गंगाजल अमृत है | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #08

गंगाजल अमृत है | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #08

अकबर बीरबल के किस्से से हिंदी मैबीरबल के छोटे किस्से,  अकबर बीरबल के सवाल जवाबकिस्से कहानियांअकबर बीरबल video,  अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ,  अकबर बीरबल short stories, बीरबल की चतुराई के किस्से

एक बार चीन के बादशाह बीमार पड़े. उन्हें किसी ने बतलाया कि भारतबर्ष से गंगा नदी का जल मंगवाए , वह फायदा करेगा . बस उन्होंने एक दूत गंगाजल लाने को भेजा . उसने बादशाह अकबर के दरबार में पहुँच कर सारा हाल कहा और गंगा जल माँगा . उस समय बीरबल भी वही मौजूद थे . उन्होंने क्रोधित होकर कहा – हमारे यहाँ कोई गंगा जल नहीं है . सारे दरबारी और बादशाह अकबर बड़े आश्चर्य में पड़ गए कि बीरबल क्या कह रहा है ? उन्होंने उससे पूछा – बीरबल पागल तो नहीं हो गए हो ? भारतबर्ष में गंगा नदी है तो सही . बीरबल ने कहा – हुजूर ! वह गंगा जल नहीं वह तो अमृत है . चीन के दूत ने कहा कि अमृत ही दे दो , लेकिन उत्तर मिला कि अपने बादशाह से पूछ कर आओ , तब मिलेगा .
आखिर वह दूत लौटकर चीन चला गया और वहाँ से बादशाह की आज्ञा लेकर आया , तब उसे (अमृत) गंगाजल दिया गया .

Comments

comments

Leave a Comment

error: