अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

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अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

अभ्यास का महत्व :

अभ्यास का किसी भी मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व होता है। अभ्यास करने से विद्या प्राप्त होती है और अनभ्यास से विद्या समाप्त हो जाती है। अभ्यास की कोई सीमा नहीं होती जब व्यक्ति निरंतर अभ्यास करता है तो वह कुछ भी प्राप्त कर सकता है। अभ्यास के बल पर असंभव काम को भी संभव किया जा सकता है।

कठिन अभ्यास व्यक्ति को सफलता या उन्नति की ऊँची से ऊँची सीढी तक ले जाता है। अभ्यास करने से ही जडमति सुजान बनता है , सुजान कुशल बनता है और कुशल अपनी कला को पूर्ण कर लेता है। इस संसार में कोई भी जन्म से विद्वान् नहीं होता है वह अभ्यास से ही विद्वान् और महान बनता है। आज के समय में जो व्यक्ति विद्वान् और प्रतिष्ठित है वो किसी समय में बहुत ही दुर्बल और गुमनाम थे।

इस पद को प्राप्त करने के लिए उन्हें बहुत ही परिश्रम करना पड़ा था। जिस तरह से जब कुए से पानी निकलते समय रस्सी के आने जाने से कुए की शिला पर निशान पड़ जाते हैं उसी तरह से अभ्यास करने से दुर्बल व्यक्ति भी विद्वान् हो जाता है। जिस प्रकार कोई साधु जगह-जगह से शिक्षा प्राप्त करने के लिए अभ्यास करना पड़ता है उसी तरह से कोई भी व्यक्ति बिना अभ्यास के कुछ नहीं सीख सकता है।

आत्म -विकास का साधन :- सभी लोगों को पता होता है कि इस संसार में लाखों लोग जन्म लेते हैं। ये लोग जन्म से ही विद्वान् नहीं होते हैं। ये भी निर्बल , जडमति और गुमनाम होते है। जो अपने जीवन में अत्यधिक अभ्यास करता है उसका जीवन अपने आप ही सफल हो जाता है। जो लोग अपने जीवन में अभ्यास नहीं करते हैं वे अपने जीवन में कभी भी सफलता प्राप्त नहीं कर पाते हैं।

अभ्यास को आत्म-विकास का सर्वोत्तम साधन माना जाता है। यदि मनुष्य एक बार जीवन में असफल भी हो जाता है तो इसका मतलब यह नहीं होता है कि वह कभी भी सफल नहीं हो पायेगा। यदि वह बार-बार अभ्यास करे तो उसे सफलता अवश्य प्राप्त होगी। जिस प्रकार कोई बच्चा गिर-गिरकर चलना सीखता है वह उसका अभ्यास होता है। जब कोई मनुष्य गलती करके सीखता है वह भी उसका अभ्यास होता है।

कोई बच्चा तुतला-तुतला कर साफ बोलना सीखता है। जब कोई सवार गिरगिर कर सीखता है तो वह उसका अभ्यास होता है इसी तरह अभ्यास के बिना मनुष्य जीवन में कुछ भी नहीं कर सकता है। जिस तरह से शरीर का कोई अंग काम करने से बलवान हो जाता है और जिस अंग से काम नहीं लिया जाता है वह कमजोर हो जाता है उसी तरह से अभ्यास के बिना मनुष्य आलसी हो जाता है। जब मनुष्य एक बार किसी भी काम में असफल हो जाता है तो उसे बार-बार उस काम में श्रम और साधना करनी चाहिए। शरीर का विकास प्रकृति क्र द्वारा दी गयीं शक्तियों का सदुपयोग करने से होता है।

इतिहास से उदाहरण :- मनुष्य जीवन में अभ्यास का बहुत महत्व है। इतिहास में अनेक लोगों ने कठिन परिश्रम से जीवन में सफलता प्राप्त की थी। पुराने समय में बहुत से ऋषि -मुनियों ने कठिन परिश्रम करके अनेक सिद्धियाँ प्राप्त किया करते थे। बहुत से राक्षसों ने और बहुत से राजाओं ने अपने कठिन परिश्रम के बल पर भगवानों से अनेक प्रकार के वरदान भी प्राप्त किये थे।

मोहम्मद गौरी ने सत्रह बार युद्ध में पृथ्वीराज से असफलता प्राप्त की थी लेकिन उन्होंने अपना साहस नहीं खोया था। उन्होंने लगातार अभ्यास से 18वीं बार में पृथ्वीराज चौहान को हरा दिया था। उसे लगातार अभ्यास से सफलता मिली थी। एक कविता जिसका नाम ‘ किंग ब्रूस एंड स्पाइडर ‘ था उसमें राबर्ट ब्रूस निरंतर असफल होने की वजह से एक गुफा में जाकर छिप गया था।

उस गुफा में उसने एक मकड़ी को देखा वो लगातार ऊपर चढने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो बार-बार असफल हो जाती थी। लगातार अभ्यास करने के बाद एक बार वह ऊपर चढ़ गई और उसने अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया। राबर्ट ब्रूस ने उस मकड़ी से प्रेरणा ली और एक बार फिर से युद्ध किया वे उस युद्ध में सफल हुए थे।

तुलसीदास जी भी कविता बनाने में निपुण नहीं थे लेकिन उन्होंने लगातार परिश्रम और अभ्यास किया जिससे वे एक सफल और प्रसिद्ध कवि बन गये थे। सभी लोगों को पता है कि गुरु द्रोणाचार्य ने कर्ण को शिक्षा देने से इंकार कर दिया था लेकिन उसके कठिन परिश्रम और अभ्यास से वह अर्जुन से भी श्रेष्ठ धनुरधारी बना था। इसी तरह से अनेक वैज्ञानिक अपने जीवन में अभ्यास के कारण ही अनेक खोज कर पाए थे।

सफलता की कुंजी :- अगर किसी को किसी भी क्षेत्र में सफलता चाहिए तो उसे लगातार अभ्यास करने की जरूरत पडती है। किसी भी काम में सफल होने के लिए अभ्यास और परिश्रम करना जरूरी भी होता है। जो मनुष्य अपने अंदर से आलस्य को त्याग देता है और परिश्रम करता है तो उसके उन्नति के मार्ग में कोई भी बाधा नहीं आती है। जो मनुष्य परिश्रम से दूर भागता है उसे कभी भी सफलता प्राप्त नहीं होती है।

किसी भी तरह से काम मनोरथ की अपेक्षा परिश्रम से सिद्ध किया जाता है। संसार में अभ्यास को जीवन में सफलता का मूल मन्त्र माना जाता है। आज के समय में जो लोग बड़े , बल , विद्या , प्रतिष्ठा के क्षेत्र में ऊँचे पदों पर बैठे हैं वे एकदम उस स्थान पर नहीं पहुँचे होंगे। उन्हें लगातार बहुत श्रम और साधना करनी पड़ी होगी तभी उन्हें उच्च सफलता की कुँजी मिली होगी।

लगातार अभ्यास करके मनुष्य अनेक प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त कर सकता है। अभ्यास को करने से वह किसी भी काम में कुशल हो सकता है। जो लोग अभ्यास करते हैं उनके लिए मुश्किल से भी मुश्किल काम आसान हो जाता है। इससे व्यक्ति के समय की भी बचत होती है। अगर कोई मनुष्य किसी काम को आठ घंटे में करेगा तो बार-बार उस काम को करने से उसे काम के छोटे-छोटे गुण-दोषों का ज्ञान प्राप्त हो जाता है। उस व्यक्ति में काम को करने की दक्षता उत्पन्न हो जाती है और वो विशेषज्ञ बन जाता है।

अभ्यास एक वरदान :- अभ्यास को केवल एक व्यक्तिगत ही नहीं बल्कि एक सामूहिक वरदान के रूप में भगवान द्वारा दिया गया है। अभ्यास देश के उत्थान और समाज सुधार का मूल मन्त्र माना जाता है। देश को विकसित करने के लिए सिर्फ एक व्यक्ति का अभ्यास नहीं चाहिए होता है। देश को विकसित करने के लिए पुरे राष्ट्र का अभ्यास , श्रम , साधना की जरूरत पडती है।

देश को विकसित करने के लिए एक दिन की योजनाओं से कुछ नहीं होता है वर्षों की योजनाओं की जरूरत पडती है। जब तक हमारा देश उन्नति के शिखर पर नहीं पहुंच जाता है हमे परिश्रम और अभ्यास करते रहना चाहिए। इसी से हमारा देश उन्नति के शिखर पर पहुंच सकता है। संसार में जल्दबाजी और उतावलेपन को अभ्यास का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है।

जिन लोगों में धैर्य होता है वे कभी भी असफलता का मुंह नहीं देखते हैं। अगर कोई किसान आज बिज बोटा है और कल फसल को काटने की कामना करता है तो यह बात असंभव रूप में होती है। अभ्यास एक वरदान है जिससे मनुष्य अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकता है। अभ्यास से ही निपुणता आती है।

विद्यार्थी जीवन में महत्व :- विद्यार्थी जीवन में अभ्यास का बहुत अधिक महत्व होता है। विद्यार्थी जीवन अभ्यास करने की पहली सीढी होती है। विद्यार्थी जीवन से ही मनुष्य करना आरंभ करता है। जब विद्यार्थी एक बार परीक्षा में असफल हो जाता है तो बार-बार अभ्यास करके वह परीक्षा में विजय प्राप्त करता है। abhyas ka mahatva kahani in hindi,

शिक्षा को कोई भी विद्यार्थी एक दिन में प्राप्त नहीं कर सकता है। शिक्षा को प्राप्त करने के लिए लगातार कई वर्षों तक परिश्रम ,अभ्यास और लगन की जरूरत पडती है। अगर किसी विद्यार्थी को विद्वान् बनना है तो उसके लिए उसे रातों की नींद बेचनी पडती है और दिन का चैन बेचना पड़ता है।

कभी-कभी विद्यार्थी अपने रास्ते से भटक जाते हैं इसी वजह से उनसे लगातार परिश्रम और अभ्यास करवाया जाता है जिससे वे अपने रास्ते से भटकें नहीं। पुराने समय में विद्यार्थियों को अपने घरों से दूर रहकर शिक्षा प्राप्त करनी पडती थी जिससे वे सांसरिक सुखों से दूर रक सकें और उनका ध्यान भी न भटके।

अभ्यास की आवश्यकता :- किसी भी व्यक्ति के लिए अभ्यास की बहुत आवश्यकता होती है। अगर किसी मनुष्य को शिक्षा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त करनी है तो अभ्यास बहुत ही आवश्यक है। किसी भी कार्य का अभ्यास करने से उसमे दक्षता आती है। उसकी कठिनाईयां भी आसान हो जाती हैं। ऐसा करने से समय की भी बचत होती है। अभ्यास करने से अनुभ बढ़ता है।

जब कोई व्यक्ति एक काम को बार-बार करता है तो उसके लिए मुश्किल काम भी आसान हो जाता है। उसे काम के छोटे से छोटे गुण-दोषों के बारे में पता चल जाता है। जिस काम को अभ्यासी आधे घंटे में पूरा कर लेता है उसी काम को कोई और व्यक्ति आठ घंटे में भी बहुत मुश्किल से कर पाता है। बार-बार अभ्यास करने से वह उस काम में निपुण हो जाता है और वह अपनी ही कला का विशेषज्ञ बन जाता है। फिर विश्व की सभी विभूतियाँ उसके कदम चूमती हैं।

उपसंहार :- अभ्यास किसी भी मनुष्य के जीवन में दो तरह का होता है अच्छा और बुरा। अगर किसी को अपना जीवन संवारना है तो अच्छे अभ्यास की जरूरत पडती है। हमें सदा यही कोशिश करनी चाहिए कि हम बुरे अभ्यास से बच सकें और अच्छे अभ्यास को अपना सकें।

हमें हमेशा जडमति से सुजान बनना चाहिए न कि सुजान से जडमति बनना चाहिए। इसके लिए निरंतर अच्छे अभ्यास की जरूरत पडती है। अच्छे अभ्यास से आप किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

 

अभ्यास एक व्यक्ति के लिए किसी भी चीज को संभव बना सकता है और नियमित अभ्यास उन्हें किसी भी क्षेत्र में पूर्ण बना सकता है। हमें विशेषरुप से विद्यार्थियों को, हमारे दैनिक जीवन में अभ्यास के महत्व को अवश्य जानना चाहिए। आजकल, शिक्षकों के द्वारा स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों के ज्ञान और लेखन क्षमता को बढ़ाने के लिए निबंध लेखन को रणनीति के रुप में प्रयोग किया जाता है। किसी भी विषय के बारे में विद्यार्थियों के हिन्दी ज्ञान और हिन्दी लेखन क्षमता को बढ़ाने के लिए निबंध लेखन सबसे अच्छा उपकरण है। abhyas ka mahatva par anuched lekhan,

निबंध लेखन किसी भी विषय के बारे में छात्रों के दृष्टिकोण, नए विचार और सकारात्मक सुझावों को जानने का सबसे अच्छा तरीका है। हम यहाँ, “अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है” पर निबंधों की कुछ श्रृंखला उपलब्ध करा रहे हैं, जो छोटे निबंध, बड़े निबंध आदि के रुप में वर्गीकृत किए गए हैं। “अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है”, विषय पर लिखे गए सभी निबंध सरल और साधारण शब्दों का प्रयोग करके आसान वाक्यों के रुप में लिखे गए हैं; जिनमें से आप कोई भी अपनी जरुरत और आवश्यकता के अनुसार चुन सकते हैं।

“अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है” पर निबंध (प्रैक्टिस मैक्स अ मैन परफेक्ट एस्से)

अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

You can get below some essays on Practice makes a Man Perfect in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

“अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है” पर निबंध 1 (100 शब्द)

नियमित आधार पर किसी भी चीज का अभ्यास करना, एक व्यक्ति की बौद्धिकता और सौंदर्य क्षमताओं को इंगित करता है। अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण करता है, क्योंकि यह पूर्णता लाता है, जो एक व्यक्ति को विशेष विषय या क्षेत्र में उत्कृष्ठता प्राप्त करने की ओर ले जाता है। कार्यों को उचित योजना और अभ्यास के अनुसार करना एक व्यक्ति का पूर्ण प्रदर्शन की ओर नेतृत्व करता है। अभ्यास किसी भी कार्य को करने में गुणवत्ता लाने के साथ ही एक व्यक्ति को अन्य गुणों के लिए भी तैयार करता है।

अभ्यास कमियों को नजरअंदाज करके कार्य को पूर्णता के साथ पूरा करने में मदद करता है। अभ्यास बहुत ही महत्वपूर्ण वस्तु है, जिसे हमें अपने जीवन में अवश्य अपनाना चाहिए। यदि इसे अभिभावकों और शिक्षकों की मदद से बचपन में ही विकसित किया जाए, तो यह और भी अच्छा होता है।

अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है

अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण करता है पर निबंध 2 (150 शब्द)

अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण करता है, यह कहावत हमें किसी भी विषय में कुछ भी सीखने के नियमित अभ्यास के महत्व को बताती है। कठिन परिश्रम और सफलता का कोई भी विकल्प नहीं है। हमें विशेष क्षेत्र, जिसमें हम सफल होना चाहते हैं, में नियमित आधार पर अभ्यास करना चाहिए। किसी भी क्षेत्र में; जैसे- व्यापार, कला, खेल, शैक्षणिक गतिविधियाँ आदि में महारत हासिल करने का कोई भी छोटा रास्ता नहीं है। केवल नियमित अभ्यास ही हमें किसी भी क्षेत्र में पूर्णता के साथ सफलता प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। ज्ञान बहुत ही बड़ी वस्तु है, लेकिन अकेले यह हमें हमारे लक्ष्य तक नहीं ले जा सकती है, हमें अपने ज्ञान को कार्य रुप में बदलने की आवश्यकता है, जिसके लिए नियमित अभ्यास जरुरी है।

अभ्यास ही इकलौता तरीका है, जिसके माध्यम से हम किसी भी क्षेत्र में महारत प्राप्त कर सकते है, क्योंकि यह कार्यों में पूर्णता लाता है। कुछ विषयों का उदाहरण लेते हैं; जैसे- भौतिक विज्ञान और गणित, जो पूरी तरह से अभ्यास पर आधारित है, क्योंकि हम बिना अभ्यास के सभी नियमों को भूल जाते हैं। यदि हमें कुछ भी सीखने; जैसे-संगीत, नृत्य, अंग्रेजी बोलना, खेल, कम्प्यूटर, पेंटिंग करना आदि में पूर्णता को लाना है, तो इसके लिए हमें नियमित अभ्यास की आवश्यकता है।

“अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है” पर निबंध 3 (200 शब्द) abhyas ka mahatva story in hindi,

अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

“अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है”, कहावत का अर्थ है कि, किसी भी विशेष क्षेत्र या विषय में सफल होने के लिए एक व्यक्ति को पूरी प्रतिबद्धता और रणनीति की योजना के साथ नियमित अभ्यास की आवश्यकता होती है। सफलता प्राप्त करना कोई आसान कार्य नहीं है: इसके लिए ज्ञान, कौशल, और सबसे अधिक महत्वपूर्ण नियमित अभ्यास की आवश्यकता होती है। यदि आप की इच्छा विश्व प्रसिद्ध संगीतज्ञ बनने की है, तो इसके लिए आपको संगीत के उपकरण, अच्छे शिक्षक की व्यवस्था, और इसे सीखने के लिए आवश्यक घंटों तक नियमित रुप से अभ्यास करना होगा। ऐसी कोई भी शक्ति नहीं है, जो एक ही रात में क्रिकेट के बारे में आपके सहज ज्ञान और कौशल के माध्यम से आपकों कपिल देव या सचिन तेंदुलकर बना दे। आप प्रतिबद्ध अभ्यास के बिना लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकते हैं। आपको क्रिकेट सीखने के लिए क्रिकेट के मैदान में उच्च कौशल वाले अच्छे कोच के मार्गदर्शन में प्रतिदिन कई घंटों तक क्रिकेट का अभ्यास करना पड़ता है।

आपको जो कार्य आप कर रहे हैं, उसमें पूर्णता लाने के लिए बहुत छोटी-छोटी गलतियों का ध्यान रखने के साथ ही अपने मार्गदर्शक की आज्ञा का सम्मान के साथ पालन करना पड़ता है। यदि हम सफल लोगों की सूची देखते हैं, तो हम देखते हैं कि, वे अपने कार्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्धता के साथ नियमित अभ्यास को शामिल करते थे। वे विद्यार्थी, जो बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक या पद प्राप्त करते हैं, वे पूरे वर्ष योजनाबद्ध तरीके से और खुली आँखों के माध्यम से पढ़ाई करते हैं। वे अपने पाठ्यक्रम को दोहराते हैं और पुनः दोहराते हैं और खुद को प्रत्येक विषय में बहुत अच्छा बना लेते हैं। नियमित अभ्यास का कोई भी विकल्प नहीं है, जो किसी को भी पूर्ण बना सके। बिना अभ्यास के आप केवल औसत प्रदर्शन कर सकते हैं, परन्तु किसी भी कार्य में पूर्ण प्रदर्शन नहीं दे सकते हैं।


 

“अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है” पर निबंध 4 (250 शब्द)

अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

“अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है”, कहावत है जो यह इंगित करती है कि, किसी भी कार्य को जो हम कर रहे हैं; चाहे वह खेल हो या शैक्षणिक, उसमें नियमित अभ्यास ही पूर्णता लाता है। नियमित अभ्यास हमारी सभी गलतियों और दोषों को ठीक करके सफलता की ओर ले जाता है। प्रत्येक और सभी लक्ष्य, चाहे वे खेल में हो या शिक्षा में ताकत के साथ ही गलतियों को हटाकर पूर्णता प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण के विभिन्न तरीकों की आवश्यकता पड़ती है। एक निर्णय निर्माता, जो सफलता प्राप्त करना चाहता है, उसे योजना के अनुसार आवश्यक घंटों के लिए नियमित अभ्यास करना होता है। उसे अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ नियमित कठिन परिश्रम में विश्वास करना चाहिए। नियमित अभ्यास के साथ कार्य के लिए लगन हमें लक्ष्य की प्राप्ति कराती है।

एक टीम का नेतृत्व करने के लिए अधिक से अधिक कठिन अभ्यास की आवश्यकता होती है, जो टीम को संभालने और उसका नेतृत्व करने के लिए अनुभव देता है। एक टीम का नेतृत्वकर्त्ता होने के नाते, किसी को भी इस विषय को, पढ़ने, लिखने, या खेलने, नवीनता लाने के लिए नए विचारों का प्रयोग करने के कौशल के बारे में अच्छा जानकार होने की आवश्यकता है और उसे अपने टीम के सदस्यों के कौशल और ज्ञान के बारे में जानकर उसे टीम के लिए प्रयोग करना चाहिए। और सबसे अधिक महत्वपूर्ण, इन सभी चीजों को करने के लिए, टीम के नेता को प्रतिदिन कई घंटों तक कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता होती है, और इसके बाद वह अच्छा और सफल टीम का नेता बन सकेगा। यह कहावत कई तरीकों से हमारे दैनिक जीवन की गतिविधियों में सही उतरती है। कुछ समय बुरी परिस्थितियाँ बहुत से लोगों को कुछ प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करना सिखा देती है हालांकि, कुछ लोग बचपन से ही अपने माता-पिता के कारण लक्ष्य पर आधारित होते हैं। वे लोग जो भविष्य में अच्छा कैरियर चाहते है, वे स्वंय को सभी आवश्यक वस्तुओं के अभ्यास की ओर ले जाते हैं। कुछ लोग लगन की कमी के कारण अभ्यास करने में विफल हो जाते हैं।

“अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है” पर निबंध 5 (300 शब्द)

अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

“अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है”, एक अच्छी कहावत है, जो हमें हमारे जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित अभ्यास के महत्व के बारे में सीखाती है। अभ्यास के साथ बुद्धिमत्ता और सौंदर्य की शक्तियों का प्रयोग करके संभावित दोषों को सही करके एक व्यक्ति को पूर्णता की ओर ले जाता है। अभ्यास प्रदर्शन में पूर्णता और उत्कृष्ठता लाता है। पर्याप्त योजना के साथ किया गया अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्णता के साथ प्रदर्शन का बढ़ावा देता है। लक्ष्य तक पहुँचने के लिए अच्छे मार्गदर्शक या प्रशिक्षण के मार्गदर्शन में सही दिशा में अभ्यास करना बहुत ही आवश्यक है। अभ्यास का अर्थ है, सही दिशा में गतिविधियों को दोहराना है, जो योग्यता को आकार प्रदान करता है।

प्रत्येक गतिविधि (जैसे-अच्छी आदतें, स्वच्छता, समयनिष्ठता, अनुशासन, नैतिकता, पढ़ना, लिखना, बोलना, खाना बनाना, नृत्य करना, गाना गाना, आदि) में गुणवत्ता और पूर्णता लाने के लिए अभ्यास की आवश्यकता होती है। कठिन परिश्रम, धैर्य, विश्वास, दृढ़ इच्छा शक्ति, सहनशीलता, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, लगन और समर्पण के लिए अभ्यास की आवश्यकता होती है। अभ्यास एक व्यक्ति को अन्य गुणों को रखने के लिए तैयार करता है। एक व्यक्ति को उस समय तक अभ्यास करना नहीं रोकना चाहिए, जब तक कि वह पूर्णता प्राप्त न कर ले।

पूर्णता प्राप्त करने के लिए अभ्यास सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि जितना अधिक व्यक्ति अभ्यास करता है, वह उतना ही अधिक दोषरहित और आत्मविश्वासी बनता है। अभ्यास के माध्यम से हम पहले की गई गलती को दुबारा नहीं करते और नई चीजों को सीखते हैं। कोई भी अभ्यास की आदत को किसी भी आयु में विकसित कर सकता है, हालांकि: इसे अन्य गतिविधियों, जैसे- घूमना, बात करना, लिखना, पढ़ना, खाना, खेलना, खाना बनाना आदि का बचपन से ही अभ्यास करके विकसित करना अच्छा होता है। एक स्कूल जाने वाला बच्चा पत्र लिखने का अभ्यास करने से पहले शब्द, वाक्य और अन्त में पैराग्राफ और बड़े लेख लिखने का अभ्यास करता है: जो उन्हें पूर्णता की ओर ले जाता है, चाहे वह लिखना हो, पढ़ना हो या बोलना हो। इस तरह से, एक बच्चा नियमित अभ्यास से एक योग्य और कुशल प्रतिभा को विकसित कर लेता है। abhyas ka mahatva par anuched in hindi,


 

“अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है” पर निबंध 6 (400 शब्द) essay on abhyas ka mahatva in hindi,

अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

यदि हम अपने दैनिक दिनचर्या पर थोड़ा सा ध्यान दे, तो हम “अभ्यास एक व्यक्ति को पूर्ण बनाता है” कहावत के बहुत से उदाहरण पाएगें। प्रकृति स्वंय में बहुत से रुपों में पूर्ण है। मनुष्य के साथ ही अन्य जीवित प्राणियों को अपनी आजीविका को प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है। मनुष्य को किसी भी वस्तु को पूर्णता के साथ सीखने के लिए नियमित अभ्यास करना पड़ता है। मनुष्य को स्वंय के लिए लक्ष्यों को निर्धारित करने पड़ते हैं और उसके बाद सफल जीवन के लिए उसी के अनुसार अभ्यास करना पड़ता है। नियमित अभ्यास करने के लिए, किसी को भी बहुत अधिक धैर्य, लगन, और दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। अभ्यास लोगों के गुणों को बेहतर गुणों में बदल सकता है। कुछ निश्चित गतिविधियों का अभ्यास करने के लिए, मनुष्य को अपना मस्तिष्क, आत्मा, और शरीर को एक स्थान पर सुचारु रुप से अधिक सहजता और सन्तुष्टि के साथ निश्चित आवश्यक उपलब्धियों की प्राप्ति के लिए एकाग्रता की आवश्यकता है।

बिना दृढ़ निश्चय के, कोई भी सफलता के साथ अभ्यास में सलग्न नहीं हो सकता है. आशाहीन व्यक्ति कभी भी अभ्यास नहीं करते हैं, क्योंकि वे पर्याप्त परिणाम की प्राप्ति से पहले ही आसानी से अपना अभ्यास छोड़ देते हैं। अभ्यास को नियमित रखने के लिए, एक व्यक्ति को सकारात्मक सोच के साथ आशा, विश्वास और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। यदि हम इतिहास पर दृष्टि डालें, तो हम देखते हैं कि, एकलव्य को गुरु द्रोणाचार्य ने धनुर्विद्या सीखाने से मना कर दिया था हालांकि, उसके दृढ़ निश्चय ने उसकी मदद की और वह अपने गुरु की मूर्ति के सामने किए गए कुछ वर्षों के नियमित अभ्यास से तीरअंदाजी बहुत अच्छे से सीख गया था।

अभ्यास हमारे लिए व्यायाम और मंत्र की तरह है, जो शारीरिक और मानसिक संस्थाओं को आवश्यक आवृत्ति के साथ एक रास्ते पर लाती है और धीरे-धीरे लेकिन निश्चितता के साथ हमें पूर्णता की ओर ले जाती है। विश्वास के साथ नियमित अभ्यास एक एकजुट ताकत का निर्माण करता है, जो शारीरिक और मानसिक संस्थाओं को आवश्यक आवृत्ति के साथ कार्य करने के लिए एक-दूसरे से जोड़ता है। यदि योजनाबद्ध तरीके से अभ्यास किया जाए, तो कोई भी अपना लक्ष्य धीरे-धीरे से लेकिन निश्चय ही प्राप्त कर सकता है। महत्वाकांक्षी लोग अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं, परन्तु कभी भी हारने के बारे में नहीं सोचते हैं। अभ्यास सबसे अच्छा उपकरण है, जिसे हम अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए क्षमताओं से परे, अपनी प्रतिभाओं और क्षमताओं को तेज करने प्रयोग कर सकते हैं। अभ्यास हमारा सबसे अच्छा दोस्त होता है, जो हमें सफलता की ओर ले जाता है और सदैव ज्ञान को हमारे साथ रहने देता है।

यह आत्मविश्वास के स्तर को बढ़ाकर सुस्त उत्प्रेरणाओं को जगाने में लोगों की मदद करता है। यह हमारे मस्तिष्क को शान्त करता है और खुशी प्रदान करता है, क्योंकि किसी भी वस्तु का अभ्यास ध्यान की तरह होता है। हम किसी भी वस्तु को प्राप्त कर सकते हैं और अभ्यास के माध्यम से दुर्गम ऊँचाईयों तक पहुँच सकते हैं। यह हमें सही दिशा में जाने और चुनौतियों का सामना करके जीतने की क्षमता प्रदान करने के लिए तैयार करता है। अभ्यास नियमित गतिविधि है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति को बढ़ाने और मजबूत पूर्णता के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने में प्रोत्साहित करता है।practice makes a man perfect essay in hindi,

अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

बुद्धिहीन व्यक्ति को बुद्धिमान बनने के लिए निरतंर ‘अभ्यास’ करते रहना चाहिए। अभ्यास यानी निरंतरता बनाए रखें। किसी भी काम को लगातार करते रहने से उस काम में दक्षता हासिल हो जाती है।इस दोहे से समझ सकते हैं अभ्यास का महत्वकरत-करत अभ्यास के जङमति होत सुजान। रसरी आवत जात, सिल पर करत निशान।।

इस दोहे का अर्थ यह है कि जब सामान्य रस्सी को भी बार-बार किसी पत्थर पर रगड़ने से निशान पड़ सकता है तो निरंतर अभ्यास से मूर्ख व्यक्ति भी बुद्धिमान बन सकता है।लगातार अभ्यास करने के लिए आलस्य को छोड़ना पड़ेगा और अज्ञान को दूर करने के लिए पूरी एकाग्रता से मेहनत करनी होगी।महाकवि कालिदास ऐसे बने विद्वानमहाकवि कालिदास सूरत से सुंदर थे और राजा विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक थे। कहा जाता है कि प्रारंभिक जीवन में कालिदास अनपढ़ और मूर्ख थे।

कालिदास संस्कृत भाषा के महान कवि और नाटककार थे। उनका विवाह विद्योत्तमा नाम की सुंदर और बुद्धिमान राजकुमारी से हुआ था। vidyarthi jeevan mein abhyas ka mahatva,

विद्योत्तमा ने प्रतिज्ञा की थी कि जो पुरुष उसे शास्त्रार्थ में हरा देगा, वह उसी के साथ विवाह करेगी। जब विद्योत्तमा ने शास्त्रार्थ में सभी विद्वानों को हरा दिया तो अपमान से दुखी कुछ विद्वानों ने कालिदास से उसका शास्त्रार्थ कराया।कालिदास से शास्त्रार्थ के समय विद्योत्तमा मौन शब्दावली में गूढ़ प्रश्न पूछती थी, जिसे कालिदास अपनी बुद्धि से मौन संकेतों से ही जवाब दे देते थे। विद्योत्तमा को लगता था कि कालिदास गूढ़ प्रश्न का गूढ़ जवाब दे रहे हैं।

उदाहरण के लिए विद्योत्तमा ने प्रश्न के रूप में खुला हाथ दिखाया तो कालिदास को लगा कि यह थप्पड़ मारने की धमकी दे रही है। इसके जवाब में कालिदास ने घूंसा दिखाया। ये देखकर विद्योत्तमा को लगा कि वह कह रहा है कि पांचों इन्द्रियां भले ही अलग हों, सभी एक मन के द्वारा संचालित हैं। इस प्रकार शास्त्रार्थ से विद्योत्तमा प्रभावित हो गई और उनका विवाह कालिदास से हो गया।

विवाह के बाद विद्योत्तमा को सच्चाई का पता चला कि कालिदास अनपढ़ और मूर्ख हैं तो उसने कालिदास को धिक्कारा और यह कह कर घर से निकाल दिया कि सच्चे पंडित बने बिना घर वापिस नहीं आना।इसके बाद कालिदास ने सच्चे मन से काली देवी की आराधना की। ज्ञान हासिल करने के लिए लगातार अभ्यास किया। माता के आशीर्वाद और लगातार अभ्यास से वे ज्ञानी हो गए। ज्ञान प्राप्ति के बाद जब वे घर लौटे तो उन्होंने दरवाजा खड़का कर कहा- कपाटम् उद्घाट्य सुंदरी (दरवाजा खोलो, सुंदरी)। विद्योत्तमा ने चकित होकर कहा- अस्ति कश्चिद् वाग्विशेषः (कोई विद्वान लगता है)। कालिदास ने विद्योत्तमा को अपना पथप्रदर्शक गुरु माना। कालिदास ने कई महान काव्यों की रचना की। अभिज्ञानशाकुंतलम् और मेघदूतम् कालिदास की सबसे प्रसिद्ध रचनाएं हैं।

अभ्यास का महत्व पर निबंध-Essay On Importance Of Practice In Hindi

Essay on abhyas ka mahatva in hindi

दोस्तों आज की हमारी पोस्ट essay on abhyas ka mahatva in hindi एक बेहतरीन आर्टिकल है दोस्तों आज दुनिया में हर इंसान सफल होना चाहता है और ये सफलता उसे तब ही मिलती है जब वह लगातार अभ्यास करे,जब इंसान की जिंदगी शुरू होती है

essay on abhyas ka mahatva in hindi

तब वह एक स्टूडेंट के तौर पर सपना देखता है जिंदगी में सफलता पाने का और सफलता उसको बार-बार अपने द्वारा किए गए प्रयासों से मिलती है,दरअसल जब हम किसी काम को बार-बार करते हैं तो हम उसमें महारत हासिल कर लेते हैं और हम उसके द्वारा जीवन में सफलता अर्जित करते हैं.

दोस्त दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो पहले कुछ भी नहीं थे लेकिन आज वह अपने द्वारा किए गए बार-बार प्रयासों से उस सफलता की ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं जहां पर पहुंचना मुश्किल ही नहीं बल्कि बहुत मुश्किल होता है बात करें हम उस महान इंसान थॉमस एडिसन की जिसने आज हमें उजाला दिया जिन्होंने बल्ब का अविष्कार किया,आज अगर वह बार बार लगातार लगभग 9999 बार प्रयास नहीं करते तो हम कभी भी उजाले की रोशनी में नहीं रह पाते उन्होंने बार-बार प्रयास कर बल्ब बनाना सीख लिया,इसी तरह और भी कुछ लोग हैं जिन्होंने बार बार प्रयास करके एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है हम बात करें एक महान वैज्ञानिक गैलिलियो की तो उन्होंने अपने बार-बार प्रयासों के जरिए बहुत से अविष्कार किए हैं और एक सफलता हासिल की है हम बात करें हमारे देश के राष्ट्रपति और एक महान वैज्ञानिक डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जिन्होंने अपनी बार-बार प्रयासों से बहुत कुछ सीखा है और जीवन में सफलता अर्जित की है.

लोग कहते हैं कि थॉमस एडिसन बचपन में स्कूल से सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया था क्योंकि उनकी बुद्धि कमजोर है थी लेकिन आज वह दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक और सबसे बड़े बुद्धिमान व्यक्ति माने जाते हैं अगर किसी व्यक्ति की बुद्धि कमजोर हो या वह शरीर से अपंग हो तो वाकई में अपने द्वारा किए गए प्रयास से सफलता अर्जित कर सकता है क्योंकि जब भी हम किसी चीज को किसी काम को बार-बार करते हैं लगातार करते हैं तो हम उस में परफेक्शन हासिल कर लेते हैं और सफलता हमारे कदम चूमती है,दोस्तों में जितने भी नाम आपको बताऊंगा नाम कम पड़ेंगे क्योंकि ऐसे दुनिया में बहुत सारे अनगिनत लोग हैं जिन्होंने अपनी कमियों को ना देखते हुए खूबियों को देखा और जिंदगी में एक बड़ी सफलता हासिल की है,अगर हम कोई भी काम बार-बार करते हैं तो ये पक्का है कि उसमें हम परफेक्ट हो जाते हैं और फिर हमारा मुकाबला करने वाला कोई नहीं है. abhyas ka mahatva par hindi mein nibandh,

दोस्तों अभ्यास का जीवन में बड़ा ही महत्व होता है अगर आपको किसी भी क्षेत्र में सफलता अर्जित करना है तो अभ्यास निरंतर जारी रखना होगा चाहे आप कौन सी भी पढ़ाई कर रहे हैं या फिर कोई सा बिजनेस कर रहे हैं या किसी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं या कोई काम कर रहे हैं,अगर आपको सफलता अर्जित करना है तो बार बार प्रयास करना होगा.

दोस्तों दरअसल हम जब भी कोई काम बार-बार करते हैं तो हम उसमें परफेक्ट हो जाते हैं यानी जब हम काम करते हैं तो बहुत सारी गलतियों से हमें गुजारना होता है और जब हमको पता लग जाता है कि कोन सी गलती करने से हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं और उस गलती को हमारे जीवन से हम हमारे काम से निकाल देते हैं और जीवन में सफल हो जाते हैं,दोस्तों बार बार अभ्यास करने से जिंदगी में कुछ भी पाया जा सकता है,आप सभी दशरथ मांझी को भी जानते होंगे जिन्होंने बार बार लगातार प्रयास करके यानी लगातार 22 सालों तक प्रयास करके पर्वत को भी झुकने के लिए मजबूर कर दिया,दोस्तों हमको जिंदगी में कभी भी हार नहीं मानना चाहिए और बार बार अभ्यास कर जिंदगी में सफलता पाने के लिए अग्रसर होना चाहिए.

दोस्तों जब हम किसी काम में सफलता अर्जित कर लेते हैं तो लोग हमारी तारीफ करते हैं और हमारा स्वागत करते हैं क्योंकि बार-बार प्रयास करने से हम उस काम में परफेक्शन हासिल कर लेते हैं जिस काम में परफेक्ट होना बहुत मुश्किल होता है दोस्तों वाकई में अगर आप बार बार लगातार प्रयास करो निरंतर अभ्यास करो तो दुनिया में कोई भी काम असंभव नहीं है आप कुछ भी कर सकते हैं,दोस्तों जब हम किसी काम को बार बार-बार करते हैं तो हमें बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है लोग हमारा मजाक उड़ाते हैं क्योंकि हम एक ही काम को बार-बार करते हैं लेकिन अगर हमने लोगों की सुनी तो हम जिंदगी में कुछ भी नहीं कर पाएंगे.

हर सफल व्यक्ति जो बहुत बार प्रयास करने से सफल होता है उसका लोगों ने मजाक उड़ाया है लेकिन सफलता अर्जित करने के बाद वही मजाक उड़ाने वाले व्यक्ति आपका साथ देने लगते हैं यही दुनिया का नियम होता है इसलिए आप कभी भी बार-बार प्रयास,अभ्यास करने से पीछे मत होइए और अपने लक्ष्य के लिए हमेशा प्रयास कीजिए क्योंकि दुनिया में वही जाना जाता है जो किसी  काम में परफेक्ट होता है.

दोस्तों निरंतर अभ्यास करने के लिए आपको एक टाइम टेबल बनाना होगा और ऐसे लोगों से मिलना होगा जो अच्छी सोच और पॉजिटिव सोच रखते हैं क्योंकि अगर आप निगेटिव सोच रखने वाले लोगों के बीच में रहते हो तो कहीं ना कहीं आप पर उसका असर गलत पड़ता है इसलिए निरंतर प्रयास करते रहिए और अभ्यास करते रहिए.

 

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