जीवन की चुनौती प्रेरक कहानी Struggleful Life Hindi Motivational Story | Hindigk50k

जीवन की चुनौती प्रेरक कहानी Struggleful Life Hindi Motivational Story

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किसी गांव में एक बूढी औरत रहती थी. वह अत्यंत गरीब थी. उसका पति लंबे समय से किसी लाइलाज बीमारी से जूझ रहा था. वह दिन-रात उसकी सेवा करती और मेहनत-मजदूरी कर अपना और अपने पति का भरण –पोषण करती थी.

Struggleful Life Hindi Motivational Story

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गाँव के लोग उसकी दशा पर मौखिक सहानुभूति तो व्यक्त करते थे, पर कोई ठोस मदद नहीं करते थे, हालांकि वह वृद्धा किसी के आगे हाथ फैलाना नहीं चाहती थी. एक दिन वह जंगल में लकड़ियाँ काटने गई दिनभर वह किसी तरह लकड़ियाँ काटती रही. जब लकड़ियाँ जमा हो गई तो वह उन्हें उठाने लगी, पर वह लकड़ियों के उस गट्ठर को उठाने में स्वयं को असमर्थ पा रही थी. परेशान होकर वह वहीं बैठ गई. उसका मन खिन्न हो गया. वह उठकर अपने भाग्य को कोसने लगी और मन ही मन कहने लगी, ‘ऐसे जीवन को जीने का क्या फायदा? अच्छा है, अभी मेरी मृत्यु हो जाए. इस रोज-रोज के जंजाल से तो पीछा छूटेगा. हे भगवान, मुझे जल्दी उठा लो.”

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तभी उसने देखा कि उसके सामने मृत्यु आ खडी हुई है और कह रही है, “चलो उठो तुम्हारी पुकार मैंने सुन ली है. अब मैं तुम्हें लेने आ गई हूँ.” मृत्यु को सामने देख कर वह बूढी औरत चौंक गई. उसने मृत्यु से कहा, “नहीं, नहीं मुझे नहीं मरना है. मैं मर गई तो मेरे बीमार पति की देखभाल कौन करेगा? फिर मैं अभी इतनी कमजोर भी नहीं हूँ कि कुछ काम न कर सकूं अभी मुझमें दमखम बाकी है. मैं अभी जीना चाहती हूँ. मुझे अभी बहुत काम करने हैं, तुम कृपया मुझे छोड़ दो.”

उसके ऐसा कहते ही मृत्यु चली गई. वह बूढी औरत उठी, उसने दम लगाकर लकड़ियों का गट्ठर उठाया, उसे सिर पर रखा और घर चली आई. वह समझ नहीं पा रही थी कि जो कुछ अभी-अभी हुआ, वह कोई सपना था या सच. लेकिन उसे इस बात का अहसास हो गया था कि जीवन से भागना समस्या का समाधान नहीं है. जीवन की चुनौतियों को स्वीकार कर उनसे जूझना और अपना कर्म करते रहना ही प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है.

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