आपकी बारी कैसे आती | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #23

आपकी बारी कैसे आती | Akbar Birbal ke Kisse | अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से #23

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एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा – बीरबल ! कैसा अच्छा हो अगर एक ही व्यक्ति सदा बादशाह बना रहे ।
बीरबल ने कहा – हुजूर ! अगर ऐसा ही होता तो आपकी बारी कैसे आती ? बादशाह यह सुनकर चुप हो गए ।

 

तानसेन को मृत्यु दंड

एक बार तानसेन ने डाह में आकर दरबार के एक बड़े गवैये को जहर देकर मरवा डाला। बादशाह को जब पता चला तो उन्हें बड़ा दुःख हुआ। उन्होंने तुरंत तानसेन को हाज़िर होने का हुक्म दिया । हथकड़ी पहने तानसेन अपराधी के कटघरे में हाज़िर किये गए। बादशाह ने रोष में कहा – तुमने बड़ा जघन्य अपराध किया है। मेरे जीवन का आधा आनंद तुमने नष्ट कर दिया । अतः तुम्हे मृत्यु दंड का हुक्म देता हूँ। पास ही बीरबल बैठे थे ,उन्हें तानसेन के मृत्यु दंड के हुक्म से बड़ा दुःख हुआ । उन्होंने कहा – जहाँपनाह ! इसने आपके जीवन का आधा मज़ा किरकिरा कर दिया तो इसे मृत्यु दंड मिला और आपने तो इसके सम्पूर्ण आनंद को नष्ट कर दिया । बादशाह विचार में पड़ गए और कुछ सोच कर अपनी आज्ञा वापिस ले ली तथा तानसेन को मुक्त कर दिया ।

 

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