेड इन इंडिया‘| मेड इन इंडिया का तात्पर्य यह है की जिन वस्तुयों का निर्माण हमारे ही देश में किया गया हो| हमारे देश मे बनी वस्तुयों का मूल्य भी हमारे लिए कम होगा तथा हम उनको दूसरे देशों में निर्यात करके अपने देश की आय में बढ़ोतरी करेंगे और साथ -साथ बहुत से हमारे देश के नौजवानों को रोज़गार भी मिलेगा| एफ डी आई (FDI) को नए ढंग से परिभाषित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा भी था की एफ डी आई से तात्पर्य है- “फ़र्स्ट डेवलप इंडिया“| 30 देशो की भागीदारी सहित देश – विदेश में एक साथ शुरू किये गए इस मिशन के लिए लगभग 930 करोड़ का प्रावधान किया गया है|

नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान के लिए लगभग 3000 कंम्पनियों को जोड़ने का लक्ष्य है| इस अभियान के अन्तर्गत सॉफ्टवेयर, बिजली, मोटर वाहन, कागज़ ऐसे ही बहुत सारे क्षेत्रो में विनिर्माण को विशवस्तरिय बनाने पर जोर दिया गया है| केंद्र सरकार के इस कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही देश में रोज़गार के अवसरों मे तेजी की सम्भावना नज़र आने लगी है|

Make in India Essay in Hindi 300 Words

मेक इन इंडिया के उद्घाटन समारोह में मुकेश अम्बानी, चंद कोचर, सायरस मिस्री अन्य नामी उद्योगपति शामिल होने से मेक इन इंडिया मिशन की शोभा और भी बढ़ गयी है यही हमारे प्रधानमंत्री चाहते है की हमारा देश आगे बड़े और तरक्की करते रहे| इस अवसर पर मुकेश अम्बानी का यह कहना है की आने वाले 12-15 महीनो में रिलायंस इंडस्ट्रीज लगभग 2 लाख करोड़ का निवेश करके लाखो रोज़गार प्राप्त कराएगी| निश्चय ही इस अभियान के मार्ग में अनेक बाधाएं भी हैं, पर उन बाधाओं को दूर करने में भारत पूर्णतः सक्षम है| देश में उद्यमियों के अनुकूल वातावरण तैयार करने हेतु यातायात, ऊर्जा, बैंकिंग आदि क्षेत्रों का विस्तार कर इनमें हर स्तर पर सुधार किए जाने की आवश्यकता है|

श्रम कानून में सुधार कर, निर्णय में गति लाकर, विनियोग को सुरक्षा प्रदान करे एवं कर ढांचे को और प्रभावी प्रभावी बनाकर पूरे देश में विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सकता है| बुनियादी ढांचे में विकास के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी काफी विकास किया जाना अति आवश्यक है| इन सबके अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापक सुधार करने की जरूरत है| स्वयं नरेंद्र मोदी जी की कि शब्दों में सरकार, उद्योगपतियो, शिक्षाविदों और नौजवानों की सोच में एकरूपता लाने की आवश्यकता है| नरेंद्र मोदी के इस अभियान से देशवासियों को हर स्तर पर लाभ मिलेगा और मेक इन इंडिया अभियान विशवस्तरिय पर अपनी छवि बनाने में सफलता हासिल करेगा|

मेक इन इंडिया अभियान के लिए, भारत सरकार ने 25 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है जिन्हें पर्याप्त रूप से बढ़ावा दिया जाएगा| ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल अवयव, आईटी और बीपीएम, सड़क और राजमार्ग, विमानन, चमड़ा, अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी, मीडिया और मनोरंजन, कपड़ा और वस्त्र, रसायन, खनन, तापीय उर्जा, निर्माण, तेल और गैस, पर्यटन और आतिथ्य, रक्षा निर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, कल्याण, विद्युत मशीनरी, बंदरगाहों, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, रेलवे|ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) की संभावना सबसे ज्यादा है और भारत सरकार द्वारा निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा| मेक इन इंडिया अभियान लॉन्च पर, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन क्षेत्रों के विकास से यह सुनिश्चित होगा कि दुनिया आसानी से एशिया में आयेगा, विशेष रूप से भारत के लिए जहां दोनों लोकतांत्रिक स्थितियों और विनिर्माण श्रेष्ठता की उपलब्धता ने इसे सर्वश्रेष्ठ स्थलों बना दिया, खासकर जब उनके प्रशासन द्वारा प्रभावी प्रभावी शासन के साथ मिलाया जाए|

मेक इन इंडिया पर निबंध (मेक इन इंडिया एस्से)

Find below some essays on Make in India in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

मेक इन इंडिया पर निबंध 1 (100 शब्द)

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरु किया गया मेक इन इंडिया अभियान एक नयी योजना है, जिसके तहत विदेशों के कई निवेशकों को भारत में विभिन्न व्ययसायों में पैसा लगाने के लिये एक अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। भारत में बने हुए उत्पादों के लिये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घरेलू कंपनी के साथ ही बहुदेशीय कंपनीयों को प्रसन्न करने के लिये भारतीय सरकार द्वारा ये एक शुरुआती अभियान चलाया जा रहा है। भारत में रोजगार लाने के लिये प्रधानमंत्री के द्वारा किया गया ये एक प्रयास है। नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में 25 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री द्वारा इस मुहिम की शुरुआत की गयी थी।

मेक इन इंडिया

मेक इन इंडिया पर निबंध 2 (150 शब्द)

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

पीएम नरेन्द्र मोदी के द्वारा शुरु हुआ मेक इन इंडिया एक ऐसा अभियान है जो भारत में व्यापार की इच्छा रखने वाले पूरे विश्व भर के बड़े व्यापारिक निवेशकों को सहज बनाता है। इस कार्यक्रम की शुरुआत नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में पीएम के द्वारा 25 सितंबर 2014 हुई। देश के युवाओं के द्वारा सामना किये जा रहे है बेरोजगारी के स्तर को घटाने के लिये भारतीय सरकार के द्वारा ये एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंगल मिशन के एक दिन बाद इस अभियान की शुरुआत की गयी थी जब भारत के प्रधानमंत्री के रुप में नरेन्द्र मोदी यूएसए के अपने पहले दौरे पर जाने वाले थे।

इस अभियान को शुरु करने का उद्देश्य भारत को विश्व स्तर का उत्पादन का पावरहाऊस बनाने है जो भातीय अर्थव्यवस्था के बड़े मुद्दे का समाधान करने में जरुर मदद करेगी। मुकेश अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष), अजीम प्रेमजी (विप्रो के अध्यक्ष) आदि सहित भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ नयी दिल्ली में सफलतापूर्वक विदेशी निवेशकों के लिये नये समझौते के साथ इस पहल की शुरुआत हुई।

मेक इन इंडिया पर निबंध 3 (200 शब्द)

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में 25 सितंबर 2014 को मेक इन इंडिया अभियान की शुरुआत की गयी थी। भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के साथ ही एक प्रभावशाली लक्ष्य की ओर भारत को मुख्य भूमिका निभाने के लिये इस अभियान को चलाया गया। ये देश के युवाओं के लिये रोज़गार का एक सफल रास्ता उपलब्ध कराता है जो निश्चित ही भारत में गरीबी के स्तर को घटाने और दूसरे सामाजिक मद्दों में मदद करेगा। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूरे विश्व के प्रमुख निवेशकों के लिये मेक इन इंडिया एक आह्वान है, कि भारत आओ और यहाँ उत्पादों के निर्माण के द्वारा अपने व्यापार को बढ़ाओ। भारत के पीएम ने निवेशकों से कहा कि इससे कोई मतलब नहीं कि आप किस देश में अपने उत्पाद को बेच रहें हैं हालाँकि आपको भारत में उत्पादन करना चाहिये। लक्ष्य को पाने के लिये भारत के युवाओं में प्रचुर मात्रा में योग्यता, कौशल, अनुशासन और प्रतिबद्धता है।

मेक इन इंडिया अभियान सभी मुख्य निवेशकों को एक लाभदायक अवसर उपलब्ध कराता है कि आप भारत आये और उपग्रह से पनडुब्बी, ऑटोमोबाईल से कृषि मूल्य योग, विद्युत से इलेक्ट्रॉनिक आदि किसी भी व्यवसाय में निवेश करें। नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में, मुकेश अंबानी, कुमार मंगलम बिरला, साइरस मिस्त्री, अजीम प्रेमजी आदि शिखर के उद्योगपतियों की मौजूदगी में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिये मेक इन इंडिया योजना के संदर्भ में पीएम ने एक घोषणा की।


 

मेक इन इंडिया पर निबंध 4 (250 शब्द)

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

नयी दिल्ली में 25 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा आरंभ किया गया मेक इन इंडिया एक महत्वकांक्षी अभियान है। इस अभियान की शुरुआत का उद्देश्य भारत को वैश्विक उत्पादन केन्द्र का एक स्थान बनाना है। इस अभियान को एक सफल अभियान बनाने के लिये अलग-अलग 500 धनी कंपनियों के प्रमुख 40 सीईओ से भारत के पीएम ने मुलाकात की। इंडिया इंक के प्रमुख सीईओ, एम्बेस्डर्स, अंतरराष्ट्रीय उद्योग नेता, मंत्री, सरकारी अधिकारी आदि की मौजूदगी में इस योजना की शुरुआत की गयी। अच्छे से निर्धारित किये गये देशों के प्रमुख कंपनियों का आह्वान करने के लिये इस अभियान ने लक्ष्य बनाया है। कुछ चुनी हुई घरेलू कंपनियाँ जो नवाचार और नयी तकनीक के क्षेत्र में प्रमुख है, उनको भी आमंत्रित किया गया है। “इन्वेस्ट इंडिया” नाम से वाणिज्य मंत्रालय में एक विशेष ईकाई है जो नियामक अनापत्ति को प्राप्त करने में सहयोग करने के साथ ही नियामक और नीतिगत मुद्दे के संबंध में सभी प्रमुख विदेशी निवेशकों का मार्गदर्शन करता है।

निवेशकों पर से किसी भी प्रकार का बोझ घटाने के लिये भारतीय सरकार एक बड़ा प्रयास कर रही है। वेब पोर्टल (makeinindia.com) के द्वारा व्यापारिक कंपनियों से सभी सवालों के उत्तर देने के लिये एक तैयार समर्पित टीम का प्रबंध है। 72 घंटों के अंदर विशेष प्रश्नों के जवाब के लिये एक पश्च सिरा की टीम भी सहायता के लिये तैयार है। एक विश्व अगुआ बनने और निवेशकों के लिये कार्य करने के लिये सरकार द्वारा लगभग 25 मुख्य क्षेत्रकों (जैसे विमानन, रसायन, आईटी, ऑटोमोबाईल, टेक्सटाईल्स, बंदरगाह, दवा के क्षेत्र में, चमड़ा, मेहमानदारी, पर्यटन, स्वास्थ्य, रेलवे आदि) को पहचाना गया है।

मेक इन इंडिया पर निबंध 5 (300 शब्द)

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

नयी दिल्ली में 25 सितंबर 2014 को भारत में मेक इन इंडिया नाम से एक पहल की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गयी। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य भारत को आर्थिक वैश्विक पहचान दिलाना है। इस कार्यक्रम के आरंभ के दौरान, पीएम ने कहा कि निवेशकों को इसे एक अवसर के रुप में देखना चाहिये ना कि भारत में बाजार के रुप में। सेवा-चालित वृद्धि मॉडल से श्रम वृद्धिकर उत्पादन चालित वृद्धि से भारतीय अर्थव्यवस्था को नया रुप देना इस अभियान का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करना भारत में 10 मिलियन लोगों से ज्यादा के लिये रोजगार का कारण बनेगा। ये एक असरदार योजना है जो यहाँ भारत में अपने व्यवसाय को लगाने के लिये प्रमुख विदेशी कंपनियों को आकर्षित करेगी।

विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिये, रक्षा उत्पादन और बीमा क्षेत्रों में बहुत बड़ा बदलाव किया गया है, हालाँकि विश्लेषकों के अनुसार इसे और असरदार तरीके से करने की जरुरत है। देश में ज्यादा रोजगार आम आदमी की क्रय शक्ति को बढ़ायेगा। भारत एक ऐसा देश है जिसके पास अलग तरह की जनसांख्यिकी, लोकतंत्र और माँग है जो निवेशकों को फायदा पहुँचा सकता है।

नीतिगत मुद्दों पर स्पष्टता और संसाधनों की कमी के कारण, भारतीय व्यापारी भी भारत को छोड़ने और अपना व्यापार कहीं और जमाने की योजना बना रहे थे। अगर ऐसा होता तो ये और खराब अर्थव्यवस्था का कारण बनता। विभिन्न असरदार संसाधनों के साथ मेक इन इंडिया अभियान किसी भी व्यापार के लिये भारत में निवेश के लिये विश्व के प्रमुख उद्योगपतियों का ध्यान खींचेगा। दूसरे देशों से भारतीय कारोबार की अनिवार्यता से बचने के लिये पीएम मोदी ने इस आकर्षिक योजना की शुरुआत की। अपने असरदार शासन के द्वारा वृद्धि केन्द्रित रोजगार और विकास लाने के द्वारा पीएम मोदी का सपना इस देश को बेरोज़गारी मुक्त बनाने का है। युवाओं के लिये बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने के द्वारा भारत में बड़े स्तर पर गरीबी को घटाया जा सकता है जिसकी वजह से कई सामाजिक मुद्दे सुलझ सकते हैं।


 

मेक इन इंडिया पर निबंध 6 (400 शब्द)

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

25 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नयी दिल्ली में मेक इन इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की गयी थी। भारत में निवेश करने के लिये (राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय) पूरे विश्व से मुख्य व्यापारिक निवेशकों को बुलाने के लिये ये एक पहल थी। देश में किसी भी क्षेत्र में (उत्पादन, टेक्सटाईल्स, ऑटोमोबाईल्स, निर्माण, खुदरा, रसायन, आईटी, बंदरगाह, दवा के क्षेत्र में, अतिथि सत्कार, पर्यटन, स्वास्थ्य, रेलवे, चमड़ा आदि) अपने व्यापार को स्थापित करने के लिये सभी निवेशकों के लिये ये एक बड़ा अवसर है। भारत में विनिर्माण पावरहाऊस की स्थापना के लिये विदेशी कंपनियों के लिये इस आकर्षक योजना के पास साधन-संपन्न प्रस्ताव है।

व्यापार (उपग्रह से पनडुब्बी तक, कार से सॉफ्टवेयर, औषधीय से बंदरगाह तक, कागज़ से ऊर्जा तक आदि) के लिये इसे एक वैश्विक केन्द्र बनाने के लिये देश में डिजिटल नेटवर्क के बाजार के सुधार के साथ ही असरदार भौतिक संरचना के निर्माण पर केन्द्रित भारतीय सरकार द्वारा मेक इन इंडिया अभियान की शुरुआत की गयी। इसका प्रतीक (भारत के राष्ट्रीय प्रतीक से लिया हुआ) एक विशाल शेर है जिसके पास ढ़ेर सारे पहिये (शांतिपूर्णं प्रगति और चमकीले भविष्य के रास्ते को इंगित करता है) है। कई पहियों के साथ चलता हुआ शेर हिम्मत, मजबूती, दृढ़ता और बुद्धिमत्ता को इंगित करता है। फेसबुक पर मेक इन इंडिया पेज़ को 1,20,00 लाईक्स मिलें हैं और आरंभ करने के तारीख से कुछ महीनों के अंदर 1,30,000 से ज्यादा फालोअर्स इसके ट्वीटर पर हो चुके हैं।

एक वैश्विक व्यापारिक केन्द्र में देश को बदलने के लिये इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को डिज़ाईन किया गया है क्योंकि इसके पास स्थानीय और विदेशी कंपनियों के लिये आकर्षक प्रस्ताव है। देश के युवाओं की स्थिति को सुधारने के लिये लगभग 25 क्षेत्रकों में कौशल को बढ़ाने के साथ ही इस अभियान का ध्यान बड़ी संख्या में मूल्यवान और सम्मानित नौकरी उत्पन्न करना है। इसमें ऑटोमोबाईल, रसायन, आईटी तथा बीपीएम, विमानन उद्योग, औषधीय, निर्माण, बिजली से संबंधित मशीन, खाद्य प्रसंस्करण, रक्षा, विनिर्माण, अंतरिक्ष, टेक्सटाईल्स, कपड़ा उद्योग, बंदरगाह, चमड़ा, मीडिया और मनोरंजन, स्वास्थ्य, खनन, पर्यटन और मेहमानदारी, रेलवे, ऑटोमोबाईल घटक, नवीकरणीय ऊर्जा, बायोटेक्नोलॉजी, सड़क और हाईवे, इलेक्ट्रानिक निकाय और थर्मल ऊर्जा शामिल हैं।

इस योजना के सफलतापूर्वक लागू होने से भारत में 100 स्मार्ट शहर प्रोजेक्ट और वहन करने योग्य घर बनाने में मदद मिलेगी। प्रमुख निवेशकों के मदद के साथ देश में ठोस वृद्धि और मूल्यवान रोजगार उत्पन्न करना इसका मुख्य लक्ष्य है। ये दोनों तरफ के लोगों को फायदा पहुँचायेगा, निवेशक और हमारे देश दोनों को। निवेशकों के असरदार और आसान संचार के लिये एक ऑनलाईन पोर्टल (makeinindia.com) और एक समर्पित सहायक टीम भारतीय सरकार ने बनायी है। किसी भी समय व्यापारिक कंपनियों के सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिये एक वफादार शेल भी समर्पित है।

मेक इन इंडिया पर निबंध-Make In India Essay In Hindi

 

मेक इन इंडिया पर भाषण,

मेक इन इंडिया कार्यक्रम,

मेक इन इंडिया अभियान,

मेक इन इंडिया पर कविता,

मेक इन इंडिया लोगो,

मेक इन इंडिया के फायदे,

मेक इन इंडिया के उद्देश्य,

मेक इन इंडिया अभियान पर निबंध,

make in india essay in hindi wikipedia,

make in india essay in hindi for ssc cgl,

advantages of make in india in hindi,

make in india in hindi meaning,

make in india ke fayde,

make in india essay in hindi with points,

digital india essay in hindi,

make in india in marathi pdf,

 

Comments

comments

Leave a Comment

error: