नरेंद्र मोदी पर निबंध-Essay On Narendra Modi In Hindi

नरेंद्र मोदी पर निबंध-Essay On Narendra Modi In Hindi Hindi Essay in 100-200 words, Hindi Essay in 500 words, Hindi Essay in 400 words, list of hindi essay topics, hindi essays for class 4, hindi essays for class 10, hindi essays for class 9, hindi essays for class 7, hindi essay topics for college students, hindi essays for class 6, hindi essays for class 8

नरेंद्र मोदी पर निबंध-Essay On Narendra Modi In Hindi

Narendra Modi Essay in Hindi नरेंद्र मोदी 2014 में भारत के 14वें प्रधानमंत्री बने और वह भारत के प्रधानमंत्री बनने से पूर्व गुजरात राज्य के मुख्यमंत्री थे| वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता है| नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक सदस्य भी है। नरेंद्र मोदी के उपर निचे हमने एस्से लिखा है तो चलिए अब एस्से को पढ़ते है यह एस्से हमने सभी कक्षाओं के लिए लिखा है जैसे – 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, एवं 12|

Narendra Modi Essay in Hindi 100 Words

नरेंद्र मोदी पर निबंध-Essay On Narendra Modi In Hindi

नरेंद्र मोदी का पूरा नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी है उनका का जन्म 17 सितंबर 1950 वडनगर गुजरात मे हुआ था। नरेंद्र मोदी एक भारतीय राजनीतिज्ञ है और वर्तमान मे भारत के 15 वे प्रधानमंत्री है| भारत के राष्ट्रपति ने 26 मई 2014 को नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री की शपथ दिलाई थी| नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के एक नेता भी है और भारत के प्रधानमंत्री बनने से पहले वह गुजरात के 2001 से 2014 तक मुख्यमंत्री थे और वाराणसी मे संसद के सदस्य भी थे| नरेंद्र मोदी दामोदरदास का जन्म एक गुजराती परिवार मे हुआ था और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी उनके पिता दामोदरदास मूलचन्द मोदी चाये बेचने का काम करते थे और बचपन की उम्र से ही नरेंद मोदी अपने पिता के साथ काम करते थे और बाद मे उन्होंने अपना एक स्टाल ख़रीद लिया था|

Narendra Modi Essay in Hindi 200 Words

नरेंद्र मोदी पर निबंध-Essay On Narendra Modi In Hindi

नरेंद्र मोदी के पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी और माता का नाम हीराबेन मोदी है| नरेंद्र मोदी के माता और पिता ने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की होगी की एक दिन उनका बेटा देश का प्रधानमंत्री बनेगा| नरेंद्र मोदी छोटी सी ही उम्र मे ही, वडनगर के रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने में अपने पिता की मदद करते थे और थोड़े ही समय बाद वह अपने भाई के साथ अपनी टी स्टाल मै काम करने लगे| आठ वर्ष की उम्र मे ही नरेंद्र मोदी ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ज्वाइन कर लिया था । मोदी ने अपनी उच्चतर माध्यमिक शिक्षा 1967 मे वडनगर मे पूरी की|

Narendra Modi Essay in Hindi Language
नरेंद्र मोदी पर निबंध – Narendra Modi Essay in Hindi Language

वर्ष 1973 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रचारक के रुप में अपना कैरियर शुरु करने वाले मोदी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर वर्ष 1987 में भारतीय जनता पार्टी BJP में जगह बना ली थी| इसके बाद मोदी ने पार्टी में अनेक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाते हुए निरंतर अपना कद बढ़ाया| इसी का परिणाम है कि मोदी वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद मई 2000 तक इस पद पर बने रहे| नरेंद्र मोदी के राजनीतिक कैरियर में वर्ष 2002 बहुत महत्वपूर्ण था इस वर्ष गुजरात में सांप्रदायिक दंगे भड़के उठे हुए थे जिनमें 2000 से अधिक लोग मारे गए और कई हजार व्यक्ति घायल हुए थे| इन दंगों ने मोदी की छवि को दागदार बना दिया था|

Narendra Modi Essay in Hindi 300 Words

नरेंद्र मोदी पर निबंध-Essay On Narendra Modi In Hindi

मोदी सरकार न केवल दंगों को प्रभावी ढंग से न रुकवाने के लिए आलोचना का शिकार हुई बल्कि उस पर दंगो को भड़काने का भी आरोप लगाया गया| मोदी पर चारों ओर से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का दबाव बनने लगा था, तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई ने भी मोदी को “राजधर्म” का निर्वाह करने की नसीहत दी थी, लेकिन मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर बने रहें| वर्ष 2002 के दंगों ने मोदी के व्यक्तिगत को बदल कर रख दिया| अब तक हिंदुत्ववादी छवि को लेकर आगे बढ़ने वाले मोदी ने गुजरात दंगों के बाद अपना सारा ध्यान आरती विकास पर केंद्रित कर दिया, जिसका परिणाम यह हुआ कि उनके नेतृत्व में वर्ष 2012 और 13 तक आते-आते गुजरात राज्य के स्थान पर ब्रांड बन गया और मोदी के गुजरात विकास मॉडल की गूंज हर कहीं सुनाई देने लगी| मोदी को इसी विकास पुरुष की छवि ने उन्हें वर्ष 2014 के आम चुनावों में विजय दिलाकर प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचा दिया तेरी जैसी बिछड़ी हुई जाती का एक चाय बेचने वाला लड़का भारत का प्रधानमंत्री बने यह बेमिसाल है वह किले से प्रधानमंत्री है जो इतनी गरीबी से उठे हैं|

आजाद भारत में जन्मे पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सही मायने में ‘युवा भारत’ के ‘युवा प्रधानमंत्री’ हैं| स्कूली दिनों में नाटकों में भाग लेने के शौकीन मोदी वक्त के साथ कदम मिलाकर चलने वालों में से हैं| यही वजह है कि भारत जैसे देश में जहां तमाम राजनीतिक दल प्रौद्योगिकी से दुरी रखने मे विश्वास रखते हैं| वही मोदी कंप्यूटर एवं इंटरनेट प्रौद्योगिकी का जमकर प्रयोग करते हैं| उन्होंने चुनाव प्रचार में भी सूचना प्रौद्योगिकी का भरपूर इस्तेमाल करते हुए जनता के एक बड़े वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई है| वह जनता से जुड़ने के लिए सोशल नेटवर्किंग का सहारा लेते हैं|

Narendra Modi Essay in Hindi 400 Words

नरेंद्र मोदी पर निबंध-Essay On Narendra Modi In Hindi

नागरिकों से ‘लाइव चैट’ करके वाले पहले भारतीय राजनेता होने का गौरव भी मोदी को ही मिला| वह सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट “ट्विटर” पर सदैव सक्रिय रहते हैं| उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी उद्देश्य से लगाया जा सकता है कि ट्विटर पर उनकी 30 मिलियन से भी अधिक फॉलोवर है और वे विश्व के ऐसे चतुर्थ राजनेता हैं जिनका ट्विटर पर सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है|

नरेंद्र मोदी का मुख्य एजेंडा सिर्फ और सिर्फ तरक्की है| वह सबका साथ सबका विकास की विचारधारा की पक्षधर हैं| शायद यही कारण है कि भारत की जनता ने गुजरात दंगों को भुलाकर उन्हें प्रधानमंत्री के पद के रूप में इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है| हर सरकार अपने तरीके से देश के विकास के लिए कार्य करती है, किंतु नरेंद्र मोदी की सरकार से जनता की उम्मीदें बहुत ज्यादा है, क्योंकि भारत में संभवत पहली बार कोई लोकसभा चुनाव जाति-पाति तथा सांप्रदायिकता जैसे मुद्दों को छोड़कर विकास के मुद्दे पर लड़ा गया और जीता गया| इसलिए जनता अपने नए प्रधानमंत्री से यूपिये-2 के शासनकाल में आए ठहराव से मुक्ति पाने की अपेक्षा रखती है| लेस गवर्नमेंट, मोर गवर्नेंस और ‘नो रेड टेप’ ओन्ली रेड कारपेट पर जोर देने वाली मोदी को भी इसका आभास अवश्य होगा कि एक प्रधानमंत्री के रूप में उनके सामने महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक घाटा, भ्रष्टाचार जैसी अनेक चुनौती हैं जिनका समाधान उन्हें करना होगा|

