न्याय हिंदी प्रेरक् कहानी Justice Hindi Motivational Short Story | Hindigk50k

न्याय हिंदी प्रेरक् कहानी Justice Hindi Motivational Short Story

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न्याय हिंदी प्रेरक् कहानी Justice Hindi Motivational Short Story 

रोम का सम्राट एक बार बहुत बीमार पड़ गया. राजा की बीमारी का इलाज करने के लिये बड़े बड़े वैद्यों और चिकित्सकों को बुलाया गया. सबने अपनी अपनी दवाई दी लेकिन राजा की बीमारी ठीक होने का नाम ही नहीं ले रहा था. बीमारी पहले से भी अधिक बढ़ गया था.

Justice Hindi Motivational Short Story न्याय

Justice Hindi Motivational Short Story न्याय

एक दिन एक बुजुर्ग व्यक्ति आया. वह बहुत ही अनुभवी प्रतीत हो रहा था. उसने सम्राट की जांच की. फिर उसने कहा – जान बचाने का एक ही तरीका है. किसी अन्य व्यक्ति के पित्ताशय से दवा बनाकर सेवन कराने के बाद ही सम्राट की जान बच सकती है.’

सम्राट की जान बचाने के लिये राज दरबार के लोग चिकित्सक के साथ एक जीवित व्यक्ति की तलाश में घूमने लगे. आखिर कर एक लड़का मिल गया. उसके माता पिता गरीब थे. चिकित्सक ने उसके पिता को बहुत सारा धन का लालच दिया. पेट की भूख के आगे बेटे का महत्व फीका पड़ गया. बहुत सारा धन लेकर पिता ने अपने पुत्र को चिकित्सक के हाथ बेच दिया. लड़के को दरबार में राजा के पास लाया गया.सम्राट ने अपने मंत्री से राय माँगी. मंत्री ने कहा – ‘सम्राट! मुल्क बड़ी चीज होती है, लेकिन उससे भी बड़ा होता है उसका सम्राट. वह मुल्क की रक्षा करता है और उन्हें हर प्रकार की सुविधाएँ देकर सूखी रखता है. अपनी प्रजा को संतुष्ट रखना ही उसका कर्त्तव्य होता है. देश और लोगों की हिफाजत करनेवाले सम्राट के लिये एक दो जानों की क़ुरबानी कोई अपराध नहीं है.’

बस इतना काफी था. उस खरीदे गए बच्चे को सम्राट के सामने खड़ा कर दिया गया. जल्लाद भी उसका हत्या कर पित्ताशय निकलने को तलवार लेकर आ गया.

चिकिस्तक दवा बनाने के लिये जरुरी सामान लेकर आ गया. बस अब सम्राट के आदेश की प्रतीक्षा भर की देर थी.
उस लड़के ने एक बार आसमान की ओर देखा और जोर जोर से हँसना शुरू कर दिया. सम्राट लड़के के इस व्यवहार से अचरज में पड़ गए. तलवार का वार रुक गया. सम्राट ने उस बालक से पूछा – अपनी मृत्यु सामने देखकर भी तुम इस तरह से हँस क्यों रहे  हो?’

लड़के ने जबाब दिया- ‘ जिस देश में माँ बाप धन के लिये अपने संतान को बेचे, मंत्री बेकसूर मनुष्य की हत्या को सही ठहराए, चिकित्सक मानवता को त्याग सिर्फ धन के लिये चिकित्सा करे, देश और प्रजा की रक्षा करनेवाला राजा दूसरों की हत्या से अपनी जान बचाने की कोशिश करे, वहां तो उपरवाले के न्याय पर ही भरोसा करना पड़ेगा. इसलिए आसमान की ओर देख दीं दुखियों के मालिक से अर्ज कर रहा था. अब उसका न्याय देखना है.’

उस लड़के की यह बात सुनकर सम्राट की आँखें खुल गयी. जल्लाद को वापस भेज दिया गया. सम्राट ने अपनी गलती के लिये उस लड़के से माफ़ी माँगी. उस लड़के को दरबार में रख लिया गया और उसके पढाई लिखाई की उचित व्यवस्था की गयी.

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