बुद्धिमत्ता हिंदी कहानी Hindi Kahani Story | Hindigk50k

बुद्धिमत्ता हिंदी कहानी Hindi Kahani Story

बुद्धिमत्ता हिंदी कहानी Hindi Kahani Story 100+ hindi story kahaniyan short bal kahani in hindi, baccho ki kahani suno, dadi maa ki kahaniyan, bal kahaniyan, cinderella ki kahani, hindi panchatantra stories, baccho ki kahaniya aur cartoon, stories, kids story in english, moral stories, kids story books, stories for kids with pictures, short story, short stories for kids, story for kids with  moral, moral stories for childrens in hindi, infobells hindi moral stories, hindi panchatantra stories, moral stories in hindi,  story in hindi for class 1, hindi story books, story in hindi for class 4, story in hindi for class 6, panchtantra ki kahaniya.

बुद्धिमत्ता हिंदी कहानी Hindi Kahani Story

यह कहानी है चार दोस्तों की. एक लेक्चरर, दूसरा डॉक्टर, तीसरा इंस्पेक्टर

बुद्धिमत्ता हिंदी कहानी

और चौथा एक कंपनी का चार्टर्ड अकाउंटेंट था. चारों लखनऊ से दिल्ली कार से जा रहे थे. हाईवे पर उनकी कार तेजी से भागी जा रही थी. अचानक उनकी कार के पिछले चक्के का पहिया पंक्चर हो गया. गाड़ी रोकी गई. चारों दोस्त उतरे. एक ने जैक निकाला, दूसरे ने चक्का खोला और तीसरा चक्का लगाने लगा. इतने में एक के हाथ से चक्के के चारों बोल्ट खाई में गिर गए. बिना बोल्ट चक्का लगाना मुश्किल था. चारों यह सोच कर परेशान  हो गए. अब क्या करें? चारों ने मोबाइल लगाने की कोशिश की लेकिन नेटवर्क नहीं था. इतने में वहां एक चरवाहा अपने जानवरों को हांकते हुए आया. उन्होंने चरवाहे से पूछा -” सुनो यहाँ कोई मेकेनिक मिलेगा क्या?” चरवाहे ने पहाड़ी की तरफ इशारे करते हुए बताया कि यहाँ से दस किलोमीटर दूर है. सब परेशान. अब क्या करें. उनमें से एक दोस्त ने कहा- “हमारी कर के बोल्ट खाई में गिर गए हैं तुम निकल दो न, सौ रूपये दूंगा.” चरवाहा बोला – “इस गहरी खाई में इतना छोटा बोल्ट कहाँ मिलेगा. साहब, आप ऐसा क्यों नहीं करते तीनो चक्के से एक- एक बोल्ट खोल कर क्यों नहीं लगा लेते.”
चरवाहे की बात सुनकर चारों एक दूसरे का मुंह देखने लगे. इन चारों के पास बड़ी बड़ी डिग्री थी इसके बाबजूद भी उनके दिमाग में यह बात नहीं आई कि तीन चक्कों से एक एक बोल्ट निकल कर काम चलाया जा सकता है. इसका मतलब यह है कि बुद्धिमान लोगों के सामने बड़े- बड़े डिग्रीधारी भी फ़ैल हो जाते हैं. वक्त और परिस्थिति के हिसाब से निर्णय लेकर किस तरह से समस्या का समाधान हो सकता है, यह खास बात है.

आपको यह हिंदी कहानी कैसी लगी, अपने विचार कमेंट द्वारा दें. तथा अपने दोस्तों के साथ शेयर करें
धन्यवाद!

Comments

comments

Leave a Comment