नरेंद्र मोदी ने लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला, जिससे उन्हें सफलता भी मिली है| उन्हें गुजरात रत्न, सर्वश्रेठ मुख्यमंत्री तथा एशियन एफडीआई पर्सनालिटी ऑफ द ईयर के समान से भी नवाजा जा चुका है| उन पर प्रधानमंत्री बनने से पूर्व ही “Narendra Modi: The Man The Times” तथा “The Namo Story: A Political Life” सहित पांच पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं| ऐसे सफल व्यक्ति की शख्सियत और इरादे जानने के लिए सारी दुनिया बेताब है| भारतीय जनता उनसे बदलाव और बेहतरीन की आशा रखती है, लेकिन इन सब के लिए हमें उन्हें पर्याप्त समय देना होगा| आखिरकार सुखद परिवर्तन रातो रात नहीं होता और अचानक होने वाले परिवर्तन लोकतंत्र की गरिमा के अनुकूल होते भी नहीं|

Narendra Modi Essay in Hindi
नरेंद्र मोदी पर निबंध – Narendra Modi Essay in Hindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव के समय के विकास के लिए 11 अक्टूबर 2014 को सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की| इस योजना के तहत प्रत्येक वर्ष 2019 तक तीन गांवों में बुनियादी यहां संस्थागत ढांचा विकसित करने की जिम्मेदारी उठाएं, जिनमें से एक आदर्श गांव को वर्ष 2016 तक विकसित किया जाना है| इसके बाद 5 आदर्श का चयन किया जाएगा और उनके विकास के काम के वर्ष 2024 तक का पूरा किया जाएगा|

नरेंद्र मोदी ने सितम्बर, 2014 मे स्वच्छ भारत अभियान को शुरुआत करने की घोषणा की| स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत सफाई देशभर मे प्रत्येक गाँव और शहर मे होनी चाहिए| नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने को कहा है| नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर, 2014 को दिल्ली के राजघाट मे जा कर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की और 2019 तक भारत को स्वच्छ बनाने को कहा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाँवों के विकास के लिए 11 अक्टूबर, 2014 को ‘आदर्श ग्राम योजना‘ की शुरुआत की| नरेंद्र मोदी एक ऐसे जननेता है, जो लोगो के कल्याण के लिए समर्पित है| भारत को विदेश नीति पहले की सरकार से बहुत अलग है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विदेश नीति को नई दिशा दे रहे है, और यह भारत के लिए बहुत ही गौरव की बात है|

नरेंद्र मोदी पर निबंध (Essay On Narendra Modi In Hindi) :

भूमिका : नरेंद्र मोदी जी का जन्म 17 सितम्बर 1950 को हुआ था। इनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी है। नरेंद्र मोदी जी का जन्म बॉम्बे राज्य के महेसाना जिले में स्थित वडनगर ग्राम में हुआ था। इनकी माता का नाम हीराबेन मोदी और पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी था।

नरेंद्र मोदी जी में प्रशासनिक सूझबूझ , स्पष्ट दूरदर्शिता और चरित्र की अखंडता आदि की कुशलता है। इन्हीं कुशलताओं की वजह से उन्हें चुनावों में सफलता प्राप्त हुई। नरेंद्र मोदी जी की छवि एक कठोर प्रशासक और कड़े अनुशासन आग्रही की मानी जाती है। वे यथार्थवादी के साथ आदर्शवादी भी हैं।

बाल्यकाल एवं परिवार : नरेंद्र मोदी जी का जन्म एक मध्य वर्गीय शाकाहारी परिवार में हुआ था। दामोदरदास मूलचंद मोदी की छ: संताने थीं जिनमें से नरेंद्र मोदी जी तीसरी संतान थे। उन्होंने बचपन से ही अपने पिता का हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। जब भारत और पाकिस्तान के बीच द्वितीय युद्ध हुआ था तब नरेन्द्र मोदी जी किशोरावस्था में थे।

उन्होंने रेलवे स्टेशन पर सफर करने वाले सैनिकों की सेवा की। 13 साल की उम्र में नरेंद्र मधि जी की सगाई जसोदा बेन चमनलाल के साथ कर दी गई थी। जब वे 17 साल के थे तब उनका विवाह हुआ। उनकी शादी तो हुई थी लेकिन वे दोनों एक साथ कभी नहीं रहे थे क्योंकि शादी के कुछ सालों बाद नरेंद्र मोदी जी ने घर त्याग दिया था।

नरेंद्र मोदी जी की शिक्षा : नरेंद्र मोदी जी ने अपनी स्कूली शिक्षा वडनगर से पूर्ण की थी। ये बेशक से एक औसत दर्जे के छात्र थे लेकिन इन्हें वाद-विवाद और नाटक प्रतियोगिताओं में उनकी बहुत रूचि थी। उन्हें राजनीतिक विषयों पर नई-नई परियोजनाओं को प्रारंभ करने में भी बहुत रूचि थी।

नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त करके वे नरेंद्र मोदी विकास पुरुष के नाम से प्रसिद्ध हो गये। नरेंद्र मोदी जी राजनेता के साथ -साथ एक कवि भी थे। वे गुजरती और हिंदी में में देशभक्ति पर कविताएँ लिखते थे।

नरेंद्र मोदी जी का राजनीतिक जीवन : नरेंद्र मोदी जी ने किशोरावस्था में अपने भाई के साथ चाय की दुकान पर काम किया था। नरेंद्र मोदी जी ने युवावस्था छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए थे। नरेंद्र मोदी जी ने भ्रष्टाचार के विरोधी नवनिर्माण आन्दोलन में भी हिस्सा लिया था।

एक पूर्णकालिक आयोजक के रूप में काम करने के बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी में संगठन का प्रतिनिधि मनोनीत किया गया था। नरेंद्र मोदी जी विपक्ष पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में लोकसभा चुनाव लदा था जिसमें उन्हें सफलता प्राप्त हुई थी। नरेंद्र मोदी जी ने एक सांसद के रूप में उत्तर परदेश की वाराणसी नगरी और अपने गृहराज्य के वडोदरा में संसदीय क्षेत्र के चुनाव लदे थे जिसमें उन्हें सफलता प्राप्त हुई थी।

नरेंद्र मोदी जी जब विश्वविद्यालय में पढ़ते थे तभी से वे राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की शाखा में नियमित जाने लगे थे। नरेंद्र मोदी जी ने 1958 के शुरू में निस्वार्थता , सामाजिक जवाबदारी , समर्पण , और राष्ट्रवाद की भावना को आत्मसात किया। नरेंद्र मोदी ने 1967 में गुजरात के बाढ़ पीड़ितों की बहुत सेवा की थी।

इसी तरह से उनकी जिंदगी एक संघ के निष्ठावान प्रचारक के रूप में शुरू हुआ। उन्होंने शुरू से ही राजनीतिक सक्रियता दिखलाई और भारतीय जनता पार्टी का जनाधार मजबूत करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुजरात में भी शंकरसिंह वाघेला का जनाधार मजबूत करने में भी इन्हीं का हाथ था।

जब अप्रैल 1990 में केंद्र से मिली जुली सरकारों का दौर शुरू हुआ था तो उनकी मेहनत सफल हुई और उन्हें विधानसभा के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी से दो तिहाई बहुमत प्राप्त हुई। इसी समय देश में दो राष्ट्रीय घटनाएँ भी घटीं। पहली घटना थी सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक की रथयात्रा।

इस रथयात्रा में आडवाणी के प्रमुख सारथि की भूमिका में नरेंद्र मोदी जी का सहयोग था। इसी तरह से दूसरी घटना भी कन्याकुमारी से लेकर सुदूर उत्तर के कश्मीर तक की रथयात्रा थी। इस रथयात्रा का आयोजन नरेंद्र मोदी जी की देखरेख में हुआ था।

इसके पश्चात शंकरसिंह वाघेला ने त्यागपत्र दे दिया जिसकी वजह से केशुभाई पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया और नरेंद्र मोदी जी को दिल्ली बुला कर केन्द्रीय मंत्री का दायित्व सौंपा गया और फिर राष्ट्रीय मंत्री का पद सौंपा गया। उन्हें 1995 में राष्ट्रीय मंत्री के नेता होने की वजह से 5 राज्यों में संगठन का काम दिया गया था जिसे उन्होंने बखूबी निभाया था।

1998 में इन्हें राष्ट्रीय महामंत्री का उत्तरदायित्व दिया गया और इस पद पर उन्होंने 2001 तक काम किया। उसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने 2001 में केशुभाई पटेल की जगह पर नरेंद्र मोदी जी को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया।

गुजरात के मुख्यमंत्री : नरेंद्र मोदी जी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। संसदीय चुनावों को जीतने के बाद वे गुजरात के 14 वें मुख्यमंत्री बने थे। 2001 में गुजरात भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं से पड़े विपरीत प्रभावों से लड़ रहा था। उन्होंने गुजरात में विकास की कई महत्वपूर्ण योजनाएँ चलाईं जैसे – पंचामृत योजना , कृषि महोत्सव योजना , चिरंजीवी योजना , मातृ वन्दना योजना , बालभोग योजना , कर्मयोगी अभियान , बेटी बचाओ योजना , ज्योतिग्राम योजना आदि।

इन योजनाओं में उन्हें बहुतायत सफलता भी प्रापर हुई। उन्होंने इन विकास योजनाओं के अलावा आदिवासी और वनवासी क्षेत्र के विकास के लिए गुजरात राज्य में 10 सूत्री कार्यक्रम भी चलाया जो इस तरह से है – 5 लाख परिवारों को रोजगार , उच्चतर शिक्षा की गुणवत्ता , आर्थिक विकास , स्वास्थ्य , आवास , साफ और स्वच्छ पेयजल , सिंचाई , समग्र विद्युतीकरण , हर मौसम में सडक की उपलब्धता , शहरी विकास आदि हैं। उनके नेक कार्यों की वजह से गुजरात में वे 2001 से 2014 तक लगातार चार बार मुख्यमंत्री बने थे।

प्रधानमंत्रित्व : उन्होंने एक प्रत्याशी के रूप में देश की दो लोकसभा सीटों में विजय प्राप्त की थी। जब न्यूज एजेंसीज और पत्रिकाओं के सर्वेक्षणों ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए जनता को पहली पसंद बताया था। जब पार्टी ने पीएम प्रत्याशी घोषित किये गये तो नरेंद्र मोदी जी ने पुरे भारत का भ्रमण किया।

इसी दौरान नरेंद्र मोदी जी ने तीन लाख किलोमीटर की यात्रा करके पुरे देश में 437 बड़ी रेलियाँ , 3 डी सभाएं और चाय पर चर्चा को कुल मिलाकर 5827 कार्यक्रम किये। उन्होंने चुनाव अभियान को 26 मार्च 2014 को जम्मू से शुरू की और मंगल पाण्डे की जन्मभूमि बलिया पर समाप्त की।

भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व 2014 में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। जहाँ पर चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन 336 सीटों से जीता था वहीं पर अकेले भारतीय जनता पार्टी ने 282 सीटों पर विजय प्राप्त की। कांगेस को केवल 44 सीटें प्राप्त हुई थीं और उसके संगठन को 59 सीटें मिली थी।

जब 20 मई 2014 को संसद भवन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित भाजपा संसदीय दल एवं सहयोगी दल की संयुक्त बैठक में जब लोग आ रहे थे तो नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में प्रवेश करने से पहले उसकी जमीन को झुककर वैसे ही प्रणाम किया जैसे किसी पवित्र मन्दिर में प्रणाम करते हैं।

संसद भवन के इतिहास में ऐसा करके उन्होंने सभी के लिए एक उदाहरण दिया है। बैठक में नरेंद्र मोदी जी को जो न केवल भाजपा संसदीय दल अपितु एनडीए का नेता भी चुना गया। नरेंद्र मोदी जी ने अनेक संघर्षों के बाद 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री की शपथ ली थी। वे स्वतंत्र भारत के 15 वें प्रधानमंत्री थे। वे ऐसे पहले व्यक्ति थे जो स्वतंत्र भारत में जन्में और उस पद पर आसीन हुए थे।

नरेंद्र मोदी जी का सम्मान : नरेंद्र मोदी जी को साउदी अरब के उच्चतम नागरिक के सम्मान ‘अब्दुलअजीज अल सऊद के आदेश’ से नवाजा गया। उन्हें अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ अमीर अमानुल्ला खान अवार्ड ‘ से सम्मानित किया गया।

उपसंहार : नरेंद्र मोदी जी बहुत ही अच्छे नेता हैं। उन्होंने जन सेवा का एक भी मौका नहीं गंवाया। उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष अपने लक्ष्य को प्राप्त कर प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने देश को अधिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए अनेक योजनाएँ भी चलाईं। इन दिनों में उनकी जीवन शैली और विदेशी यात्रायें अक्सर चर्चा में रहती हैं उन्होंने विकास के लिए भी बहुत कार्य किया है।

आतंकवाद युद्ध से भी बदतर होता है। एक आतंकवादी के कोई नियम नहीं होते हैं। एक आतंकवादी केवल यह तय करता ही कि कब, कैसे , कहाँ और किसे मारना है। भारत ने युद्ध में इतने लोगों को नहीं खोया है जितने लोगों को आतंकी हमले में लोगों को खोया है। नरेंद्र मोदी जी को एक सफल कवि और राजनेता के रूप में हमेशा याद रखा जायेगा।

नरेंद्र मोदी पर निबंध-Essay On Narendra Modi In Hindi

 

Comments

comments

Leave a Comment

error